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आज GST काउंसिल की बैठक, टैक्स रेट में कटौती को लेकर सबकी निगाहें

आज GST काउंसिल की बैठक,  टैक्स रेट में कटौती को लेकर सबकी निगाहें

नई दिल्ली :अर्थव्यवस्था की सुस्त पड़ती रफ्तार के बीच आज गोवा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की अहम बैठक होने जा रही है. यह काउंसिल की 37वीं बैठक होगी और इसमें कई वस्तुओं पर रेट कट की उम्मीद इंडस्ट्री को है. इस बैठक में बिस्किट, माचिस और होटल इंडस्ट्री को राहत मिल सकती है, लेकिन ऑटो सेक्टर को राहत मिलना मुश्किल लग रहा है.

विभिन्न उद्योगों की ओर से जीएसटी दरों में कटौती की मांग के बीच शुक्रवार को उच्च अधिकार प्राप्त GST काउंसिल की बैठक होने जा रही है. बैठक से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक प्रेस कांफ्रेंस भी करने वाली हैं.इस बैठक पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं क्योंकि इसमें विभिन्न उत्पादों पर टैक्स को लेकर फैसला किया जा सकता है.

इस जीएसटी काउंसिल की बैठक में ऑटोमोबाइल, बिस्किट, माचिस, आउटडोर कैटरिंग सेगमेंट के GST रेट में बदलाव की बात एजेंडे में रखी गई है. लेकिन कहा जा रहा है कि केवल होटल इंडस्ट्री को इस बैठक में राहत मिल सकती है. जबकि ऑटो इंडस्ट्री कारों पर लगने वाले 28 फीसदी जीएसटी को घटाकर 18 फीसदी करने की मांग कर रही है, इंडस्ट्री की इस मांग पर कई राज्य सरकारें ही सहमत नहीं दिख रही हैं.
इसके अलावा तरह माचिस उद्योग को भी दो तरह की जीएसटी दरों से मुश्किलें हो रही हैं और काउंसिल राहत की उम्मीद है.जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी का मानना है कि ऑटो सेक्टर में रेट कटौती से GST कलेक्शन पर असर पड़ेगा. क्योंकि इस सेक्टर से सालाना 50 से 60 हजार करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन होता है. वहीं सूत्रों की मानें तो जीएसटी परिषद की समायोजन समिति राजस्व की कड़ी स्थिति का हवाला देते हुए बिस्कुट से लेकर कार उद्योग की जीएसटी में कटौती की मांग खारिज कर दी है.हालांकि होटल इंडस्ट्री को जीएसटी में राहत मिल सकती है. अभी 7500 रुपये प्रति नाइट स्टे से ज्यादा चार्ज करने वाले लग्जरी होटल पर 28 फीसदी का जीएसटी लगता है. सूत्रों के मुताबिक टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी के आह्वान को देखते हुए 10 से 12 हजार रुपये प्रति नाइट स्टे तक चार्ज करने वाले होटलों के लिए जीएसटी रेट घटाकर 18 फीसदी किया जा सकता है.

समिति में केंद्र एवं राज्यों के रेवेन्यू ऑफिशियल शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि जीएसटी परिषद ईंट भट्टा, बालू खनन गतिविधियां और पत्थर की गिट्टियों (स्टोन क्रशर्स) की आपूर्ति करने वाले करदाताओं के लिये विशेष एकमुश्त योजना ऑफर कर सकती है. इसके अलावा जीएसटी कानून में संशोधन पर भी चर्चा हो सकती है ताकि केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में सृजित जम्मू कश्मीर ओर लद्दाख को इसके दायरे में लाया जाए.साथ ही बैठक में सोना और मूल्यवान पत्थरों की ढुलाई को लेकर केरल के ई-वे बिल प्रणाली के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी. बैठक में समायोजन समिति अपनी रिपोर्ट रखेगी

केंद्र की मोदी सरकार ने कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) को हटाने का फैसला किया है. आपको बता दें कि यह टैक्‍स ऐसी कंपनियों पर लगाया जाता है जो मुनाफा कमाती है. लेकिन रियायतों की वजह से इन पर टैक्‍स की देनदारी कम होती है. दरअसल मुनाफे पर 18.5 फीसदी से कम टैक्स देने वाली कंपनियों को 18.5 फीसदी तक मैट देना होता है. इसी वजह से विदेशी कंपनियां भारत में ज्‍यादा निवेश करने से कतराती है. 

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जयपुर जंक्शन पर 1 जून से चलेंगी 7 स्पेशल ट्रेनें, प्लेटफार्म नंबर 1 से ही होगा यात्रियों का प्रवेश और निकास

जयपुर: देश में अभी तक केवल 30 स्पेशल ट्रेनें और श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं. लेकिन 1 जून से रेलवे की गति बढ़ जाएगी. देशभर में 1 जून से 200 स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा. जयपुर जंक्शन से भी 7 स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा. इस दौरान किस तरह से यात्रियों को करनी होगी नए नियमों की पालना और कैसी स्टेशन पर व्यवस्था रहेगी. 1 जून से जयपुर जंक्शन पर आते-जाते वक्त 14 स्पेशल ट्रेनें रुकेंगी. दरअसल इन 200 स्पेशल ट्रेनों में 7 ट्रेनें ऐसी हैं जो कि जयपुर जंक्शन से होकर संचालित होंगी. यानी 14 स्पेशल ट्रेनें आते-जाते वक्त जयपुर जंक्शन पर रुकेंगी. ट्रेन में यात्रियों को अलग-अलग गेट से उतरना और चढ़ाना होगा.

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स्टेशन पर एंट्री के लिए रहेगा एक ही गेट:
प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लाइन में लगकर स्टेशन के अंदर और बाहर आना-जाना होगा. सोशल डिस्टेंसिंग के लिए एंट्री गेट से लेकर प्लेटफॉर्म तक पीले व सफेद रंग के पेंट से गोले बनाए गए हैं. अधिकांश ट्रेनों का संचालन प्लेटफॉर्म संख्या 1 से ही किया जाएगा. विशेष परिस्थिति में ही ट्रेनों को प्लेटफॉर्म संख्या 3 पर लिया जाएगा. यानी आठ प्लेटफॉर्म वाले स्टेशन पर सिर्फ दो प्लेटफॉर्म से ही ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. स्टेशन पर एंट्री के लिए एक ही गेट रहेगा. जबकि एग्जिट के लिए दो गेट होंगे. आने-जाने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ एंट्री और एग्जिट कराया जाएगा. सभी यात्रियों को दो घंटे पहले स्टेशन पहुंचना होगा. यात्री में कोरोना के लक्षण दिखने पर यात्रा करने से रोक दिया जाएगा. बाहर निकलने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग प्लेटफॉर्म-1 के मजिस्ट्रेट गेट के सामने वाले और कॉनकोर्स हॉल वाले एग्जिट गेट पर बने काउंटर्स पर होगी.

जयपुर जंक्शन से ये 7 ट्रेनें चलेंगी
- 02477-78, जयपुर-जोधपुर-जयपुर रोजाना चलेगी
- 02916-15, दिल्ली-अहमदाबाद-दिल्ली आश्रम एक्सप्रेस रोजाना चलेगी
- 02955-56, मुंबई सेंट्रल-जयपुर-मुंबई रोजाना चलेगी
- 09167-68, अहमदाबाद-वाराणसी-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस, सप्ताह में 4 दिन चलेगी
- 02307-08, हावड़ा-जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस, रोजाना चलेगी
- 02065-66, अजमेर-दिल्ली सराय-अजमेर जनशताब्दी, सप्ताह में 5 दिन चलेगी
- 02463-64, जोधपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला-जोधपुर संपर्क क्रांति, सप्ताह में 3 दिन चलेगी

8 जून से धार्मिक स्थलों को शर्तों के साथ खोलने की मंजूरी, गृह मंत्रालय की गाइडलाइन जारी

यात्रियों की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी नजर:
1 जून से ट्रेनों का संचालन शुरू होने पर यात्रियों को प्लेटफार्म और वेटिंग हॉल में लगी कुर्सियों पर दूर-दूर बैठना पड़ेगा. इसकी निगरानी आरपीएफ व जीआरपी के जवान करेंगे. साथ ही यात्रियों की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी. वेटिंग हॉल में भी सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की जाएगी. हसनपुरा की तरफ स्थित द्वितीय प्रवेश द्वार से यात्रियों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. स्टेशन पर केवल यात्री आ-जा सकेंगे. यात्रियों को लेने और छोड़ने आने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इसके अलावा एक महत्वपूर्ण बदलाव श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर किया जा सकता है. श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को शहर के सैटेलाइट स्टेशनों से चलाया जा सकता है. इन स्टेशनों में कनकपुरा, दुर्गापुरा, गांधीनगर, जगतपुरा, खातीपुरा स्टेशन शामिल हैं. हालांकि अगर दूसरी ट्रेनों के आने में समय का अंतराल होगा और प्लेटफॉर्म एक की उपलब्धता रहेगी, तो श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को भी जयपुर जंक्शन से चलाया जाएगा. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी संजीवनी,1 जून से खुलेंगे पर्यटन स्थल, शुरू में स्मारकों में प्रवेश रहेगा फ्री

जयपुर: राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन उद्योग के लिए लंबे इंतजार के बाद आज अच्छी खबर आई है. 1 जून से पर्यटन शुरू किया जा रहा है. जिसके तहत प्रदेश के सभी स्मारक, संग्रहालय, नेशनल पार्क, टाइगर प्रोजेक्ट और सफारी तथा बायो लॉजिकल पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे. हालांकि इस समय पर्यटन के लिहाज से ऑफ सीजन चल रहा है लेकिन सरकार के प्रयास है कि हैं कि ऑफ सीजन के दौरान इस तरह की गतिविधियां शुरू की जाएं कि पर्यटन आने वाले दिनों में दोबारा मुख्यधारा में लौट सके. ध्यान रहे पर्यटन उद्योग को हो रहे नुकसान को लेकर फर्स्ट इंडिया न्यूज़ लगातार खबर प्रसारित करता रहा है. फर्स्ट इंडिया न्यूज़ में ही सबसे पहले जून में पर्यटन शुरू होने के संकेत भी दे दिए थे.

पर्यटन उद्योग को प्रतिदिन 10 करोड़ से ज्यादा का हुआ नुकसान:
दरअसल कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में पर्यटन उद्योग को 18 मार्च को लॉक डाउन कर दिया गया था. 31 मई को प्रदेश में पर्यटन को बंद हुए ढाई महीने हो जाएंगे. इस दौरान पर्यटन उद्योग को प्रतिदिन 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है. 75 दिन के नुकसान का आकलन करें तो यह राशि 3500 करोड रुपए से ज्यादा की होती है. पर्यटन व्यवसाय से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर जिनमें होटल, क्लब, बार, गाइड, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प, ज्वेलरी, इवेंट मैनेजमेंट के अलावा छोटे-छोटे वेंडर हॉकर सभी हाशिए पर आ गए हैं. विदेशी पर्यटकों की बात करें तो वर्ष 2021 तक की तमाम बुकिंग रद्द हो चुकी हैं. ट्रैवल ट्रेड से जुड़ी 10 हजार से ज्यादा छोटी बड़ी एजेंसी बंद हो चुकी हैं.

70 फ़ीसदी लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हुए बेरोजगार:
टूरिज्म ट्रेड से जुड़े 70 फ़ीसदी लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से बेरोजगार हुए हैं. प्रदेश के पांच सितारा होटल से लेकर तमाम बजट होटल तक भारी घाटे में चले गए हैं. स्टाफ को या तो लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है या उनके वेतन में भारी कटौती की गई है. अब उम्मीद है तो सरकार से कि वह इस इंडस्ट्री को दोबारा से खड़ा करने के लिए न केवल रियायतें दे वरन आर्थिक पैकेज भी प्रदान करें. इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, पर्यटन विभाग की प्रमुख सचिव श्रेया गुहा, निदेशक डॉ भंवरलाल सहित तमाम अफसरों के साथ बैठकर एक रिवाइवल प्लान तैयार किया है. रिवाइवल प्लान केेे तहत ही शुरुआत में स्मारकों में पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क रहेगा. इस मामले में स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड के सदस्य और ट्री हाउस रिसॉर्ट के मालिक सुनील मेहता साफ कहते हैं कि लॉक डाउन के इंडस्ट्री पर दो तरह के प्रभाव पड़ेंगे. इंडस्ट्री को अरबों खरबों का नुकसान हुआ है लेकिन लॉक डाउन हटने के बाद भारत से बाहर जाने वाले पर्यटक नए पर्यटन स्थलों की ओर मुड़ेंगे, इससे राजस्थान सहित पूरे देश को फायदा भी होगा.

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विदेशी पर्यटकों का अगले डेढ़ दो साल तक भारत आना संभव नहीं:
दरअसल भारत से करीब सवा करोड़ लोग हर साल विदेश भ्रमण के लिए जाते हैं. इसी तरह करीब 65 लाख विदेशी हर साल भारत घूमने आते हैं. कोविड-19 के चलते विदेशी पर्यटकों का अगले डेढ़ दो साल भारत आना संभव नहीं लगता. ऐसे में हालात सामान्य होने पर अगले एक-दो महीने में भारत से बाहर जाने वाले पर्यटकों को देश में ही सुरक्षित और प्राकृतिक नजारों से लबरेज नए पर्यटन स्थलों की तलाश रहेगी. पर्यटन उद्योग को इस स्थिति का ही लाभ उठाना है. घरेलू पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाओं के साथ ऐसे पर्यटन स्थलों पर स्टे कराना चाहिए जो अभी मुख्यधारा में नहीं रहे. इसके लिए प्रदेश का पर्यटन महकमा पिछले 2 वर्ष से काफी मेहनत भी कर रहा है विभाग की प्रमुख सचिव श्रेया गुहा और उनकी टीम ने प्रदेश में नए पर्यटन स्थलों की तलाश की है और वहां आधारभूत सुविधाओं के विकास के भी प्रयास किए जा रहे हैं.

लॉकडाउन के बाद दोबारा से मुख्यधारा में लाना बड़ी चुनौती:
पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने भी साफ तौर पर कहा है कि पर्यटन को लॉक डाउन के बाद दोबारा से मुख्यधारा में लाना बड़ी चुनौती तो है लेकिन इसे एक अवसर के तौर पर देखना चाहिए। विश्वेंद्र सिंह ने सरकार से भी मांग की है कि इंडस्ट्री को दोबारा मजबूती से खड़ा करने के लिए सरकार जितने पैकेज, रियायत व अन्य तरह से मदद कर सकती है वह जल्दी से जल्दी करनी चाहिए. सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार ने जो टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए रिवाइवल प्लान तैयार किया है उसके तहत होटल इंडस्ट्री को टैक्स में छूट दी जा सकती है. पर्यटन स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग ध्यान रखते हुए उन्हें शुरू किया जा रहा है. पर्यटन स्थलों पर प्रवेश शुल्क में कमी की गई है. विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रदेश के पर्यटन उत्पादों का प्रचार-प्रसार भी तेजी से शुरू किया जाएगा. बहरहाल लॉक डाउन से नुकसान को लेकर टूर ऑपरेटर हो या फिर फॉरेन एक्सचेंजर सभी में भारी निराशा के भाव हैं.

प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत स्तंभ:
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत स्तंभ समझे जाने वाले पर्यटन उद्योग को जिस सरकारी संजीवनी की जरूरत कि वह मिल गई है. हालांकि अभी पैकेज की घोषणा नहीं हुई है लेकिन जिस तरह से 1 जून से प्रदेश में पर्यटन शुरू होने जा रहा है उससे उम्मीद की जा सकती है कि कोरोना से संघर्ष में टूरिज्म इंडस्ट्री ने जो दमखम दिखाया है निश्चित तौर पर राजस्थान उसमें सबसे आगे खड़ा दिखाई देगा.  

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टूरिज्म ट्रेड के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी खबर, 1 जून से प्रदेश में खोल दिए जाएंगे स्मारक और नेशनल पार्क

टूरिज्म ट्रेड के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी खबर, 1 जून से प्रदेश में खोल दिए जाएंगे स्मारक और नेशनल पार्क

जयपुर: कोरोना रोकथाम के लिए लगाए लॉकडाउन की वजह से बंद पडे टूरिज्म ट्रेड के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी खबर मिल रही है. 1 जून से राजस्थान में स्मारक और नेशनल पार्क खोल दिए जाएंगे. 

कुछ दिनों के लिए पर्यटकों का प्रवेश रहेगा निशुल्क: 
स्मारकों में कुछ दिनों के लिए पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क रहेगा. नेशनल पार्क में सफारी की दरों में भी कमी की जाएगी. प्रदेश में 18 मार्च से स्मारक और नेशनल पार्क बंद थे. टूरिज्म ट्रेड को अभी तक करीब 4000 करोड़ का नुकसान हो चुका है. होटल, रिजॉर्ट्स भी 1 जून से शुरू किए जा सकते हैं. 

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स्मारक और नेशनल पार्क खोलने का निर्णय:
आपको बता दें कि कोरोना बचाव के लिए लगाये गए लॉकडाउन की वजह से राजस्थान में इमरजेंसी सेवाओं को छोडकर सभी बंद थे. लेकिन लॉकडाउन के चौथे चरण में अधिकांश सभी जगह छूट दी गई है. ऐस में लॉकडाउन का चौथा चरण 31 मई को समाप्त होने जा रहा है. ऐसे में प्रदेश सरकार ने पर्यटन प्रेमियों के लिए स्मारक और नेशनल पार्क खोलने का निर्णय लिया.

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नहीं बढ़ रहा फ्लाइट्स का संचालन, कोलकाता के लिए एयर कनेक्टिविटी शुरू होने का इंतजार

जयपुर: घरेलू फ्लाइट्स का संचालन शुरू हुए गुरुवार को चौथा दिन है, लेकिन जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अभी भी फ्लाइट्स का संचालन नहीं बढ़ पा रहा है. हालांकि आज अपेक्षाकृत रूप से यात्रीभार अधिक देखा जा रहा है. लेकिन इसके बावजूद गुरुवार को 20 में से 11 फ्लाइट रद्द रही हैं. फ्लाइट संचालन के चौथे दिन भी पश्चिम बंगाल के लिए एयर कनेक्टिविटी शुरू नहीं हो सकी है. जयपुर से पश्चिम बंगाल के कोलकाता के लिए इंडिगो एयरलाइन ने एक फ्लाइट शुरू करने का शेड्यूल दिया है, लेकिन पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार के विरोध के कारण अभी तक इस फ्लाइट को उड़ान भरने की मंजूरी नहीं मिल सकी. एयरपोर्ट प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार से कोलकाता के लिए फ्लाइट शुरू हो सकती है.

मुम्बई के लिए फिर रद्द हुई इंडिगो की फ्लाइट:
हालांकि गुरुवार को भी कुल फ्लाइट्स की संख्या में कमी देखी गई है. बुधवार को जहां जयपुर एयरपोर्ट से 10 फ्लाइट संचालित हुई थीं, वहीं आज 9 फ्लाइट ही संचालित हो रही हैं. दरअसल चार एयरलाइंस ने जयपुर एयरपोर्ट से कुल 20 फ्लाइट संचालित करने के लिए शेड्यूल दिया था. इनमें सर्वाधिक 8 फ्लाइट का शेड्यूल स्पाइसजेट एयरलाइन ने दिया था. इंडिगो ने 6 फ्लाइट, एयर इंडिया और एयर एशिया ने तीन-तीन फ्लाइट संचालित करने की बात कही थी, लेकिन पिछले चार दिनों में अभी तक एक भी दिन सभी 20 फ्लाइट संचालित नहीं हो सकी हैं. गुरुवार को 11 फ्लाइट्स जयपुर एयरपोर्ट से रद्द की गई हैं. स्पाइसजेट की 6, इंडिगो की 2, एयर एशिया की 2 और एयर इंडिया की 1 फ्लाइट रद्द हुई है.

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ये 11 फ्लाइट आज रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 5:45 बजे सूरत जाने वाली फ्लाइट SG-2763 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 7:20 बजे जालंधर जाने वाली फ्लाइट SG-2750 हुई रद्द
- इंडिगो की सुबह 6:40 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट 6E-218 हुई रद्द
- एयर इंडिया की सुबह 7:35 बजे आगरा जाने वाली फ्लाइट 9I-687 हुई रद्द
- इंडिगो की शाम 4:45 बजे कोलकाता जाने वाली फ्लाइट 6E-6156 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 8 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट SG-279 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 9:45 बजे उदयपुर जाने वाली फ्लाइट SG-6632 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 11:15 बजे अमृतसर जाने वाली फ्लाइट SG-3522 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की दोपहर 2:15 बजे गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट SG-448 हुई रद्द
- एयर एशिया की सुबह 9:15 बजे बेंगलूरु जाने वाली फ्लाइट I5-1721 हुई रद्द
- एयर एशिया की शाम 5:15 बजे पुणे जाने वाली फ्लाइट I5-1427 हुई रद्द

हालांकि यात्रीभार में दिख रही अपेक्षाकृत बढ़ोतरी:
जिस तरह से एयरलाइंस अपने शेड्यूल के मुताबिक फ्लाइट संचालित नहीं कर रही हैं, उससे यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ गई है. दरअसल जिन यात्रियों ने फ्लाइट में पहले से बुकिंग कर ली है, उनके टिकट को रद्द किया जा रहा है. इसके एवज में यात्रियों को उनकी राशि भी नहीं लौटाई जा रही है, बल्कि उनकी राशि को क्रेडिट शेल के रूप में एयरलाइन अपने पास ही रख रही हैं. ऐसे में यदि यात्रियों का दुबारा कोई शेड्यूल नहीं बैठता है तो उन्हें इसका रिफंड कभी नहीं मिल सकेगा. हालांकि एयरलाइंस का कहना है कि यात्री अगले एक साल की अवधि में इस क्रेडिट शेल की राशि से टिकट बुक करवा सकते हैं. आपको बता दें कि इस कारण जिन यात्रियों ने मुम्बई, जालंधर, सूरत आदि शहरों से आने या जाने के लिए टिकट बुक करवा रखे थे, उन्हें इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है. अब देखना होगा कि फ्लाइट्स के रद्द होने का यह सिलसिला कितने दिनों तक जारी रहेगा.

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VIDEO: फ्लाइट्स में नहीं बढ़ रहा यात्री भार, 70 फीसदी सीटें खाली

जयपुर: हवाई यात्रा को शुरू हुए आज तीसरा दिन है, लेकिन फ्लाइट्स में हवाई यात्रीभार में बढ़ोतरी होती नहीं दिख रही है. पहले 2 दिनों में मात्र 25 से 30% यात्रियों ने ही विमानों में आवागमन किया है. यानी करीब 70 से 75% सीटें खाली हैं. 

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तय मानकों के अनुरूप ही यात्रियों से किराया लिया जा रहा:
जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से फ्लाइट संचालन का बुधवार को तीसरा दिन था. बुधवार को सुबह पहली फ्लाइट जब बेंगलुरु के लिए रवाना हुई तो 180 सीट क्षमता के इस विमान में मात्र 30 यात्री मौजूद थे. विमान में सफर करने वाले यात्रियों के लिहाज से तो यह अच्छी खबर थी, कि वे सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए बेंगलुरु तक पहुंच सकते हैं. लेकिन फ्लाइट का संचालन कर रही एयरलाइन के लिए कम यात्रीभार मुनाफे का सौदा नहीं है. एयरलाइंस ने केंद्र सरकार के निर्देश पर हवाई किराए की दरें भी बहुत अधिक नहीं बढ़ाई हैं. तय मानकों के अनुरूप ही यात्रियों से किराया लिया जा रहा है. लेकिन इसके बावजूद यात्रियों की संख्या काफी कम है. सबसे खराब स्थिति तो पहले दिन 25 मई को देखी गई, जब दिल्ली से जयपुर पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट में मात्र 2 यात्री दिल्ली से जयपुर आए. 70 सीट क्षमता के इस विमान में मात्र 2 यात्री ही मौजूद थे. इसी तरह 26 मई को भी जयपुर से अमृतसर रवाना हुए 80 सीट क्षमता के विमान में मात्र 6 यात्री मौजूद थे. यात्री भार में कमी के चलते एयरलाइंस को कई फ्लाइट रद्द भी करनी पड़ रही हैं. पहले दिन जहां जयपुर एयरपोर्ट से 12 फ्लाइट रद्द रही. वहीं दूसरे दिन 9 फ्लाइट्स का संचालन रद्द करना पड़ा. आज भी जयपुर एयरपोर्ट से 10 फ्लाइट संचालित नहीं हो रही हैं. 

पिछले 2 दिन में एक जैसा यात्रीभार, बढ़ोतरी नहीं:
- 25 मई को पहले दिन 8 फ्लाइट का हुआ डिपार्चर
- 289 यात्री गए जयपुर से इन 8 फ्लाइट से
- 8 फ्लाइट में 1130 सीट थी, केवल 289 यात्री गए यानी 25.57% रहा यात्रीभार
- 25 मई को 11 फ्लाइट का हुआ अराइवल
- इन फ्लाइट से 893 यात्री आए जयपुर
- 11 फ्लाइट में थी 1670 सीट, 893 यात्रियों का आगमन हुआ, यानी यात्री भार रहा 53.47%
- 26 मई को 10 फ्लाइट का हुआ डिपार्चर
- कुल 440 यात्री गए जयपुर से इन 10 फ्लाइट से
- 10 फ्लाइट में थी 1390 सीट, यात्री गए 440, यानी औसत यात्रीभार रहा 31.65 प्रतिशत
- 26 मई को 11 फ्लाइट का हुआ अराइवल
- 872 यात्री जयपुर आए इन फ्लाइट से
- 1570 सीट थी विमान में, यात्री आए 872, यानी यात्रीभार रहा 55.54 प्रतिशत

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दरअसल कम यात्रीभार के पीछे सख्त क्वॉरेंटाइन नियमों को कारण माना जा रहा है. कई राज्यों ने दूसरे राज्य से यात्रियों के आने पर 14 दिन तक संस्थागत क्वॉरेंटाइन रखने के निर्देश दिए हैं. महाराष्ट्र में मुम्बई पहुंचते ही यात्रियों का कोविड-19 टेस्ट किया जा रहा है. वहीं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों ने भी सख्त नियम बनाए हैं. राजस्थान आने वालों को भी 14 दिन होम क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है. अभी केवल वे लोग ही यात्रा कर रहे हैं जिन्हें जरूरी कार्य से ड्यूटी ज्वाइन करनी है या फिर पिछले 2 माह से लॉक डाउन के कारण फंस गए थे. बिजनेस या अन्य कार्यों के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोग अभी यात्रा करने से बच रहे हैं. उन्हें डर है कि यात्रा के तुरंत बाद 14 दिन तक क्वॉरेंटाइन कर दिया जाएगा. ऐसे में यह जरूरी है कि एविएशन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए क्वॉरेंटाइन नियमों में शिथिलता दी जाए. जिस तरह दिल्ली सरकार ने हवाई यात्रा को लेकर क्वॉरेंटाइन समाप्त किया है, उसी तरह के निर्णय सभी राज्यों को लेने होंगे, तभी फ्लाइट्स में यात्री भार बढ़ सकता है. यदि इसी तरह के हालात रहे तो कम यात्रीभार के चलते एयरलाइंस का आर्थिक संकट बढ़ेगा और उनके लिए फ्लाइट संचालित कर पाना संभव नहीं होगा.  

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज़, जयपुर

जयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालन का दूसरा दिन, कुल 11 फ्लाइट्स का हुआ संचालन, 20 में से 9 फ्लाइट रहीं रद्द

जयपुर: घरेलू फ्लाइट्स के संचालन का मंगलवार को दूसरा दिन इस लिहाज से बेहतर रहा कि फ्लाइट्स की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. हालांकि मंगलवार को भी जयपुर से जाने वाली फ्लाइट्स में यात्रियों की संख्या बहुत अच्छी नहीं रही, लेकिन यह अपेक्षाकृत रूप से कल से ज्यादा रही. जयपुर एयरपोर्ट से 9 फ्लाइट का संचालन रद्द रहा. हवाई सेवाओं पर 2 माह के लंबे लॉक डाउन के बाद एविएशन इंडस्ट्री एक बार फिर रफ्तार पकड़ रही है. धीरे-धीरे एयरलाइंस फ्लाइट की संख्या में बढ़ोतरी कर रही हैं. जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 11 फ्लाइट्स का संचालन किया गया. जयपुर से जाने वाली फ्लाइट्स में आज कल की अपेक्षा यात्री भार थोड़ा ज्यादा देखा गया. मंगलवार को इंडिगो एयरलाइन ने अपनी फ्लाइट की संख्या में बढ़ोतरी की.

इंडिगो ने किया जयपुर से चार फ्लाइट का संचालन:
सोमवार को जहां एयरलाइन ने मात्र एक फ्लाइट संचालित की थी, आज इंडिगो ने जयपुर से चार फ्लाइट का संचालन किया. हालांकि आज भी महाराष्ट्र के मुंबई के लिए एक भी फ्लाइट संचालित नहीं की गई. वहीं पश्चिम बंगाल के कोलकाता के लिए भी फ्लाइट का संचालन निरस्त रहा. हालांकि महाराष्ट्र के पुणे के लिए दो फ्लाइट संचालित की गई. स्पाइसजेट और एयर एशिया एयरलाइन ने पुणे के लिए जाने व आने की फ्लाइट संचालित की. मंगलवार सुबह सबसे पहली फ्लाइट इंडिगो एयरलाइन की बेंगलुरु के लिए संचालित हुई, जिसमें 180 सीटर विमान में मात्र 25 यात्रियों ने यात्रा की. स्पाइसजेट एयरलाइन की अमृतसर जाने वाली फ्लाइट में 80 यात्रियों की सीट पर मात्र 6 यात्री मौजूद रहे.

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ये 9 फ्लाइट रहीं रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 5:45 बजे सूरत जाने वाली फ्लाइट SG-2763 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 7:20 बजे जालंधर जाने वाली फ्लाइट SG-2750 हुई रद्द
- इंडिगो की सुबह 6:40 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट 6E-218 नहीं हुई संचालित
- एयर इंडिया की सुबह 7:35 बजे आगरा जाने वाली फ्लाइट 9I-687 हुई रद्द
- इंडिगो की शाम 4:45 बजे कोलकाता जाने वाली फ्लाइट 6E-6156 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 8 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट SG-279 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 9:45 बजे उदयपुर जाने वाली फ्लाइट SG-6632 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की दोपहर 2:15 बजे गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट SG-448 हुई रद्द
- एयर एशिया की शाम 5:15 बजे पुणे जाने वाली फ्लाइट I5-1427 आज शेड्यूल में रद्द थी

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यात्रियों की संख्या एयरपोर्ट पर एक साथ बढ़ गई:
मंगलवार सुबह जब बेंगलुरु, दिल्ली, अमृतसर और हैदराबाद की फ्लाइट का समय एक साथ था, तब यात्रियों की संख्या एयरपोर्ट पर एक साथ बढ़ गई. इस दौरान डिपार्चर गेट पर यात्रियों की कतार डिपार्चर गेट से लेकर अराइवल गेट तक पहुंच गई. करीब 100 मीटर लंबी कतार में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं हो सकी. दरअसल चिकित्सा विभाग की टीमों के मेडिकल स्क्रीनिंग करने के दौरान अधिक समय लग रहा है, जिसके चलते यात्रियों की कतार लग रही है. इसके लिए जरूरी है कि एयरपोर्ट प्रशासन चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत कर मेडिकल स्क्रीनिंग के काउंटर्स की संख्या में बढ़ोतरी करे। साथ ही डिपार्चर गेट भी एक से बढ़ाकर 2 किए जाएं. अन्यथा आने वाले दिनों में जब यात्रीभार और बढ़ेगा, तब यात्रियों और एयरपोर्ट प्रशासन के लिए परेशानी और बढ़ सकती है.

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जयपुर एयरपोर्ट से शुरू हुआ फ्लाइट संचालन, पहले दिन रद्द हुई ज्यादा फ्लाइट, संचालन हुआ कम, 20 में से 13 फ्लाइट्स रद्द

जयपुर: देश में सोमवार से घरेलू फ्लाइट्स का संचालन शुरू हो गया है. जयपुर एयरपोर्ट से भी घरेलू फ्लाइट्स का आवागमन शुरू हुआ. हालांकि पहला दिन एयरलाइंस और यात्रियों के लिहाज से अच्छा नहीं रहा. जयपुर एयरपोर्ट से सोमवार को एक दर्जन से ज्यादा फ्लाइट रद्द रही, हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दिनों में फ्लाइट संचालन बेहतर हो सकेगा. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 5 दिन पूर्व जब फ्लाइट संचालन 25 मई से शुरू करने की बात कही थी, तो उम्मीद जताई जा रही थी कि फ्लाइट्स का आवागमन अच्छे से रफ्तार पकड़ेगा. लेकिन पहले दिन हवाई यात्रियों को निराशा झेलनी पड़ी. जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन को 20 फ्लाइट संचालित करनी थी, जिनमें से 13 फ्लाइट रद्द रही.

सबसे ज्यादा 6 फ्लाइट स्पाइसजेट की हुई रद्द:
यात्रीभार कम रहने से एयरलाइंस के लिए भी फ्लाइट संचालित करना मुश्किल था. सोमवार  सुबह पहली फ्लाइट सुबह 5:45 बजे स्पाइसजेट द्वारा संचालित की जानी थी. यह फ्लाइट जयपुर से सूरत के लिए रवाना होनी थी. लेकिन एयरलाइन ने संचालन कारणों के चलते फ्लाइट को रद्द कर दिया. स्पाइस जेट ने सुबह 7:20 पर जालंधर जाने वाली दूसरी फ्लाइट को भी रद्द कर दिया. इसके बाद सुबह 8:45 बजे पहली फ्लाइट बेंगलुरु से एयर एशिया एयरलाइन की जयपुर पहुंची. इस फ्लाइट से 145 यात्री जयपुर पहुंचे. वापसी में सुबह 9:15 बजे यही फ्लाइट बेंगलुरु के लिए रवाना हुई.

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जयपुर से फ्लाइट में मात्र 23 यात्री हुए रवाना:
जयपुर से इस फ्लाइट में मात्र 23 यात्री रवाना हुए. इसके बाद दूसरी फ्लाइट एयर इंडिया की दिल्ली से जयपुर आई. इस फ्लाइट में मात्र 2 यात्री जयपुर आए. जबकि इस विमान की क्षमता 72 यात्रियों की है. वापसी में जयपुर से दिल्ली के लिए कुल 12 यात्री रवाना हुए. यानी फ्लाइट्स में बहुत ज्यादा यात्री भार नहीं रहा और इसी वजह से बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द की गई. फ्लाइट रद्दीकरण के पीछे महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा विरोध को भी कारण माना गया.

ये फ्लाइट रहीं रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 5:45 बजे सूरत जाने वाली फ्लाइट SG-2763 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 7:20 बजे जालंधर जाने वाली फ्लाइट SG-2750 हुई रद्द
- इंडिगो की सुबह 6:40 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट 6E-218 नहीं हुई संचालित
- इंडिगो की सुबह 5:50 बजे बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट 6E-839 नहीं हुई संचालित
- एयर इंडिया की सुबह 7:35 बजे आगरा जाने वाली फ्लाइट 9I-687 हुई रद्द
- इंडिगो की शाम 4:45 बजे कोलकाता जाने वाली फ्लाइट 6E-6156 हुई रद्द
- इंडिगो की दोपहर 12:30 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 6E-203 हुई रद्द
- इंडिगो की शाम 8:05 बजे हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट 6E-471 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 8 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट SG-279 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 9:45 बजे उदयपुर जाने वाली फ्लाइट SG-6632 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की दोपहर 2:15 बजे गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट SG-448 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की दोपहर 3:30 बजे पुणे जाने वाली फ्लाइट SG-6636 हुई रद्द
- एयर एशिया की शाम 5:15 बजे पुणे जाने वाली फ्लाइट I5-1427 हुई रद्द

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यात्रियों के लिए नया अनुभव साबित:
2 महीने के लॉक डाउन के बाद जब सोमवार को फ्लाइट संचालन फिर से शुरू हुआ तो यात्रियों के लिए नया अनुभव साबित हुआ. फ्लाइट में बोर्डिंग के लिए जाने वाले यात्रियों को डिपार्चर एरिया में कई नए नियमों को फॉलो करना पड़ा. यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग और सुरक्षा जांच के दौरान टचलेस सिस्टम को अपनाया गया. वहीं अराइवल के दौरान भी प्रत्येक यात्री से डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाया गया. इसके आधार पर यात्रियों को 14 दिन होम क्वॉरेंटाइन में रहने के निर्देश दिए गए. कुल मिलाकर पहला दिन हवाई यात्रा के लिहाज से बहुत अच्छा साबित नहीं हुआ. लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आगामी दिनों में ना केवल यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, साथ ही फ्लाइट्स का संचालन भी गति पकड़ेगा.
...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

जयपुर एयरपोर्ट पर शुरू हुआ फ्लाइट संचालन, बेंगलुरु से जयपुर की फ्लाइट में आए 145 यात्री

जयपुर एयरपोर्ट पर शुरू हुआ फ्लाइट संचालन, बेंगलुरु से जयपुर की फ्लाइट में आए 145 यात्री

जयपुर: जयपुर एयरपोर्ट पर सोमवार से घरेलू फ्लाइट्स का संचालन शुरू हो गया है. सोमवार सुबह पहली फ्लाइट एयर एशिया एयरलाइन की जयपुर पहुंची. यह फ्लाइट संख्या I5-1720 बेंगलुरु से सुबह 8:45 बजे जयपुर पहुंची.

नए बदलावों का करना पड़ेगा सामना:
फ्लाइट में बेंगलुरु से 145 यात्री जयपुर आए. वहीं जयपुर से 23 यात्री इसी फ्लाइट से बेंगलुरु के लिए रवाना हुए. अब एयरपोर्ट पर आगमन के दौरान यात्रियों को कई नए बदलावों का सामना करना पड़ेगा. 

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14 दिन का होम क्वॉरेंटाइन:
आगमन के समय यात्रियों का बॉडी टेंपरेचर लेने के साथ ही उनसे आवागमन व निवास की डिटेल ली जा रही है. साथ ही सभी यात्रियों को 14 दिन के लिए होम क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है. 

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