सड़क पर उतर रही है प्यासी जनता, कैलाश वर्मा के खिलाफ हुई नारेबाजी

Published Date 2018/06/12 10:19, Written by- Naresh Sharma

जयपुर। जलदाय विभाग के अधिकारी फ्री में विदेश यात्रा की तैयारी में जुटे हैं, तो राजधानी के लोग पानी के लिए सड़क पर उतरे हुए हैं। आज बगरू विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने स्थानीय विधायक व संसदीय सचिव कैलाश वर्मा के सरकारी निवास पर जमकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने इस दौरान विधायक के स्टाफ को चूड़ियां भेंट की और उनकी पुलिस से भी खींचतान हुई।

गर्मी लगातार बढ़ रही और जनता के गुस्से का पारा भी। आखिर हो भी क्यों न, पीने को पानी जा नहीं मिल रहा। जब चुनाव में वोट की बात आती है, तो नेता घर-घर घूमते हैं, लेकिन जब पानी की बूंदे मांगी जाती है, तो ये नेता गायब हो जाते हैं। असर यह होता है कि जनता को नेताओं के घर धावा बोलना पड़ता है। यही दृश्य है बगरू विधायक व संसदीय सचिव कैलाश वर्मा के बजाज नगर स्थित सरकारी निवास का। जगतपुरा इलाके के दर्जनों लोगों ने आज रैली के रूप में यहां आकर प्रदर्शन किया। विधाय के निजी स्टाफ व पुलिसकर्मियों ने इनको रोकने की कोशिश की, लेकिन गुस्सा इतना था कि लोग बंगले के अंदर आकर बैठ गए और विधायक व जलदाय विभाग के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की।

महिलाओं का आरोप था कि हम पानी मांगने आए हैं। पूरे इलाके में सरकारी नल नहीं है। अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत से टैंकर का पानी सरेआम बेचा जाता है। जब तक बीसलपुर का पानी नहीं आ जाता, तब तक कम से कम टैंकर से तो पानी पिलाया जाए, लेकिन यह भी नसीब नहीं हो रहा। गुस्सा इतना कि महिलाए चूड़ियां लहराने लगी। कहा, विधायक यदि काम नहीं कर सकते, तो फिर चूड़िया पहनकर बैठ जाए। 

जब लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता रहा, तो फिर विधायक कैलाश वर्मा ने उनसे फोन पर बात की और उनकी समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। कांग्रेस ने भी लगे हाथ इस प्रदर्शन में हाथ बंटा दिया। कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने भी लोगों का साथ दिया और नारेबाजी की। प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक पंकज शर्मा काकू ने कहा कि अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों के घर प्रदर्शन तब तक इसी तरह जारी रहेगा, जब तक पानी की समस्या दूर नहीं हो जाती।

प्रदर्शन की ये तस्वीरें सिर्फ विधायक के निवास तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में जगह जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल ने गर्मी के लिए लोगों को राहत पहुंचाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई थी, लेकिन सचिवालय व जल भवन में एयर कंडीशन में बैठे अधिकारी इसको पूरी तरह लागू नहीं कर सके। अधिकारियों व ठेकेदारों का गठंबधन भी इसमें बाधा बना हुआ है। टैंकर से पानी सप्लाई की बात की जाती है, लेकिन ये टैंकर रसूखदारों की कोठियों पर जाकर खाली हो जाते हैं। कई जगह तो 500 रुपए तक में टैंकर का पानी बेचा जा रहा है। जरूरत जनता को राहत पहुंचाने की है, लेकिन दूसरी तरफ विभाग के कुछ इंजीनियर फ्री में विदेश यात्रा के हर्षोन्माद में सब कुछ भूल गए हैं। वे वीसा व पासपोर्ट में लगे हुए हैं। फ्री का चंदन मिल रहा है, तो कौन नहीं घिसना चाहेगा। ऐसे में अब विभाग के मुखिया को सोचना होगा कि फ्री की विदेश यात्रा अहम हैं या जनता तक पानी पहुंचाना प्राथमिकता है।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in


loading...

-------Advertisement--------



-------Advertisement--------