जयपुर Digital Baal Mela: अनाथ बच्चों ​को चिन्हित करने के लिए राजस्थान सरकार शुरू कर चुकी है सर्वे, डिजिटल बाल मेला संग हुए संवाद में बोले डॉ सुभाष गर्ग

Digital Baal Mela: अनाथ बच्चों ​को चिन्हित करने के लिए राजस्थान सरकार शुरू कर चुकी है सर्वे, डिजिटल बाल मेला संग हुए संवाद में बोले डॉ सुभाष गर्ग

Digital Baal Mela: अनाथ बच्चों ​को चिन्हित करने के लिए राजस्थान सरकार शुरू कर चुकी है सर्वे, डिजिटल बाल मेला संग हुए संवाद में बोले डॉ सुभाष गर्ग

जयपुर: फ्यूचर सोसाइटी (Future Society) और LIC द्वारा प्रायोजित रचनात्मक मंच डिजिटल बाल मेला-2021 पर आज बच्चों की हर समस्या का हल निकालने आये स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने बच्चों से कोरोना की तीसरी लहर पर विशेष चर्चा की. कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बाद अब देशभर में तीसरी लहर से बच्चों के लिए खतरनाक बताया जा रहा है. ऐसे में बच्चों में बैठा ये डर कितना सच और कितनी भ्रांति पर आज का संवाद आयोजित किया गया.जिसमें डॉ सुभाष गर्ग ने बच्चों को तीसरी लहर का सच बताने के साथ ही सरकार की योजनाओं को भी विस्तार से बताया.
 
जाह्नवी शर्मा ने किया अतिथि का स्वागत:
संवाद की शुरूआत जाह्नवी शर्मा के डॉ सुभाष गर्ग के स्वागत करने से हुई. जिसके बाद डॉ गर्ग ने अपने राजनीति जीवन का अनुभव बच्चों संग साझा किया. इस दौरान डॉ सुभाष गर्ग ने राजनीति में आने का श्रेय राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को दिया. जिनके कहने पर उन्होनें अपना पहला चुनाव लड़ा और विजयी हुए. शिक्षा और चिकित्सा में गहरा ज्ञान रखने वाले डॉ सुभाष गर्ग ने दोनों ही क्षेत्रों में अद्धभूत काम किेये है. उन्होंने बताया कि एक शिक्षक के लिए संवाद करने का ज्ञान होना सबसे अहम होता है ऐसे में उनकी ये सीख राजनीति करियर में काफी काम आई. जब उन्होंने गांवों में ढाणियों में शहरों में हर तरह के लोगों से बात की उनकी परेशानियां जानी और निवारण करने के लिए प्रयास किए.

एक्सपर्ट्स ने जताई है तीसरी लहर के आने की आशंका:
इस संवाद में बच्चों ने अपने मन में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर हुए डर पर सवाल जवाब किए. इस दौरान काव्य गादिया ने पूछा कि अभी तक तीसरी लहर नहीं आई तो कैसे पता चला कि यह बच्चों के लिए खतरनाक है? जिसका जवाब देते हुए डॉ सुभाष गर्ग ने कहा कि अभी तीसरी लहर आने की संभावना बताई जा रही है डॉक्टर साइंटिस्ट एक्सपर्ट के द्वारा एक मॉडल के आधार पर संभावित लहर का अनुमान लगाया जाता है अनुमान के आधार पर ही ये बताया जा रहा है जिस तरह मौसम विभाग बारिश या आंधी आने की सूचना जारी करता है उसी प्रकार एक्सपर्ट्स ने भी तीसरी लहर की आशंका जताई है.

इसी के साथ श्याम नगर की ख्वाहिश ने डॉ सुभाष गर्ग से सवाल किया कि कोरोना की जब पहली लहर आई थी तब लोग बहुत डर रहे थे और जब दूसरी लहराई तो लोग बहुत ज्यादा संख्या में मर रहे थे अब तीसरी लहर आने की संभावना है तो बच्चे बहुत डर रहे हैं बच्चों का क्या होगा? जिसका जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अभी तीसरी लहर आने वाली है इसकी पुष्टि नहीं हुई है तीसरी लहर आने की संभावना है जहां तक हो सके राजस्थान सरकार ने इसके लिए बेहतर प्रबंध किये है. तीसरी लहर से ना सिर्फ बच्चों ​बल्कि हर किसी को सुरक्षित करने के लिए राजस्थान सरकार ने अच्छा मैनेजमेंट किया है जिसमें बेड ,ऑक्सीजन ,दवाईयां, क्वांरटाइन सेंटर जैसी कई आवश्यक व्यवस्थाएं  राजस्थान सरकार ने कर रखी है. ताकि बच्चों को इस बीमारी का सामना ना करना पड़े वही तीसरी लहर से बचने के लिए डॉ सुभाष गर्ग ने बच्चों को मास्क पहनने, 2 गज की दूरी रखने जैसे कोरोना के सभी प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी.

संवाद में जब जाह्रनवी ने कोरोना काल में अनाथ बच्चों पर अपना सवाल किया. उन्होने डॉ गर्ग से पूछा कि जिन बच्चों के पास कोई परिजन भी नहीं है ऎसे में ये बच्चे कैसे सरकारी योजनाओं का लाभ ले पाएंगे क्या सरकार ने और कोई कदम उठाने का सोचा है? जिसके जवाब में डॉ सुभाष गर्ग ने सरकारी योजनाओं का जिक्र किया और बताया कि राजस्थान सरकार ने ऐसे बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी शिक्षा के लिए कई योजनाएं बनाई है जिसमे जिनके माता पिता नहीं रहे उनके लिए ढाई लाख रुपये, विधवा पेंशन पंद्रह सौ रुपये, और बच्चों को पढ़ने के लिए ढाई हजार रुपए प्रति वर्ष दिया जाने का पैकेज घोषित किया है. 

कोरोना से लड़ने के लिए डॉ सुभाष गर्ग ने बच्चों को 'मेरा मास्क मेरा कवच' अपनाने के प्रति जागरूक किया और अपने आस—पास के सभी लोगों से इसका पालन करवाने की अपील की. डॉ सुभाष गर्ग ने बच्चों को बताया कि बच्चे अपने घर में आने वाले सभी मेहमानों से थोड़ी दूरी बनाकर बात करें वही उन्होंने बच्चों को कोरोना से सुरक्षित करने के लिए उनके अभिभावकों को भी सर्तक रहने की सलाह दी.इसी के साथ डॉ सुभाष गर्ग ने बच्चों की कोरोना की तीसरी लहर के प्रति भ्रातियों को दूर किया और बच्चों को सर्तक रहने अपना ख्याल खुद रखने की ओर जागरूक किया.

नागौर की ललिता बाबल बनी आज की लीडर:
गौरतलब है कि डिजिटल बाल मेला 2021 में हो रहे संवादो में हर दिन किसी ना किसी एक बच्चे को लीडर घोषित किया जाता है ऐसे में आज की लीडर नागौर की ललिता बाबल को घोषित किया गया जिन्होनें अपने क्षेत्र की समस्या पर सवाल किया था. ललिता ने पूछा कि कोरोना वैक्सीन को फैल रही अफवाहों में कितनी सच्चाई है. जिसके जवाब में डॉ सुभाष गर्ग ने बताया कि ये सिर्फ कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही भ्रातियां है. जबकि कोरोना की वैक्सीन ही कोरोना का खत्म करने में मददगार है. ऐसे में उन्होनें बच्चों से अपील की कि बच्चे अपने घर में आस—पास के लोगों को वैक्सीन लगाने के प्रति जागरूक करें और ऐसी अफवाहों को जन्म दे रहे लोगों को सोशल मीडिया पर एक्पोज करें. ताकि देश के विकास में कहर बनकर खड़ा कोरोना को हम जल्द से जल्द समाप्त कर सकें और अपनी पहले जैसी खुशहाल जिंदगी में लौट सके.

15 जून से शुरू हुआ था बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद:
आपको बता दें कि इससे पहले बच्चों संग सीधा संवाद सेशन की शुरूआत में 15 जून को राजस्थान के श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली आए थे. जहां उन्होनें बच्चों से बालश्रम मुद्दे पर बात की और बच्चों को इसे रोकने के सुझाव भी दिये. इसके बाद 16 जून को बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा ने बच्चों संग वोट देने के अधिकारों पर बात की.गौरतलब है कि बच्चे हमेशा से ही चुनाव प्रक्रियाओं के बारे में सुनते आये है. भारत देश में 18 की उम्र के बाद ही वोट देने की अनुमति है ऐसे में बच्चों का सवाल जायज है कि उन्हें वोट देने से वंचित क्यों रखा जाता है. बच्चों के बीच सूजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल आए थे जिनसे बच्चों ने तनाव से कैसे दूर रखा जाए इस पर सवाल किए. इसके साथ ही छात्र नेता ललित यादव ने भी बच्चों संग सीधा संवाद किया था और उन्होनें बच्चों की राजनीतिक में रूचि को देश का सुनहरा भविष्य भी बताया.बाल मेला के मंच पर 19 जून को विधायक अविनाश गहलोत ने बच्चों संग सीधा संवाद किया जिसमें उन्होंने बच्चों का कोरोना काल में सबसे बड़ा योगदान बताया. इसके अलावा 20 जून को ही ही बच्चों ने योगा ट्रेनर दिव्या शेखावत से बात की इस दौरान दिव्या ने बच्चों को योगा का महत्व समझाया तो वही उनसे हेल्थी चीजें खाने के प्रति भी जागरूक किया. 

21 जून को अमेरिका से श्वेता बैद ने भी बच्चों संग सीधा संवाद किया था. उन्होनें बच्चों को शहरों की साफ—सफाई पर संज्ञान दिया था. इस संवाद में बच्चों ने श्वेता से अमेरिका के कल्चर के बारें में और वहां के नियमों के बारें में भी काफी सवाल—जवाब किये.तो वही डिजिटल बाल मेला के मंच पर मेंटल हेल्थ को लेकर मनोचिकित्सक डॉ अनीता गौतम ने बच्चों संग सीधा संवाद किया इस दौरान उन्होंने महामारी में नेगेटिवि​टी का शिकार हो रहे बच्चों को खुश रहने और हर चिंता को दूर करने के टिप्स दिये.वही मेंटल हेल्थ जैसे गंभीर विषय पर बात की. वही इस दौरान बच्चों ने विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी से भी सीधा संवाद किया जिसमें रूमा देवी ने अपने सफर के बारे में बात की तो वही बच्चों को कोरोना काल मे अपने आपको व्यस्त रखने के भी कुछ जरूरी टिप्स दिये. बच्चों ने रूमा देवी संग हुए इस संवाद में अपनी हर जिज्ञासा को शांत किया और वही इस संवाद में उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला. वही डिजिटल बाल मेला के मंच पर आदर्श नगर विधायक रफीक खान आये जिन्होंने बच्चों को राजनीति में कदम रखने के लिए टिप्स दिये. और बच्चों को राजनीति का सही मायनों मे मतलब समझाया.इसके साथ ही बच्चों ने सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती से राजनीति और संस्कारों के बीच रिश्ते का संज्ञान लिया. जिसमे बच्चों ने अपनी भारतीय संस्कृति से हमेशा बने रहने की सीख ली.तो वही बच्चों ने राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी से आॅनलाइन क्लासेज और शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा की. वही  बच्चों से राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी लाइव जुड़े थे जिन्होंने बच्चों से सरकार के बजट में बच्चों का कितना हिस्सा' विषय पर संवाद किया. इसी के साथ डॉ अजयवर्धन आचार्य ने बच्चों संग राष्ट्र की शिक्षा नीति पर संवाद किया. तो वही 3 जुलाई को मनोवैज्ञानिक डॉ मनीषा गौड़ ने बच्चों को अपने मन की बात शेयर करने के टिप्स दिये. तो वही 5 जुलाई को बच्चों ने शिक्षा के बदलते स्वरूप पर पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी से संवाद किया था.

हर दिन शाम 4 बजे बच्चे करे राजनेताओं से सीधा संवाद:
बता दें डिजिटल बाल मेला2021 सीजन2 में हर दिन शाम 4 बजे डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित गूगल मीट पर राजनेताओं संग बच्चों का सीधा संवाद सेशन आयोजित किए जाएगा. जहां बच्चे घर बैठे देश की सरकार के सामने अपने सवाल रख सकते है और अपने मन की बात कर सकते है.

राजस्थान विधानसभा जाएंगे बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चे
14 नवंबर को बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चों को राजस्थान विधानसभा के विशेष बाल सत्र में जाने का मौका दिया जाएगा. जहां बच्चे अपनी सरकार और उनकी कार्यविधि को करीब से जानेंगे.ये बच्चों के लिए एक बड़ा मौका है जिसके लिए बच्चों को सिर्फ अपने मन की बात देश के सामने लाने के लिए डिजिटल बाल मेला में अपनी एंट्री भेजनी है और फिर देश जानेंगा बच्चों की जुबानी 'बच्चों की सरकार कैसी हो'..

डिजिटल बाल मेला की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम या फेसबुक पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
'डिजिटल बाल मेला सीजन2' में 'बच्चों की सरकार कैसी हो' की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026, डिजिटल बाल मेला इंस्टाग्राम - https://instagram.com/digitalbaalmela?igshid=fcsq802hctlx
एवं डिजिटल बाल मेला फेसबुक पेज - https://www.facebook.com/digitalbaalmela/ पर अपनी एंट्री भेज सकते है.

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