गौरतलब है कि राजस्थान में सोमवार से शुरु हो रहे विधानसभा सत्र में सरकार एक ऐसा बिल ला रही है, जिसके तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी, जज और पूर्व जज के खिलाफ शिकायत या फिर मामला दर्ज कराना अब आसान नहीं होगा। नौकरशाहों के खिलाफ शिकायत या एफआईआर दर्ज कराने के लिए पहले सरकार की परमिशन लेनी होगी।

इस अध्यादेश के अनुसार कोई भी लोकसेवक अपनी ड्यूटी के दौरान लिए गए निर्णय पर जांच के दायरे में नहीं आ सकता है, सिवाय कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर 197 के। वहीं किसी लोकसेवक के खिलाफ कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं करा सकता। किसी भी जज, मजिस्ट्रेट या लोकसेवक के खिलाफ सरकार से मंजूरी लिए बिना किसी तरह की जांच नहीं की जाएगी।

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राहुल गांधी ने साधा वसुंधरा पर निशाना, कहा — ये 1817 नहीं, 2017 है मैडम

Published Date 2017/10/22 02:52, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। राजस्थान सरकार की ओर से लाए जा रहे नए अध्यादेश को लेकर कांग्रेस के भावी राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर तंज कसा है। राहुल ने वसुंधरा पर निशाना साधते हुए माइक्रो—ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर ट्वीट करते हुए कहा कि हम 21वीं सदी में जी रहे हैं। ये 1817 नहीं बल्कि 2017 है।

कांग्रेस के होने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधा है। राहुल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि, 'मैडम चीफ मिनिस्टर, हम 21वीं सदी में जी रहे हैं। ये 2017 है, 1817 नहीं।'

गौरतलब है कि राजस्थान में सोमवार से शुरु हो रहे विधानसभा सत्र में सरकार एक ऐसा बिल ला रही है, जिसके तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी, जज और पूर्व जज के खिलाफ शिकायत या फिर मामला दर्ज कराना अब आसान नहीं होगा। नौकरशाहों के खिलाफ शिकायत या एफआईआर दर्ज कराने के लिए पहले सरकार की परमिशन लेनी होगी।

इस अध्यादेश के अनुसार कोई भी लोकसेवक अपनी ड्यूटी के दौरान लिए गए निर्णय पर जांच के दायरे में नहीं आ सकता है, सिवाय कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर 197 के। वहीं किसी लोकसेवक के खिलाफ कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं करा सकता। किसी भी जज, मजिस्ट्रेट या लोकसेवक के खिलाफ सरकार से मंजूरी लिए बिना किसी तरह की जांच नहीं की जाएगी।

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