अयोध्या मामला, मुस्लिम पक्ष ने 5 दिन सुनवाई में जताई असमर्थता

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/09 05:13

नई दिल्ली अयोध्या मामले में आज सुनवाई का चौथा दिन है.अयोध्या टाइटल सूट केस में सुप्रीम कोर्ट में 6 अगस्त से रोजाना सुनवाई शुरू हो चुकी है.सर्वोच्च अदालत ने अपनी परंपरा को तोड़ते हुए इस मामले की सुनवाई हफ्ते में पांच दिन करने का फैसला किया है.अदालत ने गुरुवार को अब इस मुद्दे पर हफ्ते में तीन दिन की जगह पांच दिन सुनवाई लेकिन सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से इस फैसले पर असमर्थता जाहिर की गई है. शुक्रवार को सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से पक्ष रखते हुए वकील राजीव धवन ने कहा कि सुनवाई का तरीका टॉर्चर करने वाला है. इतने कम समय में सुनवाई की वजह से तैयारी करने का समय नहीं मिलेगा. लेकिन अदालत ने मुस्लिम पक्षकारों की अर्जी को खारिज कर दिया है. इसका अर्थ ये है कि इस मुद्दे पर हर हफ्ते पांच दिन सुनवाई होगी.
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि पांच दिन की जगह सुनवाई के लिए तीन दिन ही सही है लेकिन सवाल ये है कि मुस्लिम पक्ष को ऐतराज क्यों है जानकारों का कहना है कि अगर हर हफ्ते पांच दिन सुनवाई होती है तो यह मामला नवंबर तक अपने मुकाम पर पहुंच सकता है. इस मसले पर निर्मोही अखाड़ा से अदालत ने साक्ष्य पेश करने के लिए कहा था. ये बात अलग है कि अखाड़ा ने 1982 की डकैती का हवाला देते हुए कहा कि साक्ष्य गायब हो गए हैं और वो इलाहाबाद हाईकोर्ट के कोट का हवाला दिया था। लेकिन अदालत ने कहा था कि आप को अदालत के सामने दस्तावेज पेश करने होंगे.
राजीव धवन ने कहा इस मामले में पांच दिन की सुनवाई अमानवीय है ऐसे हालात में हम सुनवाई प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे. अदालत को इस मामले में तेजी से बचना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो वो केस छोड़ देंगे उनकी इस जिरह पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आपकी दिक्कत के बारे में अदालत को पता चल चुका है. CJI रंजन गोगोई ने कहा है कि हमने आपकी बात सुन ली है, हम आपको बताएंगे.

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