पायलट कैंप के दूसरे विधायक वेदप्रकाश सोलंकी का बड़ा बयान, कहा- अगर मेरे कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी जाएगी, तो मैं भी दे दूंगा इस्तीफा

पायलट कैंप के दूसरे विधायक वेदप्रकाश सोलंकी का बड़ा बयान, कहा- अगर मेरे कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी जाएगी, तो मैं भी दे दूंगा इस्तीफा

जयपुर: प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर सियासत उफान पर है. सचिन पायलट गुट (Sachin Pilot) के असंतुष्ट विधायक हेमाराम चौधरी (MLA Hemaram Chaudhary) ने विधायक पद से इस्तीफा (resigns) दे दिया है. अब उनके ही गुट के दूसरे विधायक वेदप्रकाश सोलंकी (MLA Vedprakash Solanki) का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने अपने सरकारी आवास पर प्रेस वार्ता का आयोजन कर मीडिया से कहा कि अगर मेरे कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी जाएगी, तो मैं भी इस्तीफा दे दूंगा. 

सोलंकी ने हेमाराम चौधरी के इस्तीफे को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हेमाराम से वार्ता करने की जरूरत है. वो सीनियर लीडर है. सीनियर नेताओं की जब सुनवाई नहीं होती तब वो अपना इस्तीफा देते हैं. आज उनका संयम टूट गया है. कांग्रेस आलाकमान को समझने की जरूरत है. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी विधायकों की नहीं सुनते हैं. बहुत विभाग बिना मंत्रियों के चल रहे हैं ऐसे में वहां अधिकारी हावी हो रहे हैं. राजनीतिक नियुक्तियों की विभागों में अभी जरूरत है. 

जल्द से जल्द सत्ता का विकेन्द्रीयकरण किया जाए:
चाकसू विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा कि हेमाराम ने पार्टी के हित में काम किया है. वो जमीन से जुड़े नेता हैं. ऐसे में उनके मुद्दों को गंभीरता से सुना जाए. उनका इस्तीफा देना बहुत ही दुखद है. विधायक सोलंकी ने कहा कि तब मुझे पहली बार देखकर आश्चर्य हुआ था जब उन्होंने कहा था कि मेरे पास चुनाव लड़ने के पैसे नहीं थे. ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष से मांग है कि उनकी सुनवाई की जाए. विधायकों पर अफसरशाही हावी है. जल्द से जल्द सत्ता का विकेन्द्रीयकरण किया जाए. उन्होंने कहा कि हेमाराम चौधरी जैसा नेता पूरे राजस्थान में कोई नहीं है. आलाकमान को इस्तीफे की वजह जाननी चाहिए. हेमाराम जी को इस्तीफ़े को वापस लेना चाहिए. 

विधायक हेमाराम चौधरी ने मंगलवार को दिया था इस्तीफा:
बता दें कि सचिन पायलट गुट के असंतुष्ट विधायक हेमाराम चौधरी ने मंगलवार को विधायक पद से इस्तीफा दिया था. हेमाराम ने ई मेल के और डाक से अलग-अलग इस्तीफे की कॉपी विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को भेजी है. हेमाराम चौधरी का इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को मिलने की पुष्टि हो गई है. हेमाराम के इस्तीफे के बाद विधानसभा ने लिखित बयान जारी किया है. बयान में लिखा है- मंगलवार को विधायक हेमाराम चौधरी का इस्तीफा ई मेल से मिला है जिस पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी. हेमाराम चौधरी ने कहा कि मैंने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया है. इस्तीफा ई मेल कर दिया है और डाक से भी भेज दिया है. मैंने पहले भी इस्तीफा दिया था लेकिन उस वक्त स्वीकार नहीं किया था, पार्टी ने मुझे मनाया तो मान गया था. अब ढाई साल से विधायक हूं बहुत हो गया, आगे ढाई साल नहीं रहूंगा तो क्या हो जाएगा. इस्तीफे की वजह इसके स्वीकार होने के बाद बताउंगा. 

और पढ़ें