आरबीआई से अपना रिजर्व हिस्सा चाहती है केंद्र सरकार

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/06 03:43

नई दिल्ली। केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच लगातार घमासान जारी है। इस बीच खबर है कि केंद्र आरबीआई से अपने हिस्से का पैसा वापिस चाहती है। आशंका है कि केंद्र सरकार 19 नवंबर को होने वाली रिजर्व बोर्ड की बैठक में  अपना अहम एजेंडा सामने करते हुए बोर्ड में रिजर्व बैंक गवर्नर की भूमिका को कम करने का काम कर सकती है। दरअसल, खबर के मुताबिक केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक गवर्नर के बीच विवाद की अहम वजह केन्द्रीय रिजर्व बैंक के पास मौजूद 9.6 ट्रिलियन यानि 9.6 लाख करोड़ रुपये की रकम है।

जानकारी के मुताबिक केन्द्र सरकार रिजर्व बैंक के पास पड़ी इस रिजर्व मुद्रा का लगभग एक-तिहाई हिस्सा लेना चाहती है। केन्द्र सरकार का रुख है कि इतनी बड़ी मात्रा में रिजर्व मुद्रा रखना रिजर्व बैंक की पुरानी और संकुचित धारणा है और इसे बदलने की जरूरत है। वहीं इसके उलट रिजर्व बैंक का मानना है कि रिजर्व मुद्रा को खर्च करना उचित नहीं है. इस खर्च से कमाई में इजाफा नहीं होगा और यह खर्च महज सरकारी खर्च बनकर रह जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2017-18 में रिजर्व बैंक ने 50,000 करोड़ रुपये की रकम अपने रिजर्व से केन्द्र सरकार को दी थी।

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