ऑनलाइन प्रोसेस के बावजूद सुकून में ब्यूरोक्रेसी के आला अधिकारी

Dr. Rituraj Sharma Published Date 2018/10/10 04:47

जयपुर। सरकारी आवास के आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद ब्यूरोक्रेसी के आला अधिकारी सुकून में हैं। इसका कारण है कि जिस आउट ऑफ टर्न पॉलिसी के जरिये आवास आवंटन की न्यायपूर्ण व्यवस्था नहीं बन पा रही थी, वह सिस्टम नए सॉफ्टवेयर में भी रखा गया है। इससे फिर एक बार जीएडी की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। जीएडी में टेक्नोफ्रेंडली मुखिया आने के बाद वर्षों से अटकी ऑनलाइन आवास प्रणाली लागू तो हो गई है, लेकिन खामियों के चलते यह सार्थक नहीं हो पा रही है।

सॉफ्टवेयर से कैसे होगी सरकारी आवास आवंटन की प्रक्रिया :
- किस श्रेणी का कौन सा सरकारी आवास खाली है, इसकी जानकारी है सॉफ्टवेयर में।
- इसके आधार पर ऑनलाइन ही सरकारी आवास के लिए आवंटन होगा।
- पात्रता आधार पर आवास का आवंटन करना होगा सुनिश्चित।
- आवेदन से लेकर आवंटन तक की प्रक्रिया है ऑनलाइन।
- दिल्ली मॉडल का अध्ययन करके आये थे अधिकारी।
- अपने लॉग इन, पासवर्ड से वेबसाइट पर होगा आवेदन।
- वरीयता के आधार पर ऑनलाइन होगा आवंटन।
- बाहर बैठे अधिकारियों के भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा।
- सक्षम स्तर पर ऑनलाइन एप्रूवल की भी दी जानी थी सुविधा।

क्या है प्रक्रिया :
- इस आवेदन के साथ आवेदक को शपथ पत्र भी देना होगा कि उसका कहीं आवास नहीं है।
- साथ ही अधिकारी-कर्मचारी का प्रदेशभर की संपत्तियों का ब्योरा या संबंधित दस्तावेज भी इसी के साथ अटेच होना है।
- इससे पता चल सकेगा कि सरकारी आवास लेते समय आवेदक की प्रदेशभर में संपत्ति है या नहीं। 

सॉफ्टवेयर से यह होना है फायदा :
- इससे पूर्व पारदर्शी प्रक्रिया नहीं होने से आवंटन निरस्त होता है तो लगती है तोहमत। अब ऑनलाइन आवंटन होने से इससे बचा जा सकता है।

क्यों उठाए जा रहे हैं सवाल :
- सॉफ्टवेयर में आउट ऑफ टर्न आवंटन का ऑप्शन भी हटना था, लेकिन अब एक लॉबी के दबाव के चलते इसे रखा गया है।
- सबसे ज्यादा रस्साकशी आउट ऑफ टर्न आवंटन पर ही रहती है।
- इसके जरिये वरीयता न होते हुए भी महज पहचान के आधार पर या किसी के कहने पर आवास आवंटित किए जाते रहे हैं।
- सॉफ्टवेयर में सेवानिवृत्ति की तिथि आदि की भी जानकारी भी दर्ज होने से पता चल सकेगा कि अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुका है और आवास में रहने का अधिकारी नहीं है।
- सॉफ्टवेयर के आधार पर जिसने दो माह से किराया जमा नहीं किया हो, उस अधिकारी-कर्मचारी का रिकॉर्ड भी खंगाला जा सकेगा कि उसका तबादला तो नहीं हो चुका। 

उधर, आउट ऑफ टर्न आवास आवंटन के बारे में जीएडी मंत्री किसी भी सवाल से बच रहे हैं। माना जा रहा है कि बिना सॉफ्टवेयर आउट ऑफ टर्न आवास आवंटन के करीब 3000 मामले हैं और ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये इस पर लगाम लगाई जानी चाहिए थी।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

10:00 बजे की सुपर फास्ट खबरें

बर्थडे स्पेशल: 4 साल 14 राज्य, अमित शाह ने यूं बीजेपी का लहराया परचम
अफसरों की रार, सीबीआई पर \'रिश्वत\' की मार
Big Fight Live | ​दोहरा वार-पलटवार | 22 OCT, 2018
दिल्ली में 400 पेट्रोल पंप हड़ताल पर गए
यूपी विधान परिषद के सभापति की पत्नी गिरफ्तार, बेटे के मर्डर का आरोप
ब्लैकमनी पर \'सफेद\' सवाल, CIC के सवालों में घिरा PMO!
चलती कार में लगी आग, जिंदा जला ड्राइवर