बाजारों में आने लगी होली की रौनक, जीएसटी के बावजूद बढ़ी रंग—पिचकारियों की मांग

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/02/20 03:34

उदयपुर। रंगो के त्यौहार होली के नजदीक आने के साथ ही बाजारों में रौनक दिखाई देनी शुरू हो गई है। बाजारों में इन दिनों पिचकारियां और गुलाल की बिक्री देखी जा सकती है। हर्बल गुलाल सहित अलग-अलग प्रकार की गुलाल के साथ साथ विशेष पिचकारियां बच्चों की पहली पसंद बनी हुई है। 

होली पर छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे के साथ पिचकारियों से खेलते हैं और इस त्यौहार को अच्छी तरह से मनाने की कोशिश करते हैं लेकिन इस बार छोटे-छोटे बच्चों की पसंद पिचकारियों पर जीएसटी का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है। 

पिचकारियों की अलग-अलग वैरायटी के साथ ही 12 से 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से इस बार बाजारों में बिकने वाली पिचकारियां कुछ महंगी दिखाई दे रही है वहीं दूसरी ओर दुकानों पर 20 रूपये से लगाकर एक हजार रूपये तक की तक की अलग-अलग प्रकार की पिचकारियों की बिक्री को देखा जा सकता है।

पिचकारियों में इस बार टैंक वाली पिचकारिया प्रैशर वाली पिचारिया ओर मैजिक बलून की मांग ज्यादा देखी जा रही है। बात की जाए जीएसटी की तो जीएसटी लगने के बाद व्यापारियों का मानना है कि पिचकारी की कीमत में पहले से इस बार 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन दूसरी और उनका यह भी मानना है कि पिचकारियां बच्चों की पसंद होती है, इसलिए त्यौहारों पर महंगी होने के बाद भी पिचकारियों की बिक्री पर ज्यादा असर नहीं दिखाई देगा। अभी से बड़े-बड़े व्यापारी पिचकारियों की बिक्री में लगे हुए हैं।

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