UP का Medical System राम भरोसे वाले HC के फैसले पर Supreme Court ने लगाई रोक, कहा- सलाह के तौर पर देखें

UP का Medical System राम भरोसे वाले HC के फैसले पर Supreme Court ने लगाई रोक, कहा- सलाह के तौर पर देखें

UP का Medical System राम भरोसे वाले HC के फैसले पर Supreme Court ने लगाई रोक, कहा- सलाह के तौर पर देखें

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में मेडिकल सिस्टम (Medical Team) को राम भरोसे बताने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) के फैसले पर शीर्ष अदालत ने रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि उच्च न्यायालय के आदेश को किसी फैसले के तौर पर नहीं बल्कि एक सलाह (Advice) के नजरिए से देखा जाना चाहिए. इसके साथ ही अदालत ने हाईकोर्ट के उस फैसले पर भी रोक लगा दी है, जिसमें हर गांव में दो एम्बुलेंस (Ambulacne) और ICU की सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया था.

राज्य के 97 हजार गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर को लागू करना असंभव:
हाई कोर्ट की ओर से इस इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) को तैयार करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट में UP सरकार ने कहा कि राज्य में 97,000 गांव हैं और एक महीने की समय सीमा तक लागू करना असंभव है. ऐसे में इस फैसले पर रोक लगाई जानी चाहिए. यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट पर भी तल्ख टिप्पणी (Sound Comment) की है. अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालयों को ऐसे आदेश जारी करने से बचना चाहिए, जिन्हें लागू नहीं किया जा सकता.

इलाहाबाद हाई कोर्ट पर शिर्ष कोर्ट की तल्ख टिप्पणी:
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट पर भी तल्ख टिप्पणी की है. आपकों बता दे कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 17 मई को जारी आदेश में कहा था कि उत्तर प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था (State Medical System) पूरी तरह से राम भरोसे है. इस पर रोक लगाते हुए सुप्रीम की वैकेशन बेंच (Vacation Bench) ने कहा कि उच्च न्यायालयों को ऐसे किसी भी आदेश को पारित करने से बचना चाहिए, जिन्हें लागू करना मुमकिन न हो. बता दें कि एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने यह बात कही थी. 

इसके अलावा मेरठ के एक अस्पताल के आइसोलेशन (Isolation) वार्ड में 64 साल के संतोष कुमार का भी मामला उठा था. जांच रिपोर्ट (Test Report) के मुताबिक डॉक्टर मृतक की पहचान नहीं कर पाए थे और अज्ञात के तौर पर ही उसका अंतिम संस्कार (Funeral) कर दिया गया था.

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