हिंदू महासभा के विवादित कैलेंडर पर फूटा Youth का गुस्सा, बोले- आग लगाने वालों से रहें सावधान

Published Date 2018/03/20 02:16,Updated 2018/03/20 02:37, Written by- FirstIndia Correspondent

अलीगढ़। अखिल भारत हिंदू महासभा की अलीगढ़ शाखा द्वारा विवादित कैलेंडर जारी करने पर देश का युवा एक साथ खड़ा नजर आ रहा हैं।भले ही इस कैलेंडर के कारण देश में दो सांप्रदायिकताओं के बीच कुछ विवाद का माहौल बन गया हो, लेकिन सोशल मीडिया में युवाओं ने इसे आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है। व्हाट्सप्प आदि पर दोनों समुदायों के बच्चे अपने-अपने लोगों को सतर्क कर रहे हैं कि देश के जरूरी मसलों पर ध्यान दें और अफवाहों पर गौर ना करें। 

फेसबुक आदि सोशम मीडिया में हजारों युवाओं ने प्रेस से भी गुजारिश की है कि हमारे नौकरियों के बारे में कृपया बात कीजिये और देश के जरुरी मसलों पर ज्यादा ध्यान देना शुरू कीजिए। बता दे कि हिंदू महासभा ने एक ऐसा कैलेंडर छापा है, जिसके कारण देश में सांप्रदायिकता की बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इस कैलेंडर में ताजमहल को महादेव का मंदिर बताया गया है, तो वहीं कुतुबमिनार को विष्णु स्तंभ के रूप में परिभाषित किया गया है। 

महासभा की इस कैलेंडर में मुगल काल के सात मस्जिदों और स्मारकों को भी हिंदू मंदिर बताया गया है, इतना ही नहीं महासभा ने मुस्लिमों के पवित्र धार्मिक स्थल मक्का को भी हिंदू मंदिर होने का दावा किया है तथा मध्यप्रदेश के कमल मौला मस्जिद को भोजशाला और काशी की ज्ञानव्यापी मस्जिद को विश्वनाथ मंदिर बताया है।  

इस कैलेंडर के बारे में हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पाण्डेय ने कहा है कि देश को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन सभी इमारतो के बारे में वार्ष्णेय कॉलेज अलीगढ़ के इतिहास के रिटायर्ड प्रोफेसर बीपी सक्सेना के वेरिफिकेशन के बाद छापा गया है। 

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