जयपुर लोगों का स्वप्रेरित होकर भीड़ भरे आयोजनों से बचना सराहनीय - सीएम गहलोत

लोगों का स्वप्रेरित होकर भीड़ भरे आयोजनों से बचना सराहनीय - सीएम गहलोत

लोगों का स्वप्रेरित होकर भीड़ भरे आयोजनों से बचना सराहनीय - सीएम गहलोत

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि प्रदूषण के कारण कोविड-19 के रोगियों में सांस की तकलीफ बढ़ जाती है, इससे मृत्युदर बढ़ने की आशंका भी व्यक्त की गई है. ऐसे में, हमें दिवाली एवं दशहरे के अवसर पर आतिशबाजी से बचना चाहिए. गहलोत ने कहा कि ऐसी स्थिति में रावण दहन, दशहरा मेला जैसे कार्यक्रम भी डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जाना बेहतर है.

रावण दहन, दशहरा मेला भी डिजिटल माध्यम से होना बेहतर:
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर कोविड-19 की समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें प्रदेश की मौजूदा स्थिति के बारे में चर्चा की गई. सीएम ने मीटिंग में कहा कि कोरोना के खिलाफ जागरूकता बढ़ने से लोग स्वप्रेरणा से मास्क लगाने के साथ ही सोशल डिस्टेसिंग एवं अन्य हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना कर रहे हैं. नवरात्रा के इन दिनों में होने वाले गरबा, डांडिया, रामलीला जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक स्तर पर भीड़-भाड़ के साथ आयोजित न होकर डिजिटल माध्यम से ही हो रहे हैं. साथ ही सीएम ने वैवाहिक समारोहों एवं त्यौहारों के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. दरअसल सर्दी के मौसम में संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ सकता है. 

 

घर-घर जाकर लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करें:
वहीं मुख्यमंत्री ने जन आंदोलन के सकारात्मक असर को देखते हुए निर्देश दिए हैं कि स्थानीय निकायों में कार्यरत सफाईकर्मी भी घर-घर जाकर लोगों को मास्क पहनने तथा ‘नो मास्क-नो एन्ट्री’ के लिए प्रेरित करें. बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक अपराध एमएल लाठर, प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

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