सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण लगभग तय, यहां अटक सकती है बात

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/08 02:08

नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार ने सवर्णों के आरक्षण का मुद्दा उठा कर तुर्प का इक्का फेंक दिया है। सर्वणों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने वाला बिल लोकसभा में पेश कर दिया गया है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले को चुनाव से पहले का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है । वहीं लोकसभा में कांग्रेस के अलावा बसपा और सपा सहित कई प्रमुख दलों ने अपना समर्थन दे दिया है। ऐसे में लोकसभा में सर्वण आरक्षण के लिए सत्तर फीसदी समर्थन तो राज्यसभा में करीब 67 फीसदी समर्थन मिलता नजर आ रहा है। 

आपको बता दें कि ये संविधान का 124वां संशोधन है। बिल पास करवाने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर रखी है, लोकसभा में बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया। इसके साथ ही राज्यसभा का कार्यकाल भी एक दिन के लिए बढ़ाया गया है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि इस संविधान संसोधन बिल के लिए दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत मिल जाएगा। 

नंबर गेम के हिसाब से लोकसभा में तो सरकार नंबर ना होने बावजूद बिल पास करवा लेगी। लेकिन राज्यसभा में कांग्रेस, आप और बीएसपी के समर्थन के बावजूद बिल अटक सकता है। इतना ही नहीं 50% राज्य विधानसभाओं की भी सहमति चाहिए।

इनको मिलेगा आरक्षण का लाभ
- जिनकी सालाना आय 8 लाख से कम हो
- जिनके पास 5 हेक्टेयर से कम की खेती की जमीन हो
- जिनके पास 1000 स्क्वायर फीट से कम का घर हो
- जिनके पास निगम की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन हो
- जिनके पास 209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो
- जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते थे

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