दौसा रिश्वतकांड मामले में ACB ने IPS मनीष अग्रवाल को भी किया गिरफ्तार, समझें पूरा खेल

जयपुर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राजस्थान की ओर से दौसा में की गई ताड़बतोड़ कार्रवाई ने जहां पूरे प्रदेश में अधिकारियों के बीच हड़कंप दिया था. वहीं अब इस मामले में एक और बड़ी गिरफ्तारी हुई है. एसीबी ने IPS मनीष अग्रवाल को गिरफ्तार किया है. ऐसे में अब अभिरक्षा में रहने के 24 घंटों में मनीष अग्रवाल सस्पेंड होंगे. 

कैसे आया आईपीएस मनीष अग्रवाल का नाम सामने:
आपको बता दें कि दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. वहीं एसडीएम पिंकी मीणा 10 लाख रुपए की रिश्वत की डिमांड करती हुए अरेस्ट हुई थी. दोनों प्रशासनिक अधिकारियों के गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में 13 जनवरी को एक दलाल नीरज मीणा को भी गिरफ्तार किया था. लेकिन यह साफतौर पर बताया कि किस तरह भ्रष्टाचार के इस मामले में आईपीएस मनीष अग्रवाल भी शामिल है.

दलाल नीरज मीणा की ओर से कुल 38 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी:
दलाल मीणा का कहना है कि निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों से 4 लाख रुपए प्रति माह की बंधी बांधी गई थी. साथ ही केस रफा-दफा करने की एवज में 10 लाख रूपए की राशि डिमांड की जाती थी. ऐसे में दलाल नीरज मीणा की ओर से कुल 38 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी. 7 दिन रिमांड पर रहने के बाग दलाल मीणा को भी जेल भेज दिया गया था. 

एसीबी ने एफआईआर में जोड़ा नाम:
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से इस मामले में तत्कालीन दौसा एसपी के नाम से रिश्वत मांगने वाले दलाल नीरज मीणा को गिरफ्तार किया था साथ ही एसीबी ने दर्ज की गई एफआईआर में आईपीएस मनीष अग्रवाल का नाम भी जोड़ा था. एसीबी ने शुरुआती दिन में ही IPS मनीष अग्रवाल के तो मोबाइल जब्त भी कर लिए थे, लेकिन उसके बाद ना तो आईपीएस को पूछताछ के लिए एसीबी कार्यालय बुलाया और ना ही उनको गिरफ्तार किया गया. लेकिन आज एसीबी ने उनपर शिकंजा कसते हुए गिरफ्तार कर लिया है. 

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