तेज़ी से बदलते मार्किट में कदमताल होना चाहते हैं तो ज़रूर पढ़िए ये कॉलम

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/03 01:39

जयपुर :आप सभी ने मार्किट में लगातर हो रहे बदलावों को नोटिस किया होगा ..पिछले दस साल को अगर आप एनलाइस करें तो इस स्थिति को आप बेहतर तरीके से समझ सकते हैं कि इन सालो में लोगों का करियर ग्राफ रोलर कोस्टर की तरह रहा है. जॉब सिक्योरिटी, हर साल प्रमोशन और वेतन वृद्धि अब पुरानी बातें हो चुकी हैं. अर्थव्यवस्था की कमजोरी के दौर में जॉब मार्केट में भी अनिश्चितता एक अपरिहार्य स्थिति हो चुकी है. इसका मतलब यह है कि अब करियर पर बाहरी कारकों का अधिक असर पड़ता है, बजाय आपके सपने और महत्वाकांक्षा के. ऑटोमेशन की वजह से भी एम्प्लॉयी और संस्थान को तेजी से कदमताल करने में मुश्किलें आ रही हैं.
इस चुनौतीपूर्ण समय में करियर प्लानिंग पर बहुत महत्व दिया जा रहा है और अब यह बहुत जरूरी हो गया है. करियर को लेकर लंबी अवधि का नजरिया रखना जरूरी है और इस रास्ते में आपको छोटी अवधि के कई लक्ष्य बनाकर उसे पूरा करते रहने की जरूरत है. इसमें आपको प्रमोशन, सैलरी बढ़ने और ड्रीम कंपनी आदि को परे रखकर सोचने की जरूरत है. इस समय सबसे अधिक दवाब यह है कि किसी व्यक्ति का रोल आने वाले दिनों में सीमित किया जा सकता है. इससे भी अधिक चिंता इस बात की है कि तब के बदले माहौल में मौजूद चुनौतियों से निबटने की क्षमता उनके पास नहीं होगी. आज जो कुशलता आपके पास है, तक़रीबन हर रोज बदलते माहौल में वह तीन से पांच साल बाद प्रासंगिक नहीं रह जाएगी. करियर प्लानिंग में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप जॉब मार्केट से हिसाब से ना सिर्फ नयी योग्यता हासिल करें, बल्कि उसे लगातार अपग्रेड करते रहें जिससे कि आप बाजार के लिए यूजफुल बने रहें.
1. वर्तमान जॉब प्रोफाइल का आंकलन करें 
करियर गोल सेट करने के लिए जरूरी है कि आप मौजूदा जॉब प्रोफाइल का आंकलन करें. आपकी कंपनी जरूर तिमाही या छमाही समीक्षा करती होगी, आप भी अपने लिए चुनौतियों की जल्द-जल्द समीक्षा करें. अपना एक्शन प्लान इसी आधार पर तैयार करते रहें 

2.  Long Term  करियर प्लान तैयार करें 
अगर आप अगले चार-पांच साल में लीडरशिप रोल में आना चाहते हैं तो आपका उस प्रोफाइल के बारे में स्पष्ट विचार होना चाहिए. एक बार उद्देश्य चुन लेने के बाद उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए क्या कुशलता होनी चाहिए, इसकी पहचान करें. जो व्यक्ति इस समय उस पोजीशन पर है उसका रिज्युमे कैसा दिखता है. क्या उसमें कोई ऐसी कुशलता है जिसे सीखना आपके लिए मुश्किल है? क्या आपके पास कोई डिग्री होनी चाहिए? क्या आपका लीडर आपको पर्याप्त कुशलता सिखा रहा है जिससे कि आप उस रोल पर अच्छे से काम कर सकें? लंबी अवधि के लक्ष्य को पाने के लिए आपको कई फंक्शन में काम करना आना चाहिए. लंबी अवधि के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आपको छोटे-छोटे लक्ष्य को पूरा करने की जरूरत है.
3. सीखने और कुशलता बढ़ाने की आदत डालिये 
जॉब मार्केट की अस्थिरता और वर्क प्लेस की लगातार बदलती परिस्थितियों के हिसाब से नई कुशलता सीखना करियर प्लानिंग के लिए  सबसे महत्वपूर्ण  है. समय बदल चुका हैं अब करियर में जीवन भर आपको कुछ ना कुछ सीखना पड़ता है. ऑनलाइन एजुकेशन की मदद से आप यह काम बहुत आसानी से कर सकते हैं. अगर आप हफ्ते पांच-छह घंटे का समय निकालकर आपने काम के हिसाब से आधुनिक कुशलता सीख सकें तो आप अपनी जॉब जाने के जोखिम को बहुत आसानी से पीछे छोड़ सकते हैं.

4. नए प्रोजेक्ट्स का अनुभव लें 
अपने संस्थान में भावी प्रोजेक्ट में काम करने की संभावना तलाशें और उसमें अपनी कुशलता का प्रयोग करें. उदाहरण के लिए डिजिटल अवरोध से हर कंपनी जूझ रही है और इससे निपटने के लिए टीम बना रही हैं. इस तरह के प्रोजेक्ट पर काम करना बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि कंपनी आपको इसमें हर संभव मदद करती है. 

5. अपने बॉस से समय समय पर निर्देश लें 
आपका प्रदर्शन सुधारने में आपके संरक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. अगर आप लीडर के संपर्क में रहेंगे, जिस पद पर पहुंचना आपका लक्ष्य है, तो सबसे बेहतर यह है कि उसी से ट्रेनिंग लें.उम्र, अनुभव आदि से प्रभावित ना हों और जिससे सीखने का मौका मिले, उससे कुछ ना कुछ सीखें.
 

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