अयोध्या केस में फैसले से पहले प्रशासन भी अलर्ट, अयोध्या में सुरक्षा बढ़ी, कॉलेजों में बनाईं 8 अस्थाई जेल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/11/07 10:11

नई दिल्ली राम जन्मभूमि विवाद पर 17 नवंबर को सर्वोच्च अदालत का फैसला आने की संभावना से पहले हर तरफ हलचल दिखाई दे रही है. मामला भूमि विवाद के साथ आस्था से जुड़ा होने के चलते कोर्ट के निर्णय को लेकर एहतियात भी बरते जा रहे हैं.अयोध्या मसले पर फैसला आने वाले दिन आतंकी खतरे का इनपुट मिला है खुफिया सूत्रों से खबर है कि फैसले की आड़ में माहौल खराब करने के लिए ऐसा हो सकता है इसके मद्देनजर कैंट एरिया में सुरक्षा बढ़ा दी गई हैअयोध्या पर फैसले से पहले अंबेडकर नगर के अलग-अलग कॉलेजों में 8 अस्थाई जेल बनाई गई है. प्रशासन ने ऐसा फैसला सुरक्षा के मद्देनजर लिया है. अयोध्या में पहले से हाई अलर्ट है और जगह-जगह जवानों की तैनाती की गई है. प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए सुरक्षात्मक मोड में हैं. संवेदनशील मामला होने की वजह से एहतियातन ऐसा किया गया है.एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि मेरठ में आर्मी का कैंट एरिया होने से संवेदनशीलता थोड़ी ज्यादा है

राजनीतिक दलों से लेकर मामले के पक्षकारों व अलग-अलग धार्मिक संगठनों की तरफ से फैसले पर संयम बरतने की अपील की जा रही है. साथ ही प्रशासन भी अलर्ट है.बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील 34 जिलों के पुलिस प्रमुखों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं. इन जिलों में मेरठ, आगरा, अलीगढ़, रामपुर, बरेली, फिरोजाबाद, कानपुर, लखनऊ, शाहजहांपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और आजमगढ़ आदि हैं.

अयोध्या मामले पर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार बेहद सजग है. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कैबिनेट बैठक की और मंत्रियों को सलाह दी कि उकसाने वाली बयानबाजी नहीं होनी चाहिए. कोर्ट के फैसले से पहले देश में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है.

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