सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे धूम-धाम से, लेकिन क्यों ?

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/10/11 08:10

मुंबई  :आज बॉलीवुड के महानायक और दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित अमिताभ बच्चन का 77 वा जन्मदिन है.सदी के महानायक, एंग्री यंगमैन या बॉलीवुड के शहंशाह ऐसे कितने ही नाम उनको दिए गए है. यह उनके चाहने वालों का प्यार ही है जो उन्हें इतना महान बनाता हैअभी हाल ही में दादा साहब फाल्के अवार्ड से नवाजे गए अमिताभ बच्चन जितने अच्छे अभिनेता है उतने ही अच्छे इंसान भी.अमिताभ आज भी सक्रिय हैं. और इंडस्ट्री में ये कहा जाता है कि बिग बी आज भी जिस ऊर्जा से काम करते हैं, वैसा करना हर किसी के बूते की बात नहीं है.अमिताभ बच्चन ने अपने चल रहे शो केबीसी 11 में बताया था कि वे इस बार अपना जन्मदिन धूम-धाम से नहीं मनाएंगे. उन्होंने कहा था कि उनके लिए ये एक वैसा ही दिन ही जैसा हर रोज होता है. मैं खुश हूं कि मैं काम कर रहा हूं और स्वस्थ जीवन जी रहा हूं. मेरा शरीर अपनी आत्मा से कदम से कदम मिलाकर चल रहा है.उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए ये भी कहा था कि बाबूजी यानी दिवंगत हरिवंशराय बच्चन उनके लिए हमेशा कविता लिखते थे जिसे वे उनके जन्मदिन पर पढ़कर सुनाया करते थे.

शवेता बच्चन ने शेयर की फोटो 

पिता के जनदिन के मौके पर श्वेता बच्चन, उनकी बेटी ने सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट की है.उसमें वे लिखती हैं कि जब आप हिमालय की चोटी पर पहुंच जाएं तो आपको बढ़ते रहना होता है. हैप्पी बर्थडे पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूंये एक पुरानी तस्वीर है जिसे श्वेता बच्चन ने शेयर किया है.अमिताभ बच्चन इस फोटो में कुर्सी पर बैठे हैं और श्वेता बच्चन उनके पीछे खड़ी हैं. अमिताभ बच्चन के जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले भी श्वेता बच्चन ने एक फोटो शेयर की थी जो कि उनके बचपन की थी.अमिताभ बच्चन ने उन्हें गोद में लिया हुआ है. वे लिखती हैं कि घर, रहने के लिए केवल एक जगह ही नहीं बल्कि इंसान है
अपने फिल्मी करियर में अलग मुकाम हासिल करने वाले इन अभिनेता का पारिवारिक जीवन भी हमेशा सुर्खियों में रहता है.

अमिताभ ने बिना जॉनर्स की चिंता किए हुए, एक से बढ़कर एक किरदार निभाया है. क्या कॉमेडी, तो क्या एक्शन, हर जगह उन्होंने बेहतरीन ड्रामा किया है.फ़िल्मफेयर, नेशनल अवॉर्ड और इस साल दादा साहब फॉल्के भी हासिल किया.अमिताभ बच्चन को महानायक बनाने में एक्शन फ़िल्मों की अहम भूमिका रही है. 70 के दशक में एंग्री यंग मैन ने  अपने काम से सबका दिल जीत लिया. हालांकि, अमिताभ के एक्शन की शुरुआत साल 1973 में प्रकाश मेहरा की जंजीर से हुई। यह एक ऐसी फ़िल्म थी, जिसने अभिताभ को पर्दे की सफलता का नया हीरो बना दिया। इसके बाद एक दौर आया जिसमें अमिताभ बच्चन ने एक्शन फ़िल्मों की झड़ी लगा दी. साल 1975 में दीवार और शोले जैसी फ़िल्में आई। इसके बाद वह साल 1978 में डॉन बने। इसके अलावा शान (1980), त्रिशूल (1978), कालिया (1981) और कुली( 1983) जैसी फ़िल्में  भी आईं। एक समय आया जब अमिताभ का करियर पटरी से उतार, तो साल 1988 में एक्शन फ़िल्म शहंशाह ने इसे रास्ते पर लाया. इसके बाद अमिताभ अग्निपथ जैसी जबरदस्त फिल्म दी.  एक्शन का साथ अमिताभ से अभी तक जुड़ा हुआ है.उन्होंने हाल ही अपनी आखिरी फ़िल्म ठग ऑफ़ हिन्दूस्तान में  भी एक्शन करके दिखाया

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