युवा Engineer की सरकारी System की लचर व्यवस्था के कारण गई थी जान, अब 3 साल की बेटी Justice के लिए दे रही धरना

युवा Engineer की सरकारी System की लचर व्यवस्था के कारण गई थी जान, अब 3 साल की बेटी Justice के लिए दे रही धरना

युवा Engineer की सरकारी System की लचर व्यवस्था के कारण गई थी जान, अब 3 साल की बेटी Justice के लिए दे रही धरना

जयपुर: अलवर (Alwar) के युवा इंजीनियर (Young Engineer) की मौत सरकारी सीस्टम (Government System) पर सवालिया निशान (Question Mark) खड़े करती है. सरकारी मशीनरी की उदासीनता के कारण राजस्थान (Rajasthan) ने एक युवा इंजीनियर खो दिया. महज 32 साल के युवा इंजीनियर की मौत के 22 दिन बाद ही उनकी 3 साल की बेटी अब मौत के जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर न्याय की मांग कर रही है. रोज वीडियो कॉलिंग (Video Calling) कर पूछती है, कब आएंगे पापा, न उसे यह पता कि मौत क्या होती है और न ही यह कि उसके पापा अब इस दुनिया में नहीं हैं.

22 मई को अलवर के युवा इंजीनियर राहुल की मौत हुई थी:
बस वह तो कभी मम्मी से तो कभी दादा-दादी से पूछती रहती है, कब आएंगे पापा. यह सुनते ही परिवार की आंखें भर जाती हैं और राहुल के नम्बर पर वीडियो कॉलिंग करा देते हैं. ताकि उसे लगे सच में पापा आएंगे. असल में अलवर शहर (Alwar City) निवासी इंजीनियर राहुल शर्मा (Engineer Rahul Sharma) की मौत तो 22 मई को ही हो चुकी है. वे कोरोना संक्रमित हुए थे.

सरकारी सिस्टम की बड़ी खामी आई सामने:
कोरोना से संक्रमित (Covid Infection) होने के बाद उनका (राहुल का) पहले निजी अस्पताल (Private Hospital) में इलाज चला. वहां से जयपुर रैफर किया गया. जिला अस्पताल से एंबुलेंस (Ambulance) ली, लेकिन, एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं होने के कारण राहुल की जयपुर ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई थी. सरकारी सिस्टम की बड़ी खामी रही कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन की जांच नहीं की गई.

सरकारी व्यवस्था ने ले ली राहुल की जान:
एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन (Enough Oxygen) के अभाव में ही अलवर से जयपुर के लिए रवाना कर दिया. रास्ते में ऑक्सीजन सिलेण्डर (Oxygen Cylinder) खाली हो गया तो सबके हाथ पांव फूल गए. इसके बाद तो ऑक्सीजन नहीं मिल पाई और राहुल की जान चली गई. उसके बाद से राहुल के पिता, भाई व परिवार के सब लोग उसके दोषियों को सजा देने की मांग करते आ रहे हैं. अब बेटी सहित परिवार शहीद स्मारक (Memorial) के सामने धरने पर बैठ गया है.

सरकारी सिस्टम के जिम्मेदारों को सजा मिले:
राहुल के पिता का कहना है कि हम सिर्फ यह चाहते हैं कि राहुल की मौत के जिम्मेदार को सजा मिले. ताकि राहुल की तरह किसी और की जान नहीं जाए. परिजनों ने बताया कि जिला प्रशासन (District Administration) ने जांच का आश्वासन दिया है. जांच पूरी हो गई है. लेकिन, जब तक जिम्मेदारों को सजा नहीं मिले तब तक राहुल को न्याय नहीं मिल सकता.

कई बार मिल चुके कलेक्टर से:
राहुल के पिता ने बताया कि कलेक्टर (Collector) नन्नूमल पहाड़िया से मिल चुके हैं. उन्होंने पूरी जांच कर दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन ही दिया है. लेकिन, कुछ हुआ नहीं. हम चाहते हैं गहनता से की गई जांच के आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. वरना ये मासूम बेटी कैसे इस सिस्टम को माफ कर सकेगी.

 

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