राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दुष्कर्म पीड़िता के 23 सप्ताह के भ्रूण का गर्भपात कराने की दी अनुमति

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दुष्कर्म पीड़िता के 23 सप्ताह के भ्रूण का गर्भपात कराने की दी अनुमति

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दुष्कर्म पीड़िता के 23 सप्ताह के भ्रूण का गर्भपात कराने की दी अनुमति

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला देते हुए 17 वर्षिय एक युवती को उसके 23 सप्ताह के भ्रूण का गर्भपात करने की अनुमति दे दी. युवती को बहला फुसलाकर भगा ले जाने के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने बरामद किया था. दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद कोटा की पॉक्सो अदालत में मामला विचाराधिन है. अदालत के आदेश से ही मेडीकल बोर्ड द्वारा युवती का मेडीकल कराया गया जिसमें उसके गर्भस्थ शिशु में कई गंभीर विसंगतियां पायी गयी थी. लेकिन पॉक्सो कोर्ट ने युवती को गर्भपात कराने की अनुमति देने से इंकार करते हुए प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया.

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कुछ ही घण्टों में याचिका तैयार कर हाईकोर्ट में पेश की गयी:
पॉक्सो कोर्ट से राहत नही मिलने पर युवती ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के सदस्य सचिव अशोक जैन से संपर्क किया. मंगलवार शाम को अशोक जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ ही घण्टों में याचिका तैयार कर हाईकोर्ट में पेश की गयी. बुधवार को न्यायालय समय प्रारंभ होने के साथ ही इस याचिका को मेंशन किया गया. जिस पर जस्टिस पंकज भण्डारी की एकलपीठ ने स्वीकार करते हुए याचिका पर सुनवाई. जस्टिस पकंज भण्डारी ने पॉक्सो कोर्ट के आदेश को अपास्त करते हुए युवती के 23 सप्ताह के भ्रूण के गर्भपात कराने की अनुमति दे दी.

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