जम्मू घाटी में गए थे नौकरी करने, बन जाते पत्थरबाज

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/21 08:05

सहारनपुर। जम्मू कश्मीर में बीजेपी पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ऐसा ही एक खुलासा जम्मू कश्मीर में सेना के जवानों पर हुई पत्थरबाजी के मामले में सामने आया है। सहारनपुर के तीन युवकों ने ये खुलासा किया है। 

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में लगातार भारतीय सेना के जवानों पर पथराव की घटनाएं सामने आ रही हैं। घाटी में सेना पर हुई पत्थरबाज़ी को लेकर कई बार सियासत में गरमा चुकी है। नेता - अभिनेता और हर हिन्दुस्तानी सेना पर हो रही पत्थरबाज़ी का विरोध कर चुके हैं। इतना ही नहीं यह मामला कई बार विधान सभाओं, राज्य सभा और लोकसभा में भी उठा चुका है। पत्थरबाज़ी के इस मामले में जम्मू कश्मीर के कई जिहादी संगठनों और आतंकी संगठनों के नाम भी सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके आज तक पत्थरबाजों और उनके सरगना के खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं हो सकी। 

20 हजार रूपये मिलती थी तनख्वाह 

जम्मू की घाटी की कपड़ा फैक्टरी में दर्जी की नौकरी करने गए युवकों ने घर लौट कर आपबीती बताई तो सबके होश उड़ गए। हाल ही में घाटी से निकल कर आये युवकों ने बताया कि वे जनवरी महीने में जम्मू कश्मीर में नौकरी करने गए थे। जहां उन्हें 20 हजार रूपये महीने तनख्वाह तय की गई। इतना ही नहीं फैक्टरी मालिक ने परिजनों के खाते में 30-30 हजार भी रूपये डाले। लेकिन कुछ दिन बाद फैक्टरी मालिक ने उन्हें बंधक बना लिया बल्कि उनकी तनख्वाह भी देनी बंद कर दी। और उनसे घर के काम कराने शुरू कर दिए। 

बंदियों जैसा बर्ताव

जब भी उन्होंने उनका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की जाने लगी। युवकों ने बताया कि फैक्टरी मालिक सेना पर पथराव करने का दबाव बनाने लगा। युवकों के मुताबिक़ फैक्टरी मालिक उन्हें कहता था कि तुम मुँह पर कपड़ा बांध कर बाहर निकल जाओ और जहां भी भारतीय सेना की गाडी आती दिखाई दे तो सैनिकों पर पत्थराव कर दो। लेकिन युवको ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया। जिसके बाद फैक्टरी मालिक ने उनके साथ बंदियों जैसा बर्ताव करना शुरू कर दिया। लेकिन कुछ दिन पहले ही जैसे तैसे वे वहां से निकल कर ठेकेदार के पास पहुंचे जहां से ठेकेदार ने उन्हें उनके शहर का टिकट दिलाकर घर भिजवा दिया। 

अपने शहर पहुंच कर युवकों ने पत्थरबाज़ी के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। युवकों के मुताबिक वे कुल आठ लोग काम करने गए थे जिनमें से तीन सहारनपुर जिले और पांच बागपत जिले के थे। युवकों के खुलासे के बाद एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि युवकों के द्वारा बतायी गई बातों पर जांच की  जा रही है। जो भी युवकों ने बताया है उन सभी बातों को गंभीरता से लिया गया है और हर पहलु पर छानबीन की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्यवाई की जायेगी।
 

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