महज 20 साल की उम्र और तीन शादियां, चौथे शिकार की फिराक में लुटेरी दुल्हन

Published Date ,Updated 2018/06/08 09:37, Written by- FirstIndia Correspondent

गिरवा (उदयपुर)। उदयपुर जिले में गिरवा तहसील के कुराबड़ गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरत में डाल दिया है। हर कोई इस मामले के बारे में जानकर ताज्जुब कर रहा है कि क्या किसी परिवार में बहु लाने के बाद उस पर विश्वास किया जा सकता है। दरअसल, गांव में जावर माइंस थाना क्षेत्र में पुलिस ने जैन समाज के लोगों को शादी का झांसा देकर रुपये ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर एक लुटेरी दुल्हन को गिरफ़्तार किया है। बताया जा रहा है कि दुल्हन चौथे परिवार को शादी का निशाना बनाने की तैयारी में थी, लेकिन इससे पहले ही वह धर ली गई।

थाना अधिकारी धनपत सिंह बरोड़ ने बताया कि अनिल जैन पिता सोहन लाल जैन निवासी गोल मार्किट जावर माइंस ने रिपोर्ट दी थी कि उसके भाई अशोक कुमार की शादी 17 जुलाई 2017 को हिन्दू रीति—रिवाज से करवाई गई थी। उसकी शादी दक्षिणी भारत की एक लड़की मेत्रावती निवासी बेलगांव कर्नाटक से धूमधाम के साथ हुई थी। शादी के लिए दलाल से 5 लाख का करार भी हुआ था। इसके बावजूद मात्र दो महीने में धोखा देकर दुल्हन फरार हो गई। इसके बाद दलाल से ये परिवार लगातार सम्पर्क कर रहा था, लेकिन दलाल और पैसों की मांग करने लगा। इस पर दलाल से इस बारे में सौदा तय हुआ।

मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस इसकी जांच कर रही थी। बताया गया कि दलाल पवन कुमार जैन पिता मनोहर लाल जैन निवासी गुडली थाना डबोक तथा उसकी पत्नी ममता उर्फ़ मासाफ बानो निवासी इनामगल थाना धारवाड़ कर्नाटक हाल मुकाम गुडली को गिरफ्तार किया। इस पर पुलिस दुल्हन की तलाश कर रही थी और सरगना ने दुल्हन को डूंगरपुर में होना बताया।

इस पर पुलिस को सूचना के आधार पर भरत जैन पिता देवीलाल जैन निवासी पाडवा थाना क्षेत्र सागवाड़ा ज़िला डूंगरपुर को इसने 9 मई 2018 को शादी कर दी और 4 लाख 50 हजार में सौदा तय हुआ और उसके साथ रह रही थी। पुलिस ने बुधवार को दबिश देकर लुटेरी दुल्हन मेत्रावती उर्फ़ नेत्रावती पूरी मडिब्ल्या पुजेर जाती ब्राह्मण निवासी मारीकट्टी हल्ली सम्प गांव बेळगांव राज्य कर्नाटक को गिरफ्तार किया।

उम्र 20 वर्ष चौथी शादी की तैयारी में धरी गई :
पुलिस ने बताया कि कच्ची उम्र में लुटेरी दुल्हन की शादी पहली बार कर्नाटक में हुई, उसके कुछ समय बाद शादी रहने के बाद ससुराल और पति से अनबन हो गई और उससे तलाक लेना पड़ा। तलाक के बाद गरीबी के कारण उसे घर गुजरा चलाना था तो उसे जिस्मफिरोशी का काम शुरू कर दिया, जिसमें मेत्रावती दलालों के झांसे में आ गई और उसे वहां से लाकर जावर माइंस में शादी करवा दी। इसके बाद फिर दलाल ने दुल्हन को मोहरा बनाया और पाडवा डूंगरपुर में तीसरी शादी करवा दी। यहां पर भी दलाल का मन नहीं भरा और उसकी चौथी शादी उदयपुर में जैन समाज के परिवार में सौदा तय हो रहा था, लेकिन तभी दलाल को टीडी से गिरफ्तार कर लिया गया और जैन परिवार लुटने से बच गया।r

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