इस मंदिर में हुआ था शिव-पार्वती का विवाह, आज भी प्रज्वलित है मंडप की अग्नि

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/05/05 02:10

रुद्रप्रयाग। भारत के उत्तरांचल राज्य में बसा रुद्रप्रयाग जिला वैसे तो कई कारणों से प्रसिध्द है, लेकिन यहां भगवान शिव का एक मंदिर विशेष रूप से विख्यात है। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि यहीं पर भगवान शिव और आदि शक्ति पार्वती का विवाह हुआ था। 

अलकनंदा तथा मंदाकिनी नदियों का संगमस्थल कहलाने वाले रुद्रप्रयाग में स्थित 'त्रियुगी नारायण' नाम की एक पवित्र जगह है, जहां सतयुग में भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह किया था। कथाओं के अनुसार तब यह स्थान ‘हिमवत’ की राजधानी के रूप में जाना जाता था।

गौरतलब है कि मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए माता पार्वती ने इसी स्थान परर तपस्या की थी,  जिसके बाद महादेव ने इसी मंदिर में उनसे विवाह किया था। वैसे आप माने या ना माने लेकिन वहां के निवासियों के अनुसार हवन कुंड में जलने वाली अग्नि उसी दिव्य विवाह का प्रतिक है।

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