नई दिल्ली: एक और चक्रवाती आफत: गोवा के तटीय क्षेत्र से टकराया ताऊ ते, अगले 12 घंटे मुशिबत के; गृह मंत्री ने बुलाई अहम बैठक

एक और चक्रवाती आफत: गोवा के तटीय क्षेत्र से टकराया ताऊ ते, अगले 12 घंटे मुशिबत के; गृह मंत्री ने बुलाई अहम बैठक

एक और  चक्रवाती आफत: गोवा के तटीय क्षेत्र से टकराया ताऊ ते, अगले 12 घंटे मुशिबत के; गृह मंत्री ने बुलाई अहम बैठक

नई दिल्ली: गुजरात और महाराष्ट्र समेत पांच राज्यों पर अरब सागर में बन रहे चक्रवात 'ताऊ ते' (Cyclone Tau Te') का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान गोवा के तटीय क्षेत्र से टकरा गया है. अब वह गुजरात की ओर तेजी से बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है.

अगले 12 घंटों के दौरान गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका:
इस वजह से मुंबई सहित उत्तरी कोंकण (North Konkan) में कुछ स्थानों पर रविवार से ही तेज हवा के साथ भारी बारिश हो सकती है. अगले 12 घंटों के दौरान इसके बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclone) में बदलने की आशंका है. यह तूफान 18 मई की सुबह गुजरात के पोरबंदर (Porbandar) और महुआ कोस्ट (Mahua Post) के बीच से गुजरेगा.

गृहमंत्री ने बुलाई अहम बैठक:
इस बीच गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने चक्रवात को लेकर अहम बैठक (Key Meeting) बुलाई है. इसमें राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है- इस वर्चुअल बैठक (Virtual Meeting) में महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्रियों के अलावा दमन और दीव और दादरा नगर हवेली के अधिकारी भी इसमें शामिल हुए।

160 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है:
IMD (India Meteorological Department) के मुताबिक शनिवार देर रात 2.30 बजे ये चक्रवात गोवा के पणजी तट से 150 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में, मुंबई से 490 किलोमीटर दक्षिण, गुजरात के वेरावल से 880 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में था. तूफान के दौरान बारिश के साथ 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. महाराष्ट्र, केरल और गुजरात के तटों पर तीन दिन तक तूफान का असर रहने की आशंका है. तूफान का असर तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिमी राजस्थान और लक्षद्वीप (Lakshdweep) में भी हो सकता है. इस चक्रवात को म्यांमार ने 'ताऊ ते' नाम दिया है.

ताऊ ते को देखते हुए राज्य में NDRF की टीमें तैनात की गई:
कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण KSDMA  (Karnataka State Disaster Management Authority) के मुताबिक, चक्रवात तौकते की वजह से पिछले 24 घंटों में 6 ज़िलों, 3 तटीय जिलों और 3 मलनाड जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई. अब तक 4 लोगों की जान गई और 73 गांव प्रभावित हुए. गुजरात में चक्रवाती तूफान ताऊ ते को देखते हुए राज्य में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं. NDRF गांधीनगर के डिप्टी कमांडेंट रणविजय कुमार सिंह ने बताया कि 24 टीमें आज शाम तक अपनी जगह ले लेंगी, जिसमें 13 टीमें बाहर से मंगाई गई हैं.

मोदी ने हाईलेवल मीटिंग की:
तूफान के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को हाईलेवल मीटिंग (High Leval Meeting) की और तैयारियों का जायजा लिया. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से बताया गया कि मीटिंग में केंद्र सरकार के सीनियर अफसरों के साथ-साथ महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात के अधिकारी शामिल हुए.

बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) तटीय राज्यों के मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों (Central Ministries / Agencies) के लगातार संपर्क में रहेंगे. गृह मंत्रालय 24 घंटे इस पर नजर बनाए रखेगा और राज्यों के संपर्क में रहते हुए फौरन जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाएगा.

NDRF की 53 टीमें अलर्ट पर:
NDRF के महानिदेशक एसएन प्रधान (Director General SN Pradhan) ने शुक्रवार को बताया- NDRF की 53 टीमों को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों पर तैनात किया जा रहा है.

वायुसेना अलर्ट; मछुआरों को दी गई चेतावनी: 
तूफान की संभावना को देखते हुए भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) भी अलर्ट मोड में है. वायुसेना ने 16 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (Transport Aircraft) और 18 हेलिकॉप्टर को राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार रहने के लिए कहा है. गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र के समुद्री इलाकों में साइक्लोन को लेकर कोस्ट गार्ड (Cost Guard) अलर्ट पर है. साथ ही मछुआरों को समंदर से दूर रहने की चेतावनी दी गई है.

गुजरात पर सबसे ज्यादा असर:
मौसम विभाग (Weather Department) का कहना है कि इस चक्रवात का सबसे ज्यादा असर गुजरात पर पड़ेगा. द्वारका, कच्छ, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, राजकोट, मोरबी और जामनगर जिलों में फूस के बने मकान पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, मिट्टी के घरों को भी भारी नुकसान होगा, पक्के मकानों को भी कुछ नुकसान पहुंच सकता है. भारी बारिश के कारण कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो सकते हैं.

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