जीते-जी भी डॉक्टर का इंतजार, अब मरने के बाद भी पोस्‍टमार्टम के लिए इंतजार

Published Date 2018/05/11 03:00, Written by- FirstIndia Correspondent

भीलवाड़ा। किसी भी अस्पताल  में इलाज के लिए पहुंचने पर वहां अक्सर मरीजों को डॉक्टर का इंजतार करना पड़ता है, लेकिन यहां आलम इससे भी कुछ कदम आगे है। क्योंकि यहां जिन्‍दगी तो जिन्‍दगी, मगर मौत के बाद शवों को भी इंतजार करना पडता है। जी हां, भले ही आप से सब पढ़ कर चौंक गए होंगे, लेकिन ये सच है भीलवाड़ा के 'ए' श्रेणी के अस्पताल महात्‍मा गांधी चिकित्‍सालय का। यहां मरने के बाद भी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए इंतजार करना पड़ता है।

भीलवाड़ा में यूं तो भले ही कहने को ए श्रेणी अस्पताल महात्‍मा गांधी चिकित्‍सालय के रूप में मौजूद है, लेकिन यहां पोस्‍टमार्टम करने वाले चिकित्‍सक की मनमानी और पीएमओ की लाचारी के चलते शवों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। यह नजारा आए दिन मोर्चरी में देखने को मिल जाता है। आज भी मोर्चरी में 3-4 शवों का पोस्‍टमार्टम होना था, लेकिन चिकित्‍सक की मनमानी के कारण पोस्‍टमार्टम नहीं हो पा रहे थे।

जब ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ा तो पीएमओ ने अन्‍य चिकित्‍सकों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा। अन्‍य चिकित्‍सकों ने कैमरे के सामने तो कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया, लेकिन आपसी बातचीत में बताया कि पोस्‍टमार्टम चिकित्‍सक ऐसा ही व्‍यवहार करता है और खुद पीएमओ भी उससे परेशान है। वह किसी की भी नहीं सुनता है और आए दिन ऐसे हालात उत्‍पन्‍न हो जाते हैं।

वहीं मृतकों के परिजनों ने कहा कि हम सुबह से कई बार पीएमओ कार्यालय के चक्‍कर लगा चुके हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। हमने काफी मिन्‍नतें भी की कि हमारे घरों में सब शव का इंतजार कर रहे हैं और रात से भूखे बैठे हैं। जब तक अन्तिम संस्‍कार नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी नहीं खाएंगे। ऐसे में जल्‍द से जल्‍द पोस्‍टमार्टम करवाया जाये, तब कहीं जाकर पीएमओ ने अन्‍य चिकित्‍सकों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा।

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