अजित डोभाल ने कहा स्‍पेशल स्‍टेटस नहीं, स्‍पेशल भेदभाव था Article 370

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/07 03:54

नई दिल्‍ली: राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (National Security Advisor Ajit Doval) ने शानिवार को खुलासा किया कि 230 पाकिस्‍तानी आ‍तंकियों की पहचान हुई है जो भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं.कुछ पाकिस्‍तानी आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की है जिन्‍हें पकड़ लिया गया है.उन्‍होंने यह भी बताया कि पाकिस्‍तान आतंकवाद के जरिए जम्‍मू-कश्‍मीर में समस्‍याएं पैदा करने की कोशिशें कर रहा है. हम पाकिस्‍तानी आतंकियों से जम्‍मू-कश्‍मीर के लोगों के जीवन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्‍होंने आगे कहा कि अनुच्‍छेद-370 स्‍पेशल स्‍टेटस नहीं वरन स्‍पेशल भेदभाव था.
 
हाइलाइट्स
अधिकतर कश्मीरी अनुच्छेद 370 के हटने से खुश हैं.
पाकिस्तान परेशानी खड़ी करने की कोशिश में, 230 पाकिस्तानी आतंकियों का पता चला है
हम पाकिस्तानी आतंकवादियों से कश्मीरियों के जीवन की रक्षा के लिए दृढ़ हैं
जम्मू-कश्मीर के 92.5 फीसदी इलाके में कोई प्रतिबंध नहीं लगा है

आतंकवाद को बढ़ावा देने में अनुच्‍छेद-370 का इस्‍तेमाल करता था पाक 
अजित डोभाल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में हालात तेजी से सामान्‍य हो रहे हैं. राज्‍य के भौगोलिक क्षेत्र के 92.5 फीसदी हिस्‍से से पाबंदियां हटा ली गई हैं जम्‍मू-कश्‍मीर के 199 पुलिस थाना क्षेत्रों में से केवल 10 में ही पाबंदियां लागू हैं. राज्‍य में 100 फीसदी लैंड लाइन सेवाएं बहाल कर दी गई हैं. मैं पूरी तरह आश्‍वस्‍त हूं कि अधिकांश कश्‍मीरी अनुच्‍छेद-370 हटाने के समर्थन में हैं. 

राज्‍य के लोग सरकार के फैसले को बेहतरी, आर्थिक खुशहाली और रोजगार के अवसरों के तौर पर देख रहे हैं। उन्‍होंने आगे कहा कि पाकिस्‍तान अनुच्‍छेद-370 का इस्‍तेमाल कश्‍मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने में करता था.

कुछ शरारती तत्‍व कर रहे विरोध
डोभाल ने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर में कुछ ही शरारती तत्‍व हैं जो सरकार के कदम का विरोध कर रहे हैं जहां तक नेताओं की हिरासत या नजरबंदी का सवाल है तो यह कदम कानून के तहत राज्‍य में शांति व्‍यवस्‍था को बनाए रखने के लिए उठाया गया है. ये लोग अपनी नजरबंदी को अदालतों में चुनौती दे सकते हैं
 हम पाकिस्‍तानी आतंकियों से राज्‍य के लोगों की रक्षा के लिए तत्‍पर हैं। इसके लिए यदि हमें कुछ पाबंदियां लगानी पड़ी तो हम वह भी करने के लिए तैयार हैं.

ब्‍लैक प्रोपेगेंडा चला रहा पाकिस्‍तान 
राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि पाकिस्‍तान देश के खिलाफ ब्‍लैक प्रोपेगेंडा चला रहा है। पाकिस्‍तान आतंकियों को हथियार के तौर पर इस्‍तेमाल करके राज्‍य में आतंक फैलाने की कोशिशें कर रहा है
 शनिवार को राज्‍य के एक बड़े फल विक्रेता हमि‍दुल्‍लाह राठेर (Hamidullah Rather) को पाकिस्तानी आतंकियों ने मारने की कोशिश की। उनके ट्रक को रोका गया लेकिन वह शायद नमाज पढ़ने के लिए गए थे इसलिए नहीं मिले। एक दुकानदार को केवल इसलिए गोली मार दी गई क्‍योंकि उसने अपनी दु‍कान खोल रखी थी.

नहीं होंगे पाकिस्‍तान के मंसूबे कामयाब नहीं होने वाले  
एनएसए डोभाल ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके मंसूबे कामयाब नहीं होने वाले हैं क्योंकि कश्मीर में पूरी तरह से शांति है. पाकिस्‍तानी हुक्‍मरानों में बौखलाहट साफ देखी जा रही है. सीमा से 20 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान के कम्युनिकेशन टावर हैं.
हमने उनकी बातचीत को ट्रेस किया है. इसमें वो से कह रहे हैं कि तुम लोग क्या कर रहे हो... वहां (कश्मीर में) इतने सेब से भरे ट्रक कैसे चल रहे हैं. क्‍या तुम उनको रोक नहीं सकते हो... तुम्हारे लिए क्या अब चूड़ियां भिजवा दें?

पाकिस्‍तान की खोली पोल 
डोभाल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के हालात उम्मीदों से बेहतर हैं.केवल एक घटना सामने आई है, जिसमें छह अगस्त को एक लड़के की मौत हो गई, उसकी मौत गोली लगने से नहीं हुई है.पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उसकी मौत किसी मजबूत चीज से टकराने के कारण हुई है. हम आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्रों की बात कर रहे हैं.
 हम सभी प्रतिबंधों को हटाना चाहते हैं. यदि पाकिस्‍तान आतंकियों की घुसपैठ बंद कर दे तो हम प्रतिबंध हटा सकते हैं. दरअसल, इन घटनाओं के बहाने पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय जगत को दिखाने की कोशिश कर रहा है कि कश्मीर में हालात खराब हैं. लेकिन उस समझ जाना चाहिए कि श्रीनगर में हर दिन 750 ट्रकों का आवागमन हो रहा है

केवल आतंकियों से लड़ रही सेना 
सेना द्वारा प्रताड़ित किए जाने की खबरों का खंडन करते हुए डोभाल ने कहा कि भारतीय सेना तो केवल आतंकियों से मोर्चा संभाल रही है ऐसे में सेना द्वारा परेशान किए जाने का तो सवाल ही नहीं उठता.
राज्‍य में शांति और आंतरिक सुरक्षा व्‍यवस्‍था की जिम्‍मेदारी तो राज्‍य की पुलिस और कुछ केंद्रीय बल संभाल रहे हैं. सोपोर में घायल हुई ढाई साल की बच्ची को इलाज के लिए एम्स लाने के निर्देश दे दिए गए हैं.

डोभाल ने नेताओं को नजरबंद किए जाने पर कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में समस्याएं हो सकती थीं और अगर सभाएं होतीं तो आतंकवादी हालात का फायदा उठाते.ब तक लोकतंत्र के लायक वातावरण नहीं बन जाता वो तब तक ही नजरबंदी में हैं, जिसका मुझे विश्वास है कि जल्द होगा

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