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इसरो ने शेयर की, चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से भेजी चांद की तस्वीर

 इसरो ने  शेयर की, चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से भेजी चांद की तस्वीर

नई दिल्ली: ऑर्बिटर के हाई रेजॉलूशन कैमरे से खींची इन तस्वीरों में चांद की अलग ही झलक देखने को मिल रही है चंद्रयान-2 मिशन भले ही पूरी तरह कामयाब न हो पाया हो.इसरो ने चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के कैमरे से चांद की खींची तस्वीरें आज जारी की है लेकिन चंद्रमा की सतह के बारे में ऑर्बिटर सटीक जानकारियां दे रहा है.इस तस्वीर में चंद्रमा के सतह पर बड़े और छोटे गड्ढे नजर आ रहे हैं.ऑर्बिटर हाई रिजोल्यूशन कैमरे (OHRC) चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 की हाई रिजोल्यूशन तस्वीरें मुहैया कराता है. यह पैंक्रोमैटिक बैंड (450-800 nm) पर संचालित होता है

विक्रम लैंडर अगर चंद्रमा की सतह पर उतरने में कामयाब हुआ होता तो कहानी कुछ और होती. लेकिन भले ही विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह पर उतर पाने में कामयाब हुआ हो चांद की सतह से 100 किमी ऊपर चक्कर लगा रहा ऑर्बिटर बेहद हाई रिजोल्यूशन वाली तस्वीरें इसरो सेंटर को भेज रहा है इसरो ने इन तस्वीरों को शुक्रवार को देश और दुनिया से साझा किया.ऑर्बिटर ने 100 किमी की ऊंचाई से बोगुस्लावस्की ई क्रेटर के कुछ हिस्सों की तस्वीरों को भेजा है जो चांद के दक्षिण ध्रुव वाले हिस्से में है.इसके साथ ही दूसरी तस्वीरों में चंद्रमा की सतह पर बोल्डर्स को देखा जा सकता है.

इसके साथ ही कुछ ऐसे भी क्रेटर्स हैं जिनका व्यास 5 किमी से कम है.चांद की सतह से जिन बोल्डर्स की तस्वीरें आई हैं उनमें बोल्डर्स की ऊंचाई 1 से 2 मीटर के बीच है। इसरो सेंटर से जुड़े शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे चांद की सतह की बनावट को समझने में मदद मिलेगी.

ओएचआरसी इमेज, शुक्रवार यानि 5 सितंबर को प्रार्त की गई. ऑर्बिटर ने 14 किमी व्यास और 3 किमी गहराई वाले बोगुस्लावस्की ई क्रेटर की तस्वीर को भेजा है. बता दें कि जर्मन एस्ट्रोनॉमर लुडविग वॉन बोगुस्लावस्की के नाम पर इस क्रेटर का नामकरण किया था.ओएचआरसी की खासियत ये है कि इसके जरिए चांद की सतह का क्षैतिज और लंबवत दोनों तरह से तस्वीरें ली जा सकती हैं. यह कैमरा पैनक्रोमेटिक बैंड यानि की 450- 800 एनएम में काम करता है.यह लंबवत और क्षैतिज दोनों दिशा में 100 किमी की कक्षा से तीन किमी लंबाई और चौड़ाई में बेहतर तस्वीरें ले सकता है. अभी चांद की कक्षा में चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर मौजूद है जो 7.5 साल तक अपना काम करता रहेगा. इसी ऑर्बिटर के कैमरे से ही चांद की नई तस्वीरें साझा की गई हैं.

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PLAY STORE से हटाया गया PAYTM, गूगल ने लगाया आरोप, कहा-नियमों का किया उल्लंघन

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नई दिल्ली: भारत की डिजिटल पेमेंट ऐप पेटीएम (Paytm) को गूगल ने अपने प्ले स्टोर (Play Store) से हटा दिया है. कंपनी पर नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं. पेटीएम (Paytm) की तरफ से एक ट्वीट कर बताया गया है कि प्लेस्टोर (Play Store) पर फिलहाल यह एप कुछ समय के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा. पेटीएम (Paytm) का Paytm First Games एप भी प्लेस्टोर से हटा दिया गया है.

पेटीएम ने किया ट्वीट:
पेटीएम (Paytm) ने शुक्रवार को एक ट्वीट कर लिखा, 'डियर पेटीएमर्स, पेटीएम (Paytm) एंड्रॉयड एप नए डाउनलोड और अपडेट्स के लिए उपलब्ध नहीं है. हम जल्द ही वापस आएंगे. आपका पूरा पैसा सुरक्षित है और आप पेटीएम (Paytm) सामान्य तरीके से यूज कर पाएंगे.

एंड्रॉयड के लिए प्ले स्टोर से हटाया:
आपको बता दें कि पेटीएम (Paytm) की ओर से हाल ही में फैंटेसी क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू किया था, जिसके बाद यह दोनों ही एप हटा दिए गए हैं. पेटीएम (Paytm) को एंड्रॉयड के लिए प्ले स्टोर (Play Store) से हटाया गया है, लेकिन यह iOS यूज़र्स के लिए Apple के App Store पर उपलब्ध रहेगा. वहीं, जिनके फोन में पहले से पेटीएम (Paytm) है, वो अपना एप और मोबाइल वॉलेट पहले की तरह यूज कर पाएंगे.

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गूगल ने किया बयान जारी:
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक गूगल (Google) ने अपनी गैंबलिंग पॉलिसी को लेकर एक बयान जारी किया है. कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि हम ऑनलाइन कसीनो या फिर किसी भी तरह के अनियमित गैंबलिंग एप जो स्पोर्ट्स में सट्टा लगाने की सुविधा देते हैं, को प्लेटफॉर्म पर रहने की अनुमति नहीं देते हैं. इसमें ऐसे ऐप्स भी शामिल हैं, जो यूजर्स को ऐसी बाहरी वेबसाइटों पर ले जाते हैं, जो उन्हें किसी पेड टूर्नामेंट में नकद पैसे या फिर कैश प्राइज़ जीतने के लिए भाग लेने को कहती हैं. यह हमारी पॉलिसीज का उल्लंघन है.साथ ही गूगल (Google) ने यह भी कहा है कि जब कोई एप इन नीतियों का उल्लंघन करता है, तो उसके डेवलपर को इस बारे में सूचित किया जाता है, और जब तक डेवलपर ऐप को नियमों के अनुरूप नहीं बनाता है, उसे तब तक गूगल प्ले स्टोर (Play Store) से हटा दिया जाता है.

प्रधानमंत्री मोदी की पर्सनल वेबसाइट का ट्विटर अकाउंट हैक, हैकर ने बिटक्वॉइन में मांगा दान

प्रधानमंत्री मोदी की पर्सनल वेबसाइट का ट्विटर अकाउंट हैक, हैकर ने बिटक्वॉइन में मांगा दान

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी वेबसाइट का ट्विटर अकाउंट गुरुवार को हैकरों ने हैक कर लिया. हैकर ने कोरोना वायरस रिलीफ फंड के लिए दान में बिटक्वॉइन की मांग की है. हालांकि तुरंत इन ट्वीट्स को डिलीट कर दिया गया. हैकर ने पीएम मोदी की पर्सनल वेबसाइट के ट्विटर हैंडल से एक के बाद एक कई ट्वीट किए और क्रिप्टों करेंसी से जुड़े कई ट्वीट किए गए. 

पीएम रिलीफ फंड में दान करने की अपील की: 
पीएम मोदी की पर्सनल वेबसाइट के टि्वटर अकाउंट पर हैकर ने लिखा कि मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि कोविड-19 के लिए बनाए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिलीफ फंड में दान करें. एक अन्य ट्वीट में हैकर ने लिखा, 'यह अकाउंट जॉन विक ([email protected]) ने हैक किया है. हमने पेटीएम मॉल हैक नहीं किया है. 

जुलाई के महीने में कई प्रतिष्ठित हस्तियों के अकाउंट हुए थे हैक:
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब जुलाई के महीने में कई प्रतिष्ठित हस्तियों के ट्विटर अकाउंट को हैक किया गया था. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, एमेजन सीईओ जेफ बेजोस, वारेन बफेट, बिल गेट्स, एलन मस्क, जो बिडेन समेत कई लोग हैकर्स का शिकार हो चुके हैं.

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ट्वीटर ने की पुष्टि: 
बता दें कि पीएम मोदी की निजी वेबसाइट के ट्विटर अकाउंट के 25 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं.  प्रधानमंत्री की निजी वेबसाइट के ट्विटर अकाउंट के हैक होने की गुरुवार को ट्वीटर ने पुष्टि करते हुए कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी वेबसाइट के एक खाते को कई ट्वीट्स के साथ हैक किया गया. 


 

चीन पर भारत की एक और डिजिटल स्ट्राइक, PUBG समेत 118 चीनी एप किए बैन

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नई दिल्ली: चीन पर भारत ने एक और डिजिटल स्ट्राइक की है. जानकारी के अनुसार PUBG समेत 118 और चीनी मोबाइल ऐप्स को बैन किया गया है. सरकार ने कहा है कि ये चीनी एप भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा है. 118 एप में PUBG के अलावा CamCard, Baidu, Cut Cut, VooV, Tencent Weiyun, Rise of Kingdoms, Zakzak आदि शामिल है. सरकार ने हाल ही में पहले 59 ऐप को बैन किया था जिसमें लोकप्रिय ऐप TikTok भी शामिल था. बाद में सरकार ने 47 और ऐप को बैन किया था. 

संस्कृत शिक्षा विभाग का ऑनलाइन पढ़ाई के लिए एप लॉन्च, संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ.सुभाष गर्ग ने की एप लॉन्च

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जयपुर: संस्कृत शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढाई के लिए देववाणी मोबाइल एप जारी किया हैं. इस एप की लांचिंग आज शिक्षा संकुल में संस्क़त शिक्षा मंत्री डॉ.सुभाष गर्ग ने की. यह एप कक्षा 3 से 12 के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत विषय के लिए एसएस आईईआरटी महापुरा की ओर से तैयार किया गया हैं. यह एप विद्यार्थी गूगल प्ले स्टोर से भी डाउनलोड कर सकेंगे.

अब शहरी क्षेत्रों में भी जल्द लगाए जाएंगे स्वास्थ्य मित्र, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने दी जानकारी

मोबाइल एप तैयार करने में निभाई भूमिका:
संस्कृत शिक्षक इमरान खान ने भी संस्कृत के इस मोबाइल एप्प तैयार करने में भूमिका निभाई हैं. इस पर मंत्री ने उनके प्रयास की सराहना की. लांचिंग के बाद मंत्री सुभाष गर्ग ने कहा कि कोरोना काल में विद्यार्थियों की पढाई के लिए विभाग ने इस दिशा में प्रयास किया हैं.

संस्कृत शिक्षा विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंस:
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल और लैपटॉप और इंटरनेट की अनुउपलब्धता की परेशानी जरूर सामने आएगी, लेकिन इसके लिए स्थानीय स्कूलों में भी व्यवस्था कराई जाएगी. मंत्री ने आज संस्कृत शिक्षा विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंस भी ली. जिसमें उन्होंने संभागीय अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा दौरे करने और गांवों की स्कूलों में नामांकन और मॉनटरिंग को प्रभावी बनाने के लिए दिशा निर्देश जारी किए.

कोरोना वार्ड में गुंजी किलकारी, सुजानगढ़ की महिला ने कोरेंटाइन सेंटर में दिया बच्चे को जन्म

भारत की चीन पर एक और डिजिटल स्ट्राइक, अब 47 एप्स पर लगाया बैन

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नई दिल्ली: भारत सरकार ने चीन पर एक और डिजिटल स्ट्राइक करते हुए 47 एप्स बैन करने सा फैसला किया है. मिली जानकारी के अनुसार ये ऐप्स कुछ समय पहले बैन हुए 59 एप्स के क्लोन हैं. वहीं इन एप्स पर प्रतिबंध को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान भी नहीं आया है. 

विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने वापस ली अपनी SLP, सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल ने कहा- मसले पर सुनवाई की जरूरत नहीं

नई लिस्ट में कुछ टॉप गेमिंग ऐप्स भी शामिल: 
सरकार के सूत्रों की माने तो 250 ऐसे चीनी ऐप्स हैं जिन्हें नेशनल सिक्योरिटी के वॉयलेशन को लेकर जांच की जा सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस पर चीनी एप्स की हटाने की नई लिस्ट में कुछ टॉप गेमिंग ऐप्स भी शामिल हैं. ऐसे में मुमकिन है अगली लिस्ट आने के बाद भारत में कई पॉपुलर चीनी गेम्स भी बैन किए जा सकते हैं.

कुल 106 एप्स को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया: 
ऐसे में भारत सरकार ने कुल 106 एप्स को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस सूची में पबजी और अली एक्सप्रेस जैसे पॉपुलर ऐप्स शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक सरकार इन मोबाइल एप की जांच कर यह पता लगाएगी कि कहीं यह प्राइवेसी के नियमों का उल्लंघन तो नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा कई चीनी इंटरनेट कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है. 

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ये ऐप्स चीन के साथ कथित तौर पर डेटा शेयर कर रहे:
मिली जानकारी के अनुसार ये ऐप्स चीन के साथ कथित तौर पर डेटा शेयर कर रहे हैं और इस वजह से सरकारी एजेंसियां इनका रिव्यू कर रही हैं. फिलहाल सरकार की तरफ से नए ऐप्स बैन को लेकर कोई स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है.

ट्विटर्स पर हैकर्स का सबसे बड़ा हमला, ओबामा, बिल गेट्स, जेफ बेजोस समेत कई बड़ी हस्तियों अकाउंट हुआ हैक

ट्विटर्स पर हैकर्स का सबसे बड़ा हमला, ओबामा, बिल गेट्स, जेफ बेजोस समेत कई बड़ी हस्तियों अकाउंट हुआ हैक

नई दिल्ली: ट्विटर के लिए बुधवार की रात पूरी तरह से भयावह रही जब नामी गिरामी लोगों ने इसमे सेंध लगने की शिकायत की. बराक ओबामा, एमेजन सीईओ जेफ बेजोस, वारेन बफेट, बिल गेट्स और एलन मस्क समेत दुनिया के कई दिग्गजों के ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिया गया, जिसके बाद कई घंटों तक ट्विटर ने ब्लू टिक वाले सभी अकाउंट को बंद कर दिया. ट्विटर के इतिहास में ये अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा में सेंध मानी जा रही है.

अशोक गहलोत-अविनाश पांडे का बड़ा फैसला ! 19 बागी कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू 

ट्वीट कर बिटक्वाइन के रूप में पैसा मांगा जा रहा था:
अकाउंट हैक करने के बाद सभी अकाउंट्स से ट्वीट कर बिटक्वाइन के रूप में पैसा मांगा जा रहा था, हालांकि अभी फौरी तौर पर इस मुश्किल को दूर कर लिया गया है. हालांकि ट्विटर ने कहा है कि यह उसके लिए एक कठिन दिन है और वह इस समस्या को जल्द ही सुधारने के लिए काम कर रही है.

आप मुझे एक हज़ार डॉलर भेजिए मैं आपको दो हज़ार डॉलर वापस भेजूंगा:
बिल गेट्स के अकाउंट से किए गए ट्वीट में कहा गया कि हर कोई मुझसे समाज को वापस लौटाने के लिए कहता रहा है, अब वो समय आ गया है. आप मुझे एक हज़ार डॉलर भेजिए मैं आपको दो हज़ार डॉलर वापस भेजूंगा. कई अन्य लोगों ने भी इसी से मिलती जुलती शिकायत की.

कुछ ही मिनट बाद डिलीट हो गए:
इन मशहूर हस्तियों के अकाउंट से पोस्ट किए गए यह ट्वीट कुछ ही मिनट बाद डिलीट हो गए. परंतु इसके बाद तो जैसे एक लहर सी चल पड़ी और कई अन्य प्रमुख लोगों के अकाउंट धड़ाधड़ हैक होने लगे. 

रणदीप सुरजेवाला बोले, भाजपा का षड्यंत्र औंधे मुंह गिर गया, साजिश हो गई फेल 

बिटक्वाइन क्या है?
आपको बता दें कि रुपये और डॉलर बिटक्वाइन एक डिजिटल करेंसी है, जिसे डिजिटिल बैंक में ही रखा जा सकता है. अभी इसे कुछ ही देशों में लागू किया गया है और हर जगह एक बिटक्वाइन की कीमत काफी अधिक है. इन्वेस्टमेंट के हिसाब से लोगों को ये काफी लुभावना लगता है.
 

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नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो 5जी तकनीक का ऐलान किया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 43वीं आमसभा को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि इस तकनीक को पूरी तरह से भारत में ही तैयार किया गया है. ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि यह तकनीक पीएम नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को समर्पित है. 

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50 करोड़ उपभोक्ताओं तक बनाई अपनी पहुंच:
इसके साथ ही मुकेश अंबानी ने सर्च इंजन गूगल की ओर से रिलायंस जियो की पैरेंट कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स में 33,737 करोड़ रुपए के निवेश की भी घोषणा की.उन्होंने कहा कि गूगल ने जियो प्लेटफॉर्म्स में 7.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले यह निवेश किया है. रिलायंस जियो ने 50 करोड़ उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बनाई है. 

जियो ग्लास भी हुआ लॉन्च:
इसके अलावा 5 करोड़ दफ्तरों तक भी रिलायंस पहुंचा है. इसके अलावा मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने रिलायंस के रिटेल प्लेटफॉर्म जियो मार्ट के फ्यूचर प्लान के बारे में जानकारी दी. यही नहीं ईशा अंबानी और आकाश अंबानी ने जियो ग्लास भी लॉन्च किया. यह एक प्रकार का चश्मा है, जिसे पहनकर आप किसी भी मीटिंग में थ्रीडी व्यूजुअल के साथ जुड़ सकते हैं.

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बैन के बाद टिकटॉक ने दी सफाई- नहीं शेयर की जानकारी, चीन को भी नहीं दिया डेटा

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नई दिल्ली: भारत और चीन विवाद के चलते सोमवार को मोदी सरकार ने देश में टिकटॉक समेत 59 ऐप्स पर पाबंदी लगा दी है. इस बैन के बाद वीडियो मेकिंग ऐप टिक टॉक इंडिया ने एक बयान जारी करते हुए सफाई दी है. कहा है कि किसी भी यूजर की जानकारी दूसरे देश, यहां तक कि चीन को भी नहीं दी गई है.

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किसी भी भारतीय यूजर की जानकारी साझा नहीं की:  
टिकटॉक के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने लिखा है कि सरकार के आदेश का पालन किया जा रहा है, लेकिन उनकी तरफ से किसी भी भारतीय यूजर की जानकारी किसी भी दूसरे देश साझा नहीं की गई है, यहां तक की चीन के साथ भी नहीं. वहीं ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए टिक टॉक इंडिया के हैड निखिल गांधी ने कहा है कि हम भारत सरकार के आदेश को मान रहे हैं. इसके लिए हम सरकारी एजेंसियों से मुलाकात भी करेंगे और अपनी सफाई पेश करेंगे. 

टिक टॉक भारत के कानून का सम्मान करता है:
उन्होंने आगे कहा कि टिक टॉक भारत के कानून का सम्मान करता है. टिक टॉक ने भारत के लोगों का डाटा चीनी सरकार सहित किसी भी विदेशी सरकार को नहीं भेजा है. अगर हमे ऐसा करने के लिए कहा भी जाता तो भी हम ऐसा नहीं करते. इससे पहले कल ही मोदी सरकार ने टिकटॉक समेत 59 ऐप पर पाबंदी लगाई है. सरकार के इस फैसले को लद्दाख में तनाव के बीच चीन के लिए कड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

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14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध टिक टॉक पर लाखों-करोड़ों यूजर्स:
वहीं टिक टॉक ने यह भी दावा किया है कि 14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध टिक टॉक पर लाखों-करोड़ों यूजर्स हैं, जिनमें आर्टिस्ट, स्टोरी टेलर, टीचर हैं जो अपनी रोजमर्रा की रोजी रोटी के लिए इस पर निर्भर हैं. इसके साथ ही यह भी कहा कि इनमें से बहुत सारे लोग तो ऐसे भी हैं जो पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. सरकार के बैन के बाद गूगल ने टिक टॉक समेत सभी बैन किए गए ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है. 


 

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