2017/08/10 05:20
हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है| लोगों के मन में धारणा होती है कि अगर नारियल ख़राब निकला है तो घर में कुछ अपशकुन होने वाला है, लेकिन सच इसके एक दम विपरीत है|
2017/08/10 10:55
फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के प्रोग्राम 'गुड लक टिप्स' ने आज 1000 एपिसोड पूरे कर लिए है| राजस्थान का पहला लाइव एस्ट्रोलॉजी शो जिसने सीधे जोड़ा हमें आप सभी से| ऐसा प्रोग्राम जो बना हर वर्ग के दर्शक की पहली पंसद| आप सभी गुड लक टिप्स को बेहद पसन्द करते आए हैं उम्मीद है आगे भी करते रहेंगे|
2017/08/03 04:29
खण्डग्रास चंद्रग्रहण जो इस बारे राखी वाले दिन ही पड़ रहा है और इसका असर सम्पूर्ण भारत में दिखाई देगा| श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि यानि दिनांक 7 अगस्त 2017 सोमवार यानि राखी के दिन इस बार चंद्रग्रहण का सांया रहेगा | सोमवार के दिन, सोमवार के देवता चंद्र बार ग्रहण से पीड़ित रहेंगे|
2017/08/03 03:57
श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व दिनांक 7 अगस्त, सोमवार को मनाया जायेगा| लेकिन इस बार इस त्योहार पर भद्रा के साथ ही चंद्रग्रहण का साया भी रहेगा। करीब 12 साल बाद ऐसा संयोग बना है जब राखी के दिन ग्रहण लग रहा है। इसलिए इस बार राखी के दिन सूतक भी लगेगा।
2017/07/13 12:50
एक धार्मिक मान्यता है कि बरसाना और नंदगांव में 5000 साल से कोई विवाह संबंध नहीं हुआ है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, राधा बरसाना की रहने वाली थीं जबकि कृष्ण नंदगांव के थे। नंदगांव के हर लड़के को कृष्ण के सखा और बरसाना की हर लड़की को राधा के रूप में माना जाता है। इसीलिए दोनों गांव के बीच लोगों में वैवाहिक रिश्ते नहीं होते हैं।
2017/07/13 12:49
शेखावटी की कुलदेवी जीण माता के मंदिर की गुंबद पर लगा पारस पीपल आज भी कोतूहल का विषय बना हुआ है। शेखावाटी की कुलदेवी जीणमाता में चल रहे मंदिर विस्तार योजना के तहत मंदिर परिसर के सामने एक पारस पीपल था। जिसको सर्वसम्मति से मंदिर कमेटी की ओर से हटा दिया गया। लेकिन इसके बाद माता के मंदिर के गुंबद पर जो पारस पीपल निकलकर आया वह एक चर्चा का विषय बना हुआ है।
2017/07/13 12:28
हिन्दू धर्मग्रंथो में 36 करोड़ देवी-देवताओं के होने का उल्लेख मिलता है| जिनमें सृष्टि के रचियता 'ब्रह्मा', सृष्टि के पालनकर्ता 'विष्णु' और सृष्टि के हर्ता 'शिव' सर्वप्रमुख है| एक बार भगवान विष्णु, शिवजी की पूजा-अर्चना के लिए काशी आए। यहां मणिकर्णिका घाट पर स्नान करके उन्होंने एक हजार स्वर्ण कमल फूलों से भगवान शिव की पूजा का संकल्प लिया।

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