डॉक्टर भी कहते हैं 'भगवान है ये' लेकिन क्यों ?

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/08 12:13

कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले जेम्स हैरिसन को अगर असाधारण कहा जाए तो गलत नहीं होगा इसका कारण है कि वह बीते 60 साल से ब्लड डोनेट कर रहे हैं  रेड क्रॉस ब्लड सर्विस के मुताबिक जेम्स अब तक 24 लाख बच्चों की जान बचा चुके हैं  इसी की वजह से उनके हाथ को 'गोल्डन आर्म' कहा जाता है ऐसा माना जाता है कि जेम्स हैरिसन अब तक लाखों बच्चों की जान बचा चुके हैं  डॉक्टर के मुताबिक, 81 साल के बुजुर्ग के खून में एक विशेषता पाई जाती है, जो आम लोग में खून में नहीं है जेम्स ने अपने अब तक के जीवन में करीब 1200 बार रक्तदान किया है। लेकिन अब डॉक्टरों ने उन्हें ऐसा न करने की चेतावनी दे डाली है हालांकि हैरिसन को इस बात का दुख है कि अब वो अपना खून दान नहीं कर सकते लेकिन वह यह सोचकर भावुक हो जाते हैं कि उनकी वजह से लाखों अजन्में बच्चे सही सलामत इस दुनिया में आ सके हैं.

क्यों खास है जेम्स का खून 

जेम्स के खून में एक खास तरह की यूनिक एंटीबॉडी मौजूद है इसे एंटी-डी कहा जाता है ये एंटी बॉडी गर्भ में पल रहे तमाम बच्चों को ब्रेन डैमेज या दूसरी घातक बीमारी से लड़ने की ताकत देता है डॉक्टर्स बताते हैं कि बीते 60 साल में जेम्स के ब्लड डोनेशन की वजह से लाखों बच्चों की जान बच सकी क्योंकि अगर उनका ब्लड नहीं होता तो ये बच्चे गर्भ में ही मर जाते। बुजुर्ग शख्स ने इन वर्षों में 1200 बार ब्लड डोनेट किया है, लेकिन अब डॉक्टर्स ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया है जेम्स खून न दे सकने की विवशता पर अब भावुक हो जाते हैं उनकी वजह से ही 1964 से अब तक करीब 24 लाख बच्चों की जान बचाई जा चुकी है हालांकि जेम्स ने बताया कि 14 साल की उम्र में ब्लड डोनेशन से ही उनकी जान बची थी बस तभी से ब्लड डोनेट करना शुरू कर दिया

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