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सीएम गहलोत ने नए सिरे से दी मंत्रियों को जिलों की जिम्मेदारी, जानिए बदलाव के मायने

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने मंत्रियों को जिलों की जिम्मेदारी नए सिरे से सौंपी है. कुछ मंत्रियों को यथावत रखा गया है, जबकि अधिकांश का जिला बदल दिया गया है. पहली बार मुख्य सचेतक व उप मुख्य सचेतक को मंत्री की तरह जिलों का प्रभार सौंपा गया है. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करीब डेढ साल बाद मंत्रिमंडल के साथियों की जिलों की जिम्मेदारी बदल दी है. विश्वेंद्र सिहं व रमेश मीणा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने तथा मास्टर भंवरलाल शर्मा के लंबे समय से अस्पताल में भर्ती होने के कारण कुछ जिलों का प्रभार खाली हो गया था. ऐसे में मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभार की एक्सरसाइज नए सिरे से कर डाली. जिलों का प्रभार सौंपने में मुख्यमंत्री गहलोत ने अहम फैसला करते हुए मुख्य सचेतक महेश जोशी व उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी को भी मंत्री की तरह ही जिलों का प्रभार सौंप दिया. सबसे पहले नजर डालते है उन मंत्रियों पर जिनका जिला नहीं बदला गया. 

- यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को जयपुर का प्रभार बरकरार
- महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश पहले की तरह अलवर देखेंगी
- राजेंद्र यादव फिर से बांसवाड़ा, डूंगरपुर की जिम्मेदारी संभालेंगे
- सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना को राजसमंद में बरकरार

इन चार मंत्रियों के अलावा बाकी सभी मंत्रियों के प्रभार वाला जिला बदल दिया गया है. बीडी कल्ला, टीकाराम जूली और लालचंद कटारिया ऐसे मंत्री  हैं, जिनके पास पहले भी दो जिलों का प्रभार था और अब भी दो जिलों का प्रभार मिला है.  

जलदाय मंत्री बीडी कल्ला-
जैसलमेर व बाड़मेर की जगह श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ का जिम्मा

उद्योग मंत्री परसादी मीणा-
झुंझुनूं के बजाय बूंदी और सवाई माधोपुर जिलों के प्रभारी बने

कृषि मंत्री लालचंद कटारिया- 
जोधपुर व पाली के बजाय अब अजमेर और कोटा के होंगे प्रभारी

चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा- 
सीकर की बजाय अब भीलवाड़ा और टोंक के प्रभारी मंत्री बने
सचिन पायलट का क्षेत्र भी रघु शर्मा के अंडर में आया
पहले टीकाराम जूली के पास था टोंक का प्रभार

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी- 
दौसा के बजाय नागौर के प्रभारी मंत्री बने

उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी- 
जालौर व सिरोही की जगह अब चूरू का जिम्मा सौंपा

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास- 
कोटा और बूंदी की जगह अब उदयपुर का होगा प्रभार दिया
पहले मास्टर भंवरलाल के पास था उदयपुर का प्रभार
लेकिन मास्टर भंवरलाल बीमार होने के कारण अस्पताल में भर्ती

अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद- 
बीकानेर की बजाय पाली का प्रभार वाला सौंपा सीएम ने

खान व गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया- 
अजमेर की बजाय जालौर व सिरोही की जिम्मेदारी सौंपी भाया को

शिक्षा मंत्री व पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा- 
हनुमानगढ़ व गंगानगर की जगह अब बीकानेर के रहेंगे प्रभारी मंत्री बने
मंत्री बीडी कल्ला व भंवर सिंह भाटी का गृह जिला है बीकानेर

गृह रक्षा राज्य मंत्री भजन लाल जाटव- 
प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ की बजाय अब धौलपुर जिले का प्रभार

जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुन बामनिया- 
भीलवाड़ा की जगह प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ का जिम्मा सौंपा

वन व पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई- 
नागौर की बजाय बाड़मेर और जैसलमेर की जिम्मेदारी दी

खेल मंत्री अशोक चांदना- 
अब भरतपुर के बजाय करौली और दौसा के होंगे प्रभारी मंत्री

श्रम मंत्री टीकाराम जूली- 
अब टोंक की बजाय झालावाड़ और बारां का प्रभार मिला

तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग- 
चूरू के बजाय झुंझुनूं और सीकर का प्रभार  सौंपा

- बर्खास्त 2 मंत्रियों के प्रभार वाले जिले दिए दूसरे मंत्रियों को
- विश्वेंद्र सिंह के पास थे पहले करौली और धौलपुर जिलों के प्रभार
- लेकिन उन्हें बर्खास्त करने के बाद अब करौली का प्रभार दिया अशोक चांदना को
- जबकि धौलपुर का प्रभार दे दिया भजन लाल जाटव को
- पहले झालावाड़ और बारां जिले के प्रभारी थे रमेश मीणा
- उनकी बर्खास्तगी के बाद अब टीकाराम जूली को दे दिया इन दोनों जिलों का प्रभार

3 मंत्रियों का भार हल्का किया मुख्यमंत्री: 
- पहले दो जिलों का प्रभार था, अब एक जिले का ही प्रभार
- भंवर सिंह भाटी पहले जालोर और सिरोही का संभालते थे प्रभार
- अब उनके पास रह गया एकमात्र चुरू जिले का प्रभार
- गोविंद सिंह डोटासरा के पास पहले गंगानगर और हनुमानगढ़ का था प्रभार
- अब सिर्फ बीकानेर जिले का ही रहेगा उनके पास प्रभार
- खाचरियावास के पास पहले कोटा और बूंदी इन दो जिलों का था प्रभार
- अब वे दो की बजाय सिर्फ उदयपुर जिले का प्रभार ही देखेंगे

6 मंत्रियों की जिम्मेदारी बढाई मुख्यमंत्री ने: 
- एक की बजाय 2 जिले का दायित्व दिया गहलोत ने
- सुभाष गर्ग के पास पहले चुरू जिले का था प्रभार
- अब उन्हें दे दिए झुंझुनू और सीकर जैसे 2 जिले
- रघु शर्मा के पास था पहले केवल सीकर का प्रभार
- अब सीकर के बजाय भीलवाड़ा और टोंक जिले का दे दिया उन्हें प्रभार
- परसादी लाल मीणा के पास था पहले केवल झुंझुनू जिले का प्रभार
- अब बूंदी और सवाई माधोपुर का रहेगा प्रभार
- अर्जुन बामनिया के पास एकमात्र भीलवाड़ा की थी जिम्मेदारी
- अब चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ का संभालेंगे प्रभार
- सुखराम विश्नोई के पास पहले था नागौर का प्रभार
- अब बाड़मेर और जैसलमेर जिलों के होंगे वे प्रभारी मंत्री
- अशोक चांदना के पास था केवल भरतपुर जिले का प्रभार
- अब करौली और दौसा इन दो जिलों के होंगे प्रभारी मंत्री

जिलों का प्रभार बांटने में सबसे बड़ा फैसला हुआ है मुख्य सचेतक महेश जोशी व उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी का. महेश जोशी को भरतपुर का जिम्मा दिया गया है. यह जिला पहले खेल मंत्री अशोक चांदना के पास था. भरतपुर महेश जोशी का ससुराल भी है. वहीं महेंद्र चौधरी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर की जिम्मेदारी दी गई है. संगठन के निर्देश पर महेंद्र चौधरी पहले से ही जोधपुर का काम देख रहे हैं और सत्ता के तौर पर भी जोधपुर की ही जिम्मेदारी मिली है. महेश जोशी व महेंद्र चौधरी को सियासी संकट के दौरान सीएम गहलोत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का इनाम मिला है. यानी ये दोनों भले ही मंत्री न हो लेकिन अब मंत्री से कम भी नहीं है.  नया प्रभार मिलने के बाद सभी मंत्री इसी महीने अपने जिलों का दौरा करेंगे और साथ ही वीसी के माध्यम से मीटिंग भी करेंगे. साथ ही इनको संगठन के साथ बैठक करने की भी जिम्मेदारी दी गई है. यानी पूरी कवायद में अब सरकार कोरोना संकट के बीच सुशासन का बेहतरीन चेहरा दिखाना चाहती है.  

...डॉ रितुराज के साथ नरेश शर्मा फर्स्ट इंडिया न्यूज जयपुर

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दुबई: इंडियन प्रीमियर लीग का पहला क्वालीफायर और फाइनल दुबई में होगा जबकि बाकी दो प्लेआफ मैच अबुधाबी में खेले जायेंगे. भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने रविवार को इसका ऐलान किया कि क्वालीफायर वन शीर्ष दो टीमों के बीच होगा जो पांच नवंबर को खेला जायेगा जबकि फाइनल 10 नवंबर को होगा. अबुधाबी के शेख जायद स्टेडियम में छह नवंबर को एलिमिनेटर खेला जायेगा जो तीसरे और चौथे स्थान की टीमों के बीच होगा. यहां आठ नवंबर को दूसरा क्वालीफायर भी खेला जायेगा.

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बीसीसीआई ने महिला टी20 चैलेंज के कार्यक्रम की भी घोषणा की जो चार से नौ नवंबर के बीच शारजाह में होगा. खिलाड़ी दुबई पहुंच चुके हैं और छह दिन के पृथकवास पर हैं.  फाइनल नौ नवंबर को खेला जायेगा. टीमें सुपरनोवास, वेलोसिटी और ट्रेलब्लेजर एक दूसरे से एक बार खेलेंगे और फिर फाइनल होगा.

मानसी जोशी की जगह मेघना सिंह विकल्प के तौर पर शामिलः
विज्ञप्ति में कहा गया कि भारतीय महिला चयन समिति ने वेलोसिटी टीम में मानसी जोशी की जगह मेघना सिंह को विकल्प के तौर पर शामिल किया. जोशी कोरोना जांच में पॉजिटिव पाई गई थी. बीसीसीआई ने प्रदेश ईकाइयों और शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को टूर्नामेंट की शुरूआत में नहीं बुलाया लेकिन अब उन्हें फाइनल के लिये आमंत्रित करने का फैसला किया है. समझा जाता है कि हर प्रदेश ईकाई से एक अधिकारी को बुलाया जायेगा.
सोर्स भाषा

IPL20: चेन्नई से मिली हार के बाद बोले विराट, कहा-इस लीग में कभी भी हो सकता है हार का सामना

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दुबईः रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के कप्तान विराट कोहली ने रविवार को चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों आईपीएल में मिली हार के बाद कहा कि उनकी टीम अपनी क्षमता के अनुरूप नहीं खेल सकी लेकिन स्वीकार किया कि इतनी लंबी लीग में कभी हार का सामना तो करना ही पड़ेगा. चेन्नई ने आरसीबी को आठ विकेट से हराया हालांकि कोहली की टीम 11 मैचों में 14 अंक लेकर प्ले ऑफ की दौड़ में बनी हुई है.

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इस पिच पर 140 प्लस का स्कोर अच्छा थाः 
कोहली ने मैच के बाद कहा कि इस पिच पर 140 प्लस का स्कोर अच्छा था. हम रफ्तार बदलकर गेंद डाल सकते थे और उसमें बाउंसर जोड़ने चाहिये थे. हम वैसा नहीं कर सके. हमने बल्लेबाजों को दबाव बनाने का मौका दिया. उन्होंने कहा कि चेन्नई की पारी से इस पिच का अनुमान नहीं लगाया जा सकता. उन्होंने स्टम्प पर गेंद डाली और उनके स्पिनर काफी किफायती रहे .

अगले मैच के दिन अच्छी तैयारी के साथ उतरना होगाः
कोहली ने कहा कि मैच के दिन अच्छी तैयारी के साथ उतरना होगा. सभी टीमों में अच्छे खिलाड़ी हैं और सब कुछ मैच के दिन के प्रदर्शन पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि हम अच्छा खेल रहे हैं और यह स्वीकार करना होगा कि इतनी लंबी लीग में कभी तो हार का सामना करना ही होगा.
सोर्स भाषा

उद्धव का भाजपा पर हमला, कहा- बिहार के लिए टीका मुफ्त, बाकी राज्यों के लोग क्या बांग्लादेश से आए हैं

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मुंबईः महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बिहार में कोविड-19 का टीका मुफ्त उपलब्ध कराने के भाजपा के चुनावी वादे पर तंज कसते हुए कहा कि क्या दूसरे राज्यों के लोग बांग्लादेश या कजाकिस्तान से आये हैं. ठाकरे दादर के सावरकर हॉल में आयोजित शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित कर रहे थे. इस बार कोरोना वायरस की रोकथाम के नियमों के चलते हर साल की तरह शिवाजी पार्क में यह आयोजन नहीं किया गया.

ठाकरे ने कहा-अन्य राज्यों के लोग बांग्लादेश या कजाकिस्तान से आये हैंः
ठाकरे ने कहा कि आप बिहार में लोगों के लिए कोविड-19 के मुफ्त टीके का वादा करते हैं, तो क्या अन्य राज्यों के लोग बांग्लादेश या कजाकिस्तान से आये हैं? ऐसी बातें कर रहे लोगों को खुद पर शर्म आनी चाहिए. आप केंद्र में बैठे हैं.

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अभिनेत्री कंगना रनौत पर परोक्ष निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग रोजी-रोटी के लिए मुंबई आते हैं और शहर को पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) बोलकर उसे गाली देते हैं.

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उन्होंने कहा कि मौजूदा जीएसटी प्रणाली पर पुनर्विचार करने का वक्त आ गया है और अगर जरूरी हुआ तो इसे बदला जाना चाहिए क्योंकि राज्यों को इससे फायदा नहीं मिल रहा है. ठाकरे ने कहा कि हमें (महाराष्ट्र को) अभी तक जीएसटी का 38,000 करोड़ रुपये का बकाया नहीं मिला है.उन्होंने कहा कि भाजपा को लोगों को जाति और धर्म के आधार पर नहीं बांटना चाहिए.
सोर्स भाषा

अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी को न्यायालय से मिली राहत, कोर्ट ने  गिरफ्तारी पर लगाई रोक

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मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश):  फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी को इलाहबाद उच्च न्यायालय ने राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है. नवाजुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ उनकी पत्नी ने छेड़खानी का आरोप लगाते हुए मामला दायर किया था.

नवाजुद्दीन, उनके दो भाई और मां की गिरफ्तारी पर लगाई रोकः
जानकारी के अनुसार इलाहबाद उच्च न्यायालय ने उनकी अलग रह रही पत्नी द्वारा दायर छेड़खानी के एक मामले में अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. नवाज के वकील जफर जैदी ने यह जानकारी दी. जैदी ने कहा कि अदालत ने नवाजुद्दीन, उनके दो भाइयों फयाजुद्दीन और अयाजुद्दीन तथा मां मेहरुन्निसा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. हालांकि, उनके तीसरे भाई मुनाजुद्दीन को अदालत से राहत नहीं मिली.

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नवाजुद्दीन की पत्नी आलिया उनपर हमला करने और नाबालिग बच्ची से छेड़खानी का लगाया था आरोपः
नवाजुद्दीन से अलग रह रही उनकी पत्नी आलिया ने 27 जुलाई को अभिनेता, उनके तीन भाइयों तथा मां पर 2012 में उनपर हमला करने और परिवार की नाबालिग बच्ची से छेड़खानी करने का आरोप लगाते हुए इन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. आलिया 14 अक्टूबर को यहां पॉक्सो अदालत में पेश हुई थीं और महिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था.
सोर्स भाषा
 

डब्ल्यूएचओ ने कहा- पाकिस्तान भी हो सकता है अगला पोलियो-मुक्त देश

डब्ल्यूएचओ ने कहा- पाकिस्तान भी हो सकता है अगला पोलियो-मुक्त देश

इस्लामाबाद: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि दुनिया में पोलियो मुक्त होने की दिशा में पाकिस्तान अगला देश हो सकता है. पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नाइजीरिया के साथ उन तीन देशों में से एक है जहां पोलियो अब भी है.

कोविड-19 लॉकडाउन के कारण पोलियो के खिलाफ प्रयास हुए प्रभावितः
‘डॉन न्यूज’ की खबर के अनुसार डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. पालिथा महिपाला ने शनिवार को यहां विश्व पोलियो दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि 30 वर्षों के प्रयास के बाद अफ्रीकी क्षेत्र को अगस्त में पोलियो मुक्त होने के रूप में प्रमाणित किया गया था और अब दुनिया में पोलियो मुक्त होने की दिशा में पाकिस्तान अगला देश हो सकता है. उन्होंने कहा कि टीकों के बारे में गलत धारणाओं जैसी चुनौतियों और कोविड-19 लॉकडाउन के कारण पोलियो के खिलाफ प्रयास प्रभावित हुए हैं. अपने साझेदारों के साथ पोलियो कार्यक्रम की गतिविधियां अब फिर बढ़ गई है जो पाकिस्तान में पोलियो को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण बात है.

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पोलियो उन्मूलन के प्रयास में पाकिस्तान सरकार का समर्थनः
महिपाला ने कहा कि डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ सहित वैश्विक संस्थाओं ने पोलियो उन्मूलन के प्रयास में पाकिस्तान सरकार का समर्थन करते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि इस बीमारी के पूरी तरह से खात्मे के लिए अभी बहुत प्रयास किये जाने की जरूरत है.
सोर्स भाषा

केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा में किसान यूनियनों का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका

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अंबाला/कुरुक्षेत्र: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने हरियाणा में कई जगहों पर केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया. कुरुक्षेत्र के शाहबाद में भाकियू कार्यकर्ताओं ने हरियाणा के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता कृष्ण कुमार बेदी के घर के पास प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिये पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया. कुछ प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे ले रखे थे और उन्होंने नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए केंद्र और भाजपा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

नारेबाजी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकाः
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अंबाला सिटी के निकट लखनपुर साहिब गांव में प्रदर्शन किया. प्रदर्शन स्थल पर किसानों ने केंद्र और भाजपा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की मांग की. बाद में प्रदर्शन के तहत अंबाला और कुरुक्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका. राज्य में कुछ अन्य जगहों पर भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने ऐसा ही प्रदर्शन किया.

सुरक्षा इंतजामः काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को किया गया तैनातः
गुरनाम सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि जब तक केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती तब तक उसके खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा.अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों समेत विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम के तहत सुबह से ही काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. इस महीने के शुरू में कुरुक्षेत्र पुलिस ने सिंह के खिलाफ प्रधानमंत्री को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मामला दर्ज किया था.

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की आवाज को दबाने के लिए ऐसे हथकंड़े अपना रही सरकारः
भाकियू नेता ने किसानों से अपील की थी कि वे दशहरे के दौरान प्रधानमंत्री का पुतला जलाएं. इसके बाद शाहबाद पुलिस थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी. शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता साहिल ने दर्ज कराई थी. इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की आवाज को दबाने के लिए ऐसे हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है.
सोर्स भाषा

खेलों को बढ़ावा देने के लिए गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, 29 खिलाड़ियों को मिलेगा नौकरी को तोहफा

जयपुरः खेलों को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के 29 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. गहलोत सरकार द्वारा दिए गए इस फैसले के बाद राजस्थान में न सिर्फ खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि प्रदेश का खेलों के स्तर में भी सुधार होगा. प्रदेश सरकार की ओर से दीपावाली से पहले मिले इस तोहफे से खिलाड़ियों के चेहरों पर खुशी का माहौल है.

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खिलाड़ियों को DSP की नौकरीः 
गहलोत सरकार की ओर से रविवार को दिए गए इस फैसले के अनुसार पांच खिलाड़ियों को डीएसपी की नौकरी दी जाएगी. इन खिलाड़ियों में तीरंदाज रजत चौहान, ओम प्रकाश, जितेंद्र सिंह, शालिनी पाठक, राजूलाल और ओमप्रकाश निठारवाल का नाम शामिल बताया जा रहा है.

पैरा खिलाड़ियों को मिलेगी ए कैटेगरी में नौकरीः
सरकार की ओर से जारी फैसले के मुताबिक पैरा खिलाड़ियों को भी ए कैटेगरी में नौकरी दी जाएगी. इस लिस्ट में देवेंद्र झाझड़िया, सुंदर गुर्जर, संदीप मान, कृष्णा नागर, निशा तंवर का नाम शामिल है. इसमें  देवेंद्र, कृष्णा व संदीप को सहायक वन संरक्षक की नौकरी तो वहीं सुंदर व निशा को सहायक आबकारी अधिकारी की नौकरी दी जाएगी।

बी कैटेगरी में 19 खिलाड़ियों के नाम शामिलः
वहीं बात करें सरकार के आदेश की तो इसमें 19 खिलाड़ियों के नाम बी कैटेगरी में  शामिल किए गए हैं. जिनमें लवमीत कटारिया, सुमित्रा शर्मा, कमलेश खटीक, कचनार चौधरी, महेंद्र सिंह, अर्जुन जाट, ममता ढाका, मनोहरलाल, प्राची गुर्जर, अनिल गुजराल, सचिन, दर्शना राठौड़, श्याम सुंदर स्वामी, ओम प्रकाश, भावेश शेखावत, महिपाल सिंह, करण सिंह, अजय सिंह का नाम शामिल किया गया है. वहीं वैरिफाई नहीं होने के कारण उमा का नाम लिस्ट में शामिल नहीं किया गया.

विजयदशमी पर कोरोना की मारः बरसों से चली आ रही रावण का पुतला दहन करने की परंपरा टूटी

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देहरादून (उत्तराखंड): बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाये जाने वाले विजयदशमी त्योहार के अवसर पर हर साल यहां रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण का पुतला दहन करने की परंपरा इस साल कोविड-19 महामारी के चलते टूट गई.

फीका रहा दशहरे का उत्साहः
परेड ग्राउंड और बन्नू स्कूल, दोनों ही जगह इस बार पुतला दहन के कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाए, जिसके चलते इस बार यहां दशहरा का उत्साह फीका रहा. राज्य सरकार ने परेड ग्राउंड में चल रहे विकास कार्यों के कारण वहां पुतला दहन की अनुमति नहीं दी. इसके अलावा, बन्नू स्कूल में भी कार्यक्रम में लोगों की मौजूदगी 50 व्यक्ति तक सीमित रखने के आदेश दिए गए थे. इस वजह से नाराज बन्नू बिरादरी समिति के लोगों ने कार्यक्रम का आयोजन ही रद्द कर दिया.

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भाजपा पर कांग्रेस का वार, कहा-सनातनी परंपरा को तोड़कर जन भावनाओं किया आहतः
हरिद्वार तथा प्रदेश में अन्य जगहों पर भी कोविड 19 के कारण पुतला दहन के कार्यक्रम नहीं आयोजित किए गए. मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर देश और प्रदेश की भाजपा सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन्होंने सनातनी परंपरा को तोड़कर जन भावनाओं को आहत किया है. उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि हिंदू धर्म का ठेका उठाने वाले लोगों के राज में इतिहास में पहली बार इस महान पर्व पर सनातनी परंपराएं तोड़ दी गयीं और इससे जनभावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं.
सोर्स भाषा