बिजनस में भारत की रैंकिंग सुधारने के लिए मोदी सरकार ले रही है MNC से राय

Published Date 2016/10/11 13:58, Written by- FirstIndia Correspondent

PMO ने ईज ऑफ डूइंग बिजनस में भारत की रैंकिंग सुधारने के लिए टॉप ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म मैकिंजी और देश में काम करने वाली कई मल्टीनैशनल कंपनियों से संपर्क किया है। यह जानकारी इस मीटिंग में शामिल होने वाले तीन सूत्रों ने दी। PMO ने उनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनस की राह की अड़चनों को खत्म करने के उपायों पर बात की है। PMO के सबसे सीनियर ब्यूरोक्रेट ने इस सिलसिले में मैकिंजी, बोईंग, युनिलीवर, कोका कोला, एबीबी और वोडाफोन की भारतीय सब्सिडियरीज के टॉप एग्जिक्युटिव्स से 24 सितंबर को मुलाकात की थी।

 

प्राइम मिनिस्टर्स ऑफिस में प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्रा दूसरे ब्यूरोक्रेट्स के साथ मैकिंजी के प्रेजेंटेशन में शामिल हुए। ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म की तरफ से यह प्रेजेंटेशन सीनियर पार्टनर आलोक क्षीरसागर और उनकी टीम ने दिया था। सूत्रों के मुताबिक, इसमें बताया गया कि देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनस को किस तरह से बेहतर बनाया जा सकता है। क्षीरसागर के प्रेजेंटेशन में वोडाफोन इंडिया के सीईओ सुनील सूद, बोईंग इंडिया के प्रत्युष कुमार, हिंदुस्तान युनिलीवर के संजीव मेहता, कोका कोला इंडिया के वेंटकेश किणी, एबीबी इंडिया के संजीव शर्मा और नोवार्टिस सहित दूसरी कंपनियों के टॉप एग्जिक्युटिव्स भी शामिल हुए।

 

इस मीटिंग की अध्यक्षता नृपेंद्र मिश्रा ने की। मीटिंग में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत भी शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि लेबर लॉ कंप्लायंस के डिजिटाइजेशन और मोदी सरकार के सेल्फ-सर्टिफिकेशन इनिशिएटिव के दायरे में कंपनियों को लाने पर मीटिंग में चर्चा हुई। कंप्लायंस प्रोसेस को आसान करने, डॉक्युमेंटेशन का झंझट कम करने और अलग-अलग मंत्रालयों के प्रोसेस को एक जैसा करने पर भी बात हुई। मीटिंग में चर्चा हुई कि किस तरह से ग्लोबल और इंडियन स्टैंडर्ड्स के बीच अंतर को खत्म किया जा सकता है।

 

मीटिंग में मौजूद एक सीनियर ब्यूरोक्रेट ने कहा कि इस पहल का यह शुरुआती फेज है। इसमें शामिल दो अन्य सीईओ ने भी ऐसी ही बात कही। हालांकि, इन सभी ने मीटिंग के बारे में और जानकारी देने से मना कर दिया। मैकिंजी ऐंड कंपनी के इंडियन ऑपरेशंस को भेजी गई ईमेल का भी जवाब नहीं मिला। कंपनी की तरफ से कहा गया कि उसके ऑफिशल्स यात्रा कर रहे हैं।

 

खबर है कि मिश्रा ने अपने ब्यूरोक्रेट्स सहकर्मियों को तय समय के अंदर प्लान पेश करने को कहा है। जिन चीजों को प्राथमिकता में रखा गया है, उस पर उन्होंने नौकरशाहों को तेजी से काम करने का आदेश दिया है। लेबर लॉ कंप्लायंस के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर एक जैसा सिस्टम बनाने और इसे डिजिटाइज करने पर मीटिंग में काफी जोर दिया गया। फैक्टरियों में फिजिकल रजिस्टरों का इस्तेमाल खत्म करने पर भी चर्चा हुई। ऐसी खबर है कि PMO इस मामले में प्रोग्रेस पर नजर रखेगा और मिश्रा 30 दिनों में रिव्यू मीटिंग करेंगे।

 

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