आयकर वसूली में राजस्थान काे मिला नया टार्गेट, लक्ष्य में 20% बढ़ोतरी

Published Date 2018/06/22 07:00,Updated 2018/06/22 07:36, Written by- FirstIndia Correspondent

जयपुर (विमल कोठारी)। राज्य में आयकर विभाग को इस वित्त वर्ष में 22362 दशमलव 06 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य मिला है। CBDT की ओर से देशभर के राज्यों को जारी आयकर राजस्व लक्ष्यों में राजस्थान के टार्गेट में इस बार पिछले साल के मूल लक्ष्य के 18187 करोड़ रुपए की तुलना में करीब 23% और एकत्र किए गए। आयकर के 18692.80 करोड़ की तुलना में 19.62% की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में अब व्यावसायिक व औद्योगिक मंदी के इस दौर में आयकर विभाग के सामने नए लक्ष्य प्राप्त करना एक चुनौती होगा। देखिए फर्स्ट इण्डिया न्यूज की ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट...

देश में प्रत्यक्ष कर संग्रहण को नियंत्रित करने वाले केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड अर्थात CBDT ने राज्य के आयकर विभाग के आला अधिकारियों के सामने गत वर्ष की आयकर वसूली की तुलना में 19.62% अधिक आयकर राजस्व जुटाने की चुनौती रखी है। CBDT की ओर से जारी प्रारंभिक आयकर राजस्व वसूली आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान को 22362.06 करोड़ रुपए का नया लक्ष्य दिया गया है। यह राशि पिछले साल के मूल आयकर राजस्व लक्ष्य के 18187 करोड़ रुपए की तुलना में 4175 करोड़ रुपए एवं गत वर्ष के कुल आयकर संग्रहण के 18692.80 करोड़ की तुलना में 3669.26 करोड़ रुपए अधिक है।

सूत्रों का कहना है कि 31 दिसम्बर 2017 तक के आंकड़ों में तो राज्य का आयकर विभाग मूल आवंटित बजट से भी पीछे चल रहा था। विभाग के उच्चाधिकारियों के दवाब, अग्रिम कर वसूली की आक्रामक रणनीति व अपील इफेक्ट का लाभ करदाता को नहीं देने, करदाताओं के 25 हजार से अधिक राशि के आयकर रिफण्ड का भुगतान नहीं करने के अघोषित आदेश जैसे कुछ टोटकों के कारण फरवरी माह में विभाग के राजस्व आंकड़ों की हालत में कुछ सुधार हुआ और राजस्व राशि बजट लक्ष्य के आस-पास नजर आने लगी।

इसके बाद केन्द्र सरकार ने देश के आयकर राजस्व वसूली लक्ष्य में बढ़ोतरी का फैसला किया, जिससे राजस्थान का बजट लक्ष्य 1592 करोड़ रुपए से बढ़कर 19779 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। इसे भरसक प्रयास के बावजूद राज्य के अधिकारी नहीं छू सके और 31 मार्च 2018 को राज्य में कुल आयकर वसूली 18692.80 करोड़ के स्तर पर अटक गई।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2018 को समाप्त वित्तीय वर्ष में राजस्व वसूली में आयकर राजस्व वसूली की हालत अच्छी नहीं थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में आयकर वसूली की राशि 18692.80 करोड़ रुपए के स्तर पर थी, जो मूल रूप से आवंटित 18187 करोड़ रुपए से तो करीब 2.75% अधिक रही, लेकिन संशोधित बजट की तुलना में वसूली करीब 5.6% कम रही।

अब सरकार ने इस साल आयकर के रूप में 9347.60 करोड़ व कॉरपोरेट टैक्स के रूप में 9345.20 करोड़ रुपए अर्थात कुल 22362 दशमलव 06 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य हासिंल करने की चुनौती दी है, जो करदाता की आय में सीमित बढ़ोतरी की विपरीत परिस्थितियों में प्राप्त करना नामुमकिन तो नहीं, लेकिन अत्यन्त कठिन जरूर होगा।

राज्य के मुख्य आयकर आयुक्तों के राजस्व लक्ष्य :
— PCCIT जयपुर : 3778.88 करोड़ रुपए
— CCIT उदयपुर : 6725.42 करोड़ रुपए 
— CCIT जोधपुर : 1037.48 करोड़ रुपए
— CIT TDS : 9843.33 करोड़ रुपए
— DGIT Inv. : 837.39  करोड़ रुपए
— CIT Int. टैक्स :139.56  करोड़ रुपए
— कुल राजस्व : 22362.06 करोड़ रुपए

31 मार्च 2018 को राजस्थान में आयकर वसूली का लेखा जोखा :

कार्यालय

मार्च 18 तक प्राप्त राजस्व मार्च 17 को प्राप्त राजस्व

अंतर

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त राजस्थान

18692.80 करोड़ रुपए 19811.09 करोड़ रुपए

-5.60%

महानिदेशक आयकर अन्वेषण कार्यालय

691.60 करोड़ रुपए 480.10 करोड़ रुपए

44.10%

मुख्य आयकर आयुक्त जोधपुर कार्यालय

1982.80 करोड़ रुपए 1564.40 करोड़ रुपए

26.70%

मुख्य आयकर आयुक्त जयपुर कार्यालय

7912.80 करोड़ रुपए 7490.60 करोड़ रुपए

5.60%

महानिदेशक अन्तरराष्ट्रीय कराधान कार्यालय

121.10 करोड़ रुपए 118.80 करोड़ रुपए

1.90%

मुख्य आयकर आयुक्त उदयपुर कार्यालय

8082.40 करोड़ रुपए 10280.90 करोड़ रुपए

-21.40%

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