चूंकि इस बार समूहों में सीधी टक्कर नहीं होने के कारण उम्मीदवार को व्यक्तिगत छवि से ही सफलता मिलेगी। शनिवार से ही सोशल मीडिया व SMS संदेश और फोन कॉल के माध्यम से उम्मीदवार मतदाताओं को रिझाने के प्रयास शुरू हो चुके हैं। चुनावों के नामांकन के समय कुल 39 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए थे, लेकिन नाम वापसी के बाद अब कुल 20 उम्मीदवार ही मैदान में बचे हैं।

माना जा रहा है कि इन 20 प्रत्या​शियों में से संगठित रूप से चुनाव लड़ रहे 15 जौहरियों के यूनाइटेड ज्वैलर्स ग्रुप का पलड़ा भारी लग रहा है। लेकिन मतदाता कभी भी बाजी पलट देते हैं। ऐसे में यूनाइटेड ज्वैलर्स ग्रुप के कितने सदस्यों के गले में जीत की वरमाला पड़ती है, यह चुनाव परिणाम ही बताएंगे।

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ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर में फिर चुनाव की रणभेरी

Published Date 2018/05/05 08:09, Written by- FirstIndia Correspondent

जयपुर (विमल कोठारी)। रंगीन रत्नों व आभूषणों का कारोबार करने वाले जौहरियों की जयपुर के सबसे बड़े संगठन ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर में फिर चुनावों की रणभेरी बज गई है। शनिवार को निर्विरोध चुनाव सम्पन्न कराने के जौहरियों के प्रयास फिर विफल हो गए। अब करीब छह हजार सदस्यों के इस संगठन के 15 प्रतिनिधियों के 9 मई को चुनाव होंगे। ये प्रतिनिधि ही एसोसिएशन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों का चयन करेंगे। बता दें कि ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर राज्य के दूसरे सबसे बड़े ज्वैलरी शो 'जस' का भी आयोजक है।

ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर के चुनावों को लेकर शहरभर में रंगत हो जाती है। उम्मीदवार अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए जयपुर के ह्रदय स्थल जौहरी बाजार को पोस्टर व बैनर्स से पाट देते हैं। प्रतिभाेज, रैलियां व जनसम्पर्क अभियान चलाते हैं, लेकिन पिछले चुनावों में हुए बेशुमार खर्च व बाजार में चल रही कथित मंदी के कारण इस बार ऐसा कुछ होने वाला नहीं है। इसके कारण एसोसिएशन स्तर पर लिया गया फैसला है।

इस फैसले में उम्मीदवार केवल व्यक्तिगत सम्पर्क करने का ही निर्णय लिया गया है। शनिवार दोपहर को चुनाव से ही पदाधिकारियों का चयन होने का फैसला होने के बाद प्रमुख ज्वैलर्स ने 15 उम्मीदवारों के यूनाइटेड ज्वैलर्स ग्रुप का गठन किया। इस समूह में पिछले चुनावों में आमने-सामने रहे उम्मीदवार भी एक ही झण्डे के नीचे आ गए। इससे चुनावी सरगर्मी की प्रतीक्षा कर रहे जौहरियों को शायद ही मजा आए।

चूंकि इस बार समूहों में सीधी टक्कर नहीं होने के कारण उम्मीदवार को व्यक्तिगत छवि से ही सफलता मिलेगी। शनिवार से ही सोशल मीडिया व SMS संदेश और फोन कॉल के माध्यम से उम्मीदवार मतदाताओं को रिझाने के प्रयास शुरू हो चुके हैं। चुनावों के नामांकन के समय कुल 39 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए थे, लेकिन नाम वापसी के बाद अब कुल 20 उम्मीदवार ही मैदान में बचे हैं।

माना जा रहा है कि इन 20 प्रत्या​शियों में से संगठित रूप से चुनाव लड़ रहे 15 जौहरियों के यूनाइटेड ज्वैलर्स ग्रुप का पलड़ा भारी लग रहा है। लेकिन मतदाता कभी भी बाजी पलट देते हैं। ऐसे में यूनाइटेड ज्वैलर्स ग्रुप के कितने सदस्यों के गले में जीत की वरमाला पड़ती है, यह चुनाव परिणाम ही बताएंगे।

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