चैत्र नवरात्रिः इस तरह से करे कलश स्थापना, घर में होगा खुशियों का आगमन 

Published Date 2018/03/16 05:22,Updated 2018/03/16 05:40, Written by- FirstIndia Correspondent

18 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू होने जा रही हैं, माता को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालु नवरात्रि के पहले दिन कलश की स्थापना करते हैं। माना जाता है कि कलश स्थापना से माता खुश होती है और घर के सभी कष्टों को हर लेती है। लेकिन क्या आपको मालुम है कि कलश को स्थापित करने के भी कुछ धार्मिक नियम होते हैं और यह माना जाता है कि विधि अनुरूप कलश को स्थापित करने से ही उसका फल मिलता है। 

कलश को स्शापित करने के लिए किसी योग्य पंडित को बुलाना एक अच्छा विचार है, नियमों के बारे में ज्ञान ना होने पर आपको योग्य पंडित से सबसे पहले इस बारे में सब जान लेना चाहिए। कलश स्थापना के लिये यह जरूरी है कि प्रतिपदा के दिन आप पूजा स्थल की पहले तो शुद्धता से सफाई कर लें। सफाई सुनिश्चित करने के बाद लकड़ी के एक आसन पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर सर्वप्रथम श्री गणेश जी का स्मरण करेते हुए थोड़े चावल रख दीजिए। यह कार्य पूर्ण होने के पश्चात अब आप मिट्टी की वेदी बनाएं और उस पर जौ बोयें, तत्पश्चात इस पर मिट्टी, सोने या तांबे का कलश विधिवत स्थापित करें। ध्यान रहे कि कलश पानी से भरा हो और उस पर रोली से स्वास्तिक या ऊँ का निशान बना हो। 

कलश के मुख पर रक्षा सूत्र का बांधना अति शुभ रहेगा और आप चाहें तो कलश में सुपारी, सिक्का, आम या अशोक के पत्ते भी रख सकते हैं।कलश के मुख को एक ढक्कन से ढक देना चाहिए और उसे चावल से भर देना चाहिये। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में संपन्नता का आगमन होता है और माता अन्नापूर्णा भी खुश होती है। कलश पर एक नारियल अगर रख दिया जाये, तो फल अधिक प्रभावी होंगे। 

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