FATF ने दिया पाकिस्‍तान को बड़ा झटका, टेरर फंडिंग की वजह से ब्लैकलिस्ट में डाला

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/23 01:44

कैनबरा:एफएटीएफ वर्ष 2000 से ब्‍लैक लिस्‍ट जारी कर रहा है.अंतरराष्ट्रीय टेरर फंडिंग और आतंकी ग्रुप्स की मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने में नाकाम रहने के बाद FATF के एशिया पैसेफिक ग्रुप ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है.आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था ‘फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) के ग्रे लिस्‍ट में डालने के बाद अब FATF की एशिया प्रशांत इकाई ने उसे डाउनग्रेड कर 'ब्लैक लिस्ट' में डाल दिया है.कर्ज के संकट से जूझ रहे पाकिस्‍तान को ये एक और बड़ा झटका लगा है FATF की एशिया प्रशांत इकाई ने आतंकियों के वित्‍तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने में असमर्थ रहने पर पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट में डाला है

आस्‍ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में आयोजित FATF की एशिया प्रशांत इकाई की बैठक में यह फैसला लिया गया। इससे पहले FATF ने पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में डाला था.भारतीय अधिकारियों ने बताया कि एफएटीएफ के एशिया प्रशांत इकाई ने वैश्विक मानदंडों को पूरा नहीं करने के लिए पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट में डाला है एफएटीएफ ने पाया कि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकियों के वित्‍तपोषण से जुड़े 40 मानदंडों में से 32 को पाकिस्‍तान ने पूरा नहीं किया. इसको देखते हुए एफएटीएफ ने पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट में डाल दिया है
एफएटीएफ की एशिया प्रशांत इकाई के ब्‍लैक लिस्‍ट में डाले जाने के बाद अब पाकिस्‍तान के एफएटीएफ के ग्रे लिस्‍ट से निकलने की संभावना और कम हो गई है.बता दें कि फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स ने शुक्रवार को कहा था कि पाकिस्तान टेरर फंडिंग पर अपने ऐक्शन प्लान को पूरा करने में विफल रहा है.अमेरिका के फ्लोरिडा के ओरलैंडो में आयोजित बैठक के समापन पर जारी एक बयान में एफएटीएफ ने चिंता व्यक्त की कि 'न सिर्फ पाकिस्तान जनवरी की समय सीमा के साथ अपनी ऐक्शन प्लान को पूरा करने में विफल रहा है, बल्कि वह मई 2019 तक भी अपनी कार्य योजना को पूरा करने में भी विफल रहा है

अक्टूबर 2019 तक ऐक्शन प्लान को पूरा करने को कहा 
एफएटीएफ ने ‘कड़ाई’ से पाकिस्तान से अक्टूबर 2019 तक अपने ऐक्शन प्लान को पूरा करने को कहा था। पाकिस्तान पिछले एक साल से FATF की ग्रे लिस्ट में है और उसने FATF से पिछले साल जून में ऐंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग मेकेनिज्म को मजबूत बनाने के लिए उसके साथ काम करने का वादा किया था. तब उनके बीच तय समय सीमा के अंदर 10-पॉइंट ऐक्शन प्लान पर काम करने की सहमति बनी थी. ऐक्शन प्लान में जमात-उद-दावा, फलाही-इंसानियत, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और अफगान तालिबान जैसे आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर लगाम लगाने जैसे कदम शामिल थे

ब्लैकलिस्ट से चरमराएगी पाक इकॉनमी 
बता दें कि एफएटीएफ की ओर से ब्लैकलिस्ट किए जाने का मतलब होता है कि संबंधित देश मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनैंसिंग के खिलाफ जंग में सहयोग नहीं कर रहा है.यदि पाक को ब्लैक लिस्ट किया जाता है तो फिर उसे वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ, एडीबी, यूरोपियन यूनियन जैसी संस्थाओं से कर्ज मिलना मुश्किल हो जाएगा. इसके अलावा मूडीज, स्टैंडर्ड ऐंड पूअर और फिच जैसी एजेंसियां उसकी रेटिंग भी घटा सकती हैं। एफएटीएफ वर्ष 2000 से ब्‍लैक लिस्‍ट जारी करता है

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