मुंबई शोषित बच्चों की विश्व कप जीतने की कहानी सुर्खियों में आने की हकदार : अभय देओल

शोषित बच्चों की विश्व कप जीतने की कहानी सुर्खियों में आने की हकदार : अभय देओल

शोषित बच्चों की विश्व कप जीतने की कहानी सुर्खियों में आने की हकदार : अभय देओल

मुंबई: अभिनेता अभय देओल ने कहा कि वह 'जंगल क्राई' फिल्म से इसलिए जुड़े क्योंकि उनका मानना ​​था कि आदिवासी बच्चों द्वारा रग्बी विश्व कप जीतने की कहानी लोगों को सुनाने लायक है. भेजा फ्राई से ख्याति पाने वाले सागर बल्लारी द्वारा निर्देशित ‘जंगल क्राई' फिल्म ओडिशा के कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (केआईएसएस) के 12 शोषित और अनाथ बच्चों की कहानी पर आधारित है, जिन्होंने 2007 में इंग्लैंड में प्रतिष्ठित अंडर14 रग्बी विश्व कप जीता था.

अभिनेता देओल को देव डी, जिंदगी न मिलेगी दोबारा, ओए लकी! लकी ओए! जैसी फिल्मों में अभिनय के लिए जाना जाता है. इन फिल्मों के लिए आलोचकों की भी सराहना पाने वाले देओल ने कहा कि वह इन बच्चों द्वारा हासिल की गई अविश्वसनीय उपलब्धि से अनजान थे. देओल ने एक साक्षात्कार में पीटीआई-भाषा' को बताया कि यह एक प्रेरणादायक कहानी है. इसके बारे में कोई नहीं जानता था, यहां तक ​​​​कि मुझे भी नहीं पता था कि कभी ऐसा कुछ हुआ था. मेरे लिए यह गहरा आश्चर्य था.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इन शोषित बच्चों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, वह तारीफ तथा उल्लेख के पात्र हैं और लोगों को उनके बारे में जानना चाहिए.46 वर्षीय अभिनेता ने फिल्म में रग्बी कोच रुद्राक्ष जेना की भूमिका निभाई है. देओल ने कहा कि बच्चों ने विश्व कप 2007 जीता. उसी दौरान टी-20 विश्व कप में भारतीय क्रिकेट टीम की जीत हुई और इसलिए बच्चों की उपलब्धि पर किसी का ध्यान नहीं गया.अभिनेता का मानना ​​है कि जंगल क्राई बुनियादी सुविधाओं की कमी के मुद्दे को भी उजागर करती है. जंगल क्राई तीन जून को लायंसगेट प्ले पर रिलीज होगी. (भाषा) 
 

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