71 साल बाद पहुंची सड़क, लोगों ने कहा अब आई 'आजादी' 

Published Date 2018/07/12 07:32, Written by- FirstIndia Correspondent

पटना। गांव में एक नहीं बल्कि 3 पीढ़ियाँ गुजर गयी, मगर उनके गांव तक एक अदद सड़क भी पहुँच सकी। साल के 12 महीने ग्रामीणों को पैदल या फिर कमर भर पानी में घुसकर अपने घर जाना पड़ता था। महिलाओं का हाल तो पूछिए मत। शायद यही वजह थी कि इस गांव मे कोई अपनी बेटी तक ब्याहना पसंद नहीं करता। देश की आजादी के 71 साल बाद इस गांव में जब पहली बार पक्की सड़क आने की पहल हुई, तो ग्रामीणों में त्यौहार का माहौल बन उठा।  ये मामला है पटना जिले के बाढ़ प्रखण्ड अंतर्गत चालीसकुरवा गांव का। 

ग्रामीण धूप अगरबत्ती जलाकर जमीन और रास्ते की पुजा कर रहे हैं। जहां अब पक्की सड़क का निर्माण अंतिम दौर मे है। एक सड़क का निर्माण हमारे आपके लिए आम बात होगी, लेकिन 1500 की आबादी वाले इस गांव के लिए सड़क का पहुँचना एक नए युग की शुरुआत से कम नहीं है। दरअसल देश की आजादी के 71 साल बाद भी चालीसकुरवा गांव तक कोई सड़क नहीं पहुंची थी। गांव की पगडंडियों के सहारे करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर लोग अपने घर पहुँचते थे। साल के 4 महीने लोगों को कमर भर पानी में घुसकर जाना पड़ता था। लोगों ने मान भी लिया था कि यही उनकी नियति है। 

लेकिन एक साल पूर्व पड़ोस के पंचायत के एक युवा मुखिया ने चालीसकुरवा गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए प्रयास शुरू किया। काफी कागजी घोड़े दौड़ाए गए। आखिरकार विकास का दंभ भरने वाली सरकार की नजर गई और इस गांव में सड़क निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया।  इस गांव को संपर्क पथ से जोडने वाली करीब 2 किमी सड़क का निर्माण अब अंतिम दौर मे है। लिहाजा गांव वालों की खुशी का ठिकाना नहीं।  ग्रामीण हर रोज सड़क निर्माण का काम शुरू होने से पूर्व रास्ते की पूजा पाठ करते है। उम्र की अंतिम दहलीज पर पहुँच चुकी गांव की बूढ़ी पीढ़ी का सपना है कि वो अपनी आंखो से अपने गांव की सड़क को अब देख सकेंगे।

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