जयपुर महाराष्ट्र का राजनीतिक घटनाक्रम देश एवं लोकतंत्र के लिए अशुभ संकेत: मुख्यमंत्री गहलोत

महाराष्ट्र का राजनीतिक घटनाक्रम देश एवं लोकतंत्र के लिए अशुभ संकेत: मुख्यमंत्री गहलोत

महाराष्ट्र का राजनीतिक घटनाक्रम देश एवं लोकतंत्र के लिए अशुभ संकेत: मुख्यमंत्री गहलोत

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक घटनाक्रम को देश एवं लोकतंत्र के लिए अशुभ संकेत बताते हुए शनिवार को कहा कि जनता को इसे समझना चाहिए. महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद ऑपरेशन लोटस के एक बार फिर चर्चा में आने के सवाल पर गहलोत ने लक्ष्मणगढ़ (सीकर) में संवाददाताओं से कहा कि अब महाराष्ट्र में क्या स्थिति बनती है वह तो आने वाला वक्त बताएगा. पर यह अच्छी परंपरा नहीं है. मेरी दृष्टि में वहां भी हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) ही हो रही है.

उन्होंने कहा कि भाजपा पहले मध्य प्रदेश, फिर राजस्थान और अब महाराष्ट्र में (ऑपरेशन लोटस चला रही है)... यह शुभ संकेत नहीं है. यह देश के लिए, लोकतंत्र के लिए बहुत ही अशुभ संकेत है. जनता को इन बातों को समझना चाहिए.गौरतलब है कि शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे की अगुवाई में पार्टी के विधायकों के एक समूह द्वारा पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मंगलवार को विद्रोह किए जाने से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार संकट में घिर गई है.

केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि दिल्ली में जो सरकार चल रही है और वह ईडी, इनकम टैक्स, सीबीआई को जिस रूप में दुरुपयोग कर रही है, उससे पूरे देश में बहुत ही चिंता का विषय बना हुआ है, सब लोग घबराए हुए हैं, लोग बोल नहीं रहे हैं. उन्होंने कहा और हिंदू-मुस्लिम को लेकर भी जो राजनीति हो रही है वह भी खतरनाक है. चूंकि यदि हिंसा होगी तो विकास नहीं होगा. हर कस्बे में, हर गली में, हर मोहल्ले में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच में भय है. किसी जगह यदि एक का बहुमत है, तो दूसरा पक्ष घबराया हुआ है. ये कोई अच्छे हालात थोड़े ही हैं?

साल 2020 में अपनी सरकार पर आए राजनीतिक संकट के एक मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को नोटिस तामिल होने पर गहलोत ने कहा कि कानून को अपना काम करना चाहिए. गहलोत ने कहा कि कानून अपना काम करे. वह बचते रहे, बचते रहे, बचते रहे, आखिर में अदालत से नोटिस तामिल हो गया. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें स्वर नमूना देने में तकलीफ क्या है? दिल्ली की अदालत में वह स्वीकार भी कर चुके हैं कि आवाज उनकी ही है. वहां पुलिस शपथ पत्र में स्वीकार कर चुकी है.

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में राजनीतिक संकट के दौरान एक विधायक के साथ केंद्रीय मंत्री शेखावत की फोन पर बातचीत को लेकर यहां एसीबी में मामला दर्ज किया गया था. केंद्रीय मंत्री की ओर से मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी (ओएसडी) लोकेश शर्मा के खिलाफ दिल्ली पुलिस में फोन टैपिंग के आरोप में मामला दर्ज करवाया गया था. इसका जिक्र करते हुए गहलोत ने शेखावत पर निशाना साधा और कहा कि आप सरकार गिराने के षडयंत्र में मुख्य किरदार थे और सबको मालूम है कि आप बेनकाब हो गए हैं.

गहलोत ने इससे इतर अपने कार्यक्रम में भी शेखावत के पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह (शेखावत) धमकी दे रहे हैं कि अगर राजस्थान में सरकार बदलने में कामयाब हो जाता और सचिन पायलट चूकता नहीं तो पानी आ जाता राजस्थान में. कोई केंद्रीय मंत्री ऐसी भाषा बोल सकता है? इससे अधिक शर्म की बात क्या हो सकती है कि सरकार बदलो तो पानी मैं दूंगा. (भाषा) 
 

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