नलकूप निर्माण के ठेके के नाम पर जलदाय विभाग में फिर फर्जीवाड़ा

Naresh Sharma Published Date 2018/05/16 07:46

जयपुर (नरेश शर्मा)। जलदाय विभाग में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस बार फर्जीवाड़ा नलकूप बनाने में हुआ है। झुंझुनूं जिले के खेतड़ी में 52 फर्जी नलकूपों का निर्माण दिखाकर 330 लाख रुपए का फर्जी तरीके से भुगतान का खुलासा है। इस मामले में जलदाय विभाग के आला अफसर शामिल हैं।

जलदाय विभाग के भ्रष्टाचार के कारण हमेशा से बदनाम रहे हैं। भ्रष्टाचार के कई बड़े अफसर गिरफ्तार भी हो चुके हैं और लेकिन अधिकारी है कि सुधरने का नाम नहीं लेते हैं। नया मामला झुंझुनूं जिले के खेतड़ी का है। यहां पर पचार एंड कंपनी को 200 एमएम व्यास के नलकूप निर्माण का काम दिया गया था, लेकिन इस काम में बड़े खेल हो गए। आइए आपको बताते हैं कि किस तरह फर्जीवाड़ा किया गया है।

अधिशाषी अभियंता खेतड़ी ने वर्ष 2012-13 में 140 नलकूप निर्माण कार्य के लिए निविदा आमंत्रित की थी। विभाग ने नौ प्रतिशत से भी ज्यादा दर पर मैसर्स पचार एंड कंपनी जवाहरपुरा को 325 लाख रुपए में स्वीकृति जारी कर दी। कुछ समय बाद मूल निविदा पर वित्तीय सीमा बढ़ा दी गई और इस काम को 487 लाख रुपए का कर दिया गया। यानि 162 लाख रुपए की अतिरिक्त सीमा बढ़ा दी। मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत आईडी खान ने तब यह स्वीकृति दी थी।

अधीक्षण अभियंता ने फर्म को कुल 140 नलकूप की स्वीकृति दी थी, लेकिन इसमें से ठेकेदार द्वारा 137 नलकूप ही बनाए गए। शेष तीन नलकूप भूजल विभाग द्वारा खुदवाए गए। अब देखिए कि नलकूप के माध्यम से किस तरह पैसों का बड़ा खेल हुआ। अधिशाषी अभियंता राजपाल सिंह के इस पत्र से साफ दिख रहा है कि पचार एंड कंपनी ने 24 अगस्त 2012 को काम किया था और 11 अगस्त 2013 में इसे पूरा कर दिया।

राजपाल सिंह के इस पत्र में यह भी लिखा है कि फर्म को  140 नलकूप निर्माण के लिए 484 लाख रुपए का भुगतान किया गया। पहला घपला तो यही है कि फर्म ने 137 नलकूप बनाए थे, लेकिन भुगतान यहां 140 का दिखाया गया है। अधिशाषी अभियंता राजपाल सिंह ने यह अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है।

नौ मई 2018 को एक और अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस बार अधिशाषी अभियंता बदल गए। देवकरण सिंह श्योराण ने अब 140 की जगह 192 नलकूपों की सूची भेज दी और लिखा कि इस काम के लिए 817 लाख रुपए खर्च किए गए। यही नलकूपों को लेकर फर्जीवाड़ा किया गया है। पहले तो वित्तीय सीमा 162 लाख बढाकर 487 लाख रुपए कर दी गई और अब 52 नलकूपों का फर्जी इंद्राज करके 330 लाख रुपए का फर्जी भुगतान कर दिया गया। भूजल विभाग द्वारा खुदवाए गए तीन नलकूपों का भी भुगतान ठेकेदार की फर्म को कर दिया गया।

जलदाय विभाग के सूत्रों के अनुसार, नलकूपों के इस खेल में जयपुर से खेतड़ी तक अधिकारियों की मिलीभगत है। विभाग में पहले भी बड़ घपले हुए हैं और पहले भी ऐसे मामलों को दबाया गया है, क्योंकि भ्रष्टाचार के छींटे कईयों पर लगे हुए हैं। ऐसे में देखना है कि फर्जीवाड़े का यह मामला भी फाइलों दफन कर दिया जाएगा या फिर सचिवालय में बैठे विभाग के आला अफसर व सरकार जांच कराके दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जानिए गुलाब के पुष्पों के चमत्कारी उपायों के बारे में | Good Luck Tips

11:00 बजे की सुपर फास्ट खबरें
Big Fight Live | छिटकने लगी \'कलियां\' ! | 12 NOV, 2018
\'Face To Face\' With Divya Dutta, Film Actress and Model | Exclusive Interview
योगी के राम मंदिर बयान पर कांग्रेस का पलटवार
चुनावी नामांकन का क्या महत्व रहता है? किस अंक वाले को किस दिन नामांकन करना शुभ रहेगा?
नीमराणा के डाबड़वास गांव में फूड पॉइजनिंग, मरीजों की तादाद 800 से 1000 के बीच में
न्यायाधीश माथुर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
loading...