VIDEO: बीजेपी-कांग्रेस में छात्र नेताओं का दबदबा, 11 छात्र संघ नेता भर रहे हुंकार

Bharat Dixit Published Date 2018/11/17 07:55

जयपुर। छात्र संसद से प्रदेश की संसद और फिर देश की संसद में पहुंचने में राजस्थान के नेताओं का कोई सानी नहीं रहा है। अशोक गहलोत से लेकर गजेन्द्र सिंह शेखावत तक इन दिग्गजों ने छात्र राजनीति से निकलकर देश की राजनीति में खुद को स्थापित किया। भूपेन्द्र यादव भी कॉलेज की राजनीति से निकलकर आज राज्यसभा सांसद है। राजस्थान विधानसभा चुनावों के समर में उतारने के लिये भी बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों ने उन दिग्गजों पर भरोसा जताया है जिन्होंने छात्र राजनीति से लेकर आज प्रदेश की सियासत में अपना मुकाम बनाया है। एक नेता तो ऐसे है जिन्होंने खुद की पार्टी बनाकर राजनीति में धमक पैदा कर दी है। खास रिपोर्ट

आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने 11 पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों को चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस पार्टी ने जहां अपने 7 पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष को टिकट दिया है वहीं भाजपा ने 3 उम्मीदवार मैदान में उतारै है। वहीं खुद की पार्टी बनाकर हनुमान बेनीवाल ने इन चुनावों में ताल ठोकी है। लॉ कॉलेज के अध्यक्ष रहे रामनिवास गावडिया सबसे कम उम्र के कांग्रेस की तरफ से परबतसर से उम्मीदार बने है। 

ये पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जो पहले से ही मैदान में

—राजकुमार शर्मा 1999-2000 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
—प्रतापसिंह खाचरियावास 1992-93 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
—रघु शर्मा 1981-86 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
—महेश जोशी 1979-80 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष

ये पूर्व  छात्रसंघ अध्यक्ष जिन्हे इस बार मिला मौका

—मनीष यादव 2010-11 रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
—कांग्रेस ने शाहपुरा से बनाया है उम्मीदवार
—पुष्पेंद्र भारद्वाज 2002-03 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
—कांग्रेस ने सांगानेर से बनाया है उम्मीदवार
—रामनिवास गावडिया लॉ कॉलेज के रहे है अध्यक्ष
—कांग्रेस ने परबतसर से उतारा है मैदान में

जयपुर-कांग्रेस ने 7 पूर्व छात्रसंघ पर खेला दांव

—मनीष यादव 2010-11 रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
कांग्रेस ने शाहपुरा से बनाया है उम्मीदवार
—पुष्पेंद्र भारद्वाज 2002-03 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
कांग्रेस ने सांगानेर से बनाया है उम्मीदवार
—राजकुमार शर्मा 1999-2000 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
कांग्रेस ने नवलगढ़ से बनाया है उम्मीदवार
—प्रतापसिंह खाचरियावास 1992-93 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
कांग्रेस ने सिविल लाइन से उतारा है मैदान में
—रघु शर्मा 1981-86 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
कांग्रेस ने केकड़ी से उतारा है मैदान में
—महेश जोशी 1979-80 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
कांग्रेस ने हवालमहल से उतारा है मैदान में
—रामनिवास गावडिया लॉ कॉलेज के रहे है अध्यक्ष
कांग्रेस ने परबतसर से उतारा है मैदान में

भाजपा ने 3 छात्रसंघ अध्यक्ष को बनाया अपना प्रत्याशी

—राजपाल सिंह शेखावत 1980-81 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
भाजपा ने झोटबाड़ा से उतारा है मैदान में
—कालीचरण सराफ 1974-75 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
भाजपा ने मालवीय नगर से बनाया है प्रत्याशी
—राजेंद्र राठौड़ 1978-79 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष
भाजपा ने चूरू से बनाया है प्रत्याशी

राजनीति की पहली सीढी होती है छात्रसंघ चुनाव। छात्र राजनीति से निकलकर प्रदेश की राजनीति में पहचान बनाने में सबसे बड़ी पहचान बनाने वाले मौजूदा नेताओं में शुमार है अशोक गहलोत। जोधपुर विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति और एन एस यू आई से पहचान बनाकर अशोक गहलोत ने यूथ कांग्रेस के जरिये सक्रिय सियासत में कदम रखा, स्कूल में पढ़ते वक्त पहली बार सी आर का चुनाव उन्होंने जीता था। हालांकि कॉलेज और विश्वविद्यालय में चुनाव नहीं जीता, आगे चलकर जोधपुर से संसद पहुंचे और आज सरदारपुरा से कांग्रेस के विधायक है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री है। 

जोधपुर के मौजूदा सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत भी जोधपुर के जयनारायण विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष रहे थे। कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ सीपी जोशी भी छात्र राजनीति से निकले है, नाथद्वारा से छात्र राजनीति की शुरुआत की। फिर सुखाडिया विश्वविद्यालय के चर्चित राजनेता रहे। चुनावों में दिलचस्प तथ्य यह भी है कि एबीवीपी से छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके मनीष यादव आज कांग्रेस पार्टी के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ रहे है। 

अभिषेक श्रीवास्तव, नरेश शर्मा, भरत दीक्षित के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट


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