आज GST काउंसिल की बैठक, टैक्स रेट में कटौती को लेकर सबकी निगाहें

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/20 11:29

नई दिल्ली :अर्थव्यवस्था की सुस्त पड़ती रफ्तार के बीच आज गोवा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की अहम बैठक होने जा रही है. यह काउंसिल की 37वीं बैठक होगी और इसमें कई वस्तुओं पर रेट कट की उम्मीद इंडस्ट्री को है. इस बैठक में बिस्किट, माचिस और होटल इंडस्ट्री को राहत मिल सकती है, लेकिन ऑटो सेक्टर को राहत मिलना मुश्किल लग रहा है.

विभिन्न उद्योगों की ओर से जीएसटी दरों में कटौती की मांग के बीच शुक्रवार को उच्च अधिकार प्राप्त GST काउंसिल की बैठक होने जा रही है. बैठक से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक प्रेस कांफ्रेंस भी करने वाली हैं.इस बैठक पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं क्योंकि इसमें विभिन्न उत्पादों पर टैक्स को लेकर फैसला किया जा सकता है.

इस जीएसटी काउंसिल की बैठक में ऑटोमोबाइल, बिस्किट, माचिस, आउटडोर कैटरिंग सेगमेंट के GST रेट में बदलाव की बात एजेंडे में रखी गई है. लेकिन कहा जा रहा है कि केवल होटल इंडस्ट्री को इस बैठक में राहत मिल सकती है. जबकि ऑटो इंडस्ट्री कारों पर लगने वाले 28 फीसदी जीएसटी को घटाकर 18 फीसदी करने की मांग कर रही है, इंडस्ट्री की इस मांग पर कई राज्य सरकारें ही सहमत नहीं दिख रही हैं.
इसके अलावा तरह माचिस उद्योग को भी दो तरह की जीएसटी दरों से मुश्किलें हो रही हैं और काउंसिल राहत की उम्मीद है.जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी का मानना है कि ऑटो सेक्टर में रेट कटौती से GST कलेक्शन पर असर पड़ेगा. क्योंकि इस सेक्टर से सालाना 50 से 60 हजार करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन होता है. वहीं सूत्रों की मानें तो जीएसटी परिषद की समायोजन समिति राजस्व की कड़ी स्थिति का हवाला देते हुए बिस्कुट से लेकर कार उद्योग की जीएसटी में कटौती की मांग खारिज कर दी है.हालांकि होटल इंडस्ट्री को जीएसटी में राहत मिल सकती है. अभी 7500 रुपये प्रति नाइट स्टे से ज्यादा चार्ज करने वाले लग्जरी होटल पर 28 फीसदी का जीएसटी लगता है. सूत्रों के मुताबिक टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी के आह्वान को देखते हुए 10 से 12 हजार रुपये प्रति नाइट स्टे तक चार्ज करने वाले होटलों के लिए जीएसटी रेट घटाकर 18 फीसदी किया जा सकता है.

समिति में केंद्र एवं राज्यों के रेवेन्यू ऑफिशियल शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि जीएसटी परिषद ईंट भट्टा, बालू खनन गतिविधियां और पत्थर की गिट्टियों (स्टोन क्रशर्स) की आपूर्ति करने वाले करदाताओं के लिये विशेष एकमुश्त योजना ऑफर कर सकती है. इसके अलावा जीएसटी कानून में संशोधन पर भी चर्चा हो सकती है ताकि केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में सृजित जम्मू कश्मीर ओर लद्दाख को इसके दायरे में लाया जाए.साथ ही बैठक में सोना और मूल्यवान पत्थरों की ढुलाई को लेकर केरल के ई-वे बिल प्रणाली के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी. बैठक में समायोजन समिति अपनी रिपोर्ट रखेगी

केंद्र की मोदी सरकार ने कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) को हटाने का फैसला किया है. आपको बता दें कि यह टैक्‍स ऐसी कंपनियों पर लगाया जाता है जो मुनाफा कमाती है. लेकिन रियायतों की वजह से इन पर टैक्‍स की देनदारी कम होती है. दरअसल मुनाफे पर 18.5 फीसदी से कम टैक्स देने वाली कंपनियों को 18.5 फीसदी तक मैट देना होता है. इसी वजह से विदेशी कंपनियां भारत में ज्‍यादा निवेश करने से कतराती है. 

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