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आज़ादी विशेष : महिलाओं के लिए एयर फोर्स, आर्मी व नेवी में करियर के अवसर, जानें क्या है पद, योग्यता और चयन प्रक्रिया

आज़ादी विशेष : महिलाओं के लिए एयर फोर्स, आर्मी व नेवी में करियर के अवसर, जानें क्या है पद, योग्यता और चयन प्रक्रिया

नई दिल्ली: बचपन से चाहे लड़का हो या लड़की, सभी अपने देश की सेवा करने के स्वप्न के साथ बड़े होते हैं और इसके लिए भारतीय सशस्त्र बल में शामिल होने से बेहतर विकल्प क्या हो सकता है? यह एक सुखद संयोग ही है कि कल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और भाई-बहन के अटूट रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन एक साथ मनाया जाएगा, जो महिलाओं के लिए एक तोहफा भी है.घर-परिवार को मजबूती देने के साथ-साथ आज के दौर की महिलाएं देश की सेवा करने में भी बिल्कुल पीछे नहीं हैं. इन क्षेत्रों में इनके लिए अवसर भी पहले से अधिक बढ़े हैं.केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए हालिया कदमों के बाद महिला सैन्य पुलिस समेत कई नए क्षेत्रों में महिलाओं के लिए करियर के नए विकल्प खुल गए हैं.
भारतीय रक्षा बल में पुरूष उम्मीदवारों के लिए नौकरी अवसरों की उपलब्धता हेतु काफी जागरूकता देखने को मिलती है पर महिला उम्मीदवारों के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है. हालाँकि अब आम धारणा के विपरीत, भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंग अर्थात सेना, नौसेना और वायु सेना सहित  देश के अन्य रक्षा संगठनों ने भी महिलाओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए है. अब महिलाएं भी इन क्षेत्रों में अपने करियर बना सकती है.

हम भारतीय सशस्त्र बल में महिला उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध पदों तथा क्षेत्रों का विवरण आगे प्रस्तुत कर रहें हैं ताकि इस विषय में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर महिला प्रत्याशी भी इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने को प्राथमिकता दें सकें.

सरकार द्वारा सेना में महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिए जाने से महिला सेना पुलिस समेत साइबर, मैपिंग, ट्रांसलेशन और सिग्नल जैसे कई नए क्षेत्रों में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशंड ऑफिसर बनने का अवसर बढ़ गया है। हाल ही में रक्षा मंत्रालय द्वारा भी यह घोषणा की गई कि महिला अधिकारियों को भारतीय सेना की उन सभी दस ब्रांचेज में स्थायी कमीशन दिया जाएगा, जहां पहले उन्हें शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) में शामिल किया जाता था। आइए जानते हैं कि सेना के किन-किन क्षेत्रों में महिलाओं के लिए करियर के नए मौके सामने आए हैं।

बढ़ते जा रहे विकल्प: भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों यानी थलसेना, नौसेना और वायु सेना सहित देश के अन्य रक्षा संगठनों ने अब महिलाओं के लिए करियर के कई नए विकल्प खोल दिए हैं। आइए जानते हैं भारतीय सशस्त्र बल में महिला उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध पदों तथा क्षेत्रों के बारे में-

कमीशंड अफसर के रूप में: सेना में अभी महिला अफसरों की भर्ती शॉर्ट सर्विस कमिशन (एसएससी) के माध्यम से होती है। एसएससी के अंतर्गत थलसेना में भर्ती के लिए संघ लोक सेवा आयोग वर्ष में दो बार कंबाइंड डिफेंस सर्विसेस एग्जामिनेशन (सीडीएसई) परीक्षा का आयोजन करता है। इनमें महिलाओं को सिर्फ ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में प्रवेश मिलता है, जो इस प्रकार है-

वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में
ऐसी महिला स्नातक उम्मीदवार, जिन्होंने 10+2 फिजिक्स और मैथ्स से किया है, इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकती हैं। इस परीक्षा के माध्यम से फ्लाइंग ब्रांच, टेक्निकल ब्रांच-एयरोनॉटिकल इंजीनियर, ग्राउंड ड्यूटी ब्रांचेज- एडमिनिस्ट्रेशन ऐंड लॉजिस्टिक्स, एजुकेशन, एकाउंट्स जैसे पदों के लिए भर्ती की जाती है.वायुसेना में अब युद्धक मोर्चे पर भी महिलाओं को एंट्री दी जाने लगी है। इंडियन एयरफोर्स में पहली बार महिला फाइटर पायलट के रूप में अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ तथा मोहना सिंह के शामिल होने के बाद देश की बाकी लड़कियों को भी प्रेरणा मिली है। वायुसेना में टोही विमान पायलट के रूप में ज्वाइन करने के लिए एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (एफ्कैट) भारतीय वायुसेना वर्ष में दो बार आयोजित करती है

एसएससी-नॉन-टेक्निकल एंट्री: 19 से 25 वर्ष की आयु सीमा तथा स्नातक की डिग्री रखने वाली अविवाहित युवतियां इसके लिए आवेदन कर सकती हैं

एसएससी-टेक्निकल एंट्री: संबंधित स्ट्रीम में बीई/बीटेक की डिग्री रखने वाली युवतियां जिनकी उम्र 19 से 25 वर्ष के बीच है, वे इसके लिए पात्र हैं

एसएससी (एनसीसी स्पेशल एंट्री): 19 से 25 वर्ष आयु वर्ग तथा 50 फीसदी अंकों से स्नातक एनसीसी कैडेट महिलाएं इस एंट्री एग्जाम के लिए योग्य हैं

एसएससी (जेएजी एंट्री): इसके माध्यम से सिर्फ लॉ में ग्रेजुएट महिलाओं को सेना में प्रवेश मिलता है. ’सेना चिकित्सा कोर: महिलाएं एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने के बाद डॉक्टर के रूप में भी सेना में शामिल हो सकती हैं इसके अलावा, नर्सिंग में डिग्री कोर्स करके भी महिलाएं सेना चिकित्सा कोर में प्रवेश पा सकती हैं

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नई दिल्ली: कोरोना संकट की वजह से दिल्ली विश्वविद्यालयों की परीक्षा रद्द कर दी गई है. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली राज्य के जितने भी युनिवर्सिटी  हैं उनकी आगामी परीक्षा रद्द कर दी जाएगी. 

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परीक्षा लेना और डिग्री न देना होगा अन्याय: 
उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को अगले सेमेस्टर में प्रमोट कर दिया जाएगा. सिसोदिया ने कहा कि सभी यूनिवर्सिटीज़ को फाइनल एग्ज़ाम कैंसिल कर छात्रों के इवैल्युएशन का कोई पैमाना तैयार कर डिग्री जल्द से जल्द देने के लिए कहा गया है. कोरोना के कारण से परीक्षा लेना और डिग्री न देना अन्याय होगा. 

सेंट्रल यूनिवर्सिटीज भी ले निर्णय:
यह निर्णय स्टेट यूनिवर्सिटीज़ के लिए लिया गया है. उन्होंने दिल्ली के अंदर आने वाली सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज़ के लिए केंद्र को निर्णय लेना है. इसके लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख निवेदन किया है कि दिल्ली सरकार जैसा फैसला देश की दूसरी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज़ के लिए भी लिया जाए.

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जयपुर: 5 दिन पहले प्रदेश सरकार ने राजस्थान में उच्च शिक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला लिया, लेकिन उसके 2 दिन बाद ही यूजीसी ने पूरे देश में उच्च शिक्षा के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं अनिवार्य रूप से आयोजित करवाने की गाइड लाइन जारी की. यूजीसी की गाइडलाइन जारी होने के बाद ही उच्च शिक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थी असमंजस में पड़ गए. 

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एनएसयूआई यूजीसी की गाइड लाइन के विरोध में उतर चुकी: 
यूजीसी की गाइडलाइन के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने जहां यूजीसी की गाइडलाइन का अध्ययन करने के बाद कोई फैसला लेने का निर्णय लिया, तो वहीं छात्र संगठन एनएसयूआई यूजीसी की गाइड लाइन के विरोध में उतर चुकी है. एनएसयूआई छात्र संगठन की ओर से आज राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के दौरान यूजीसी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने यूजीसी की गाइडलाइन की प्रतियां भी जलाई.

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यूजीसी को छात्रों के स्वास्थ्य से कोई लेना देना नहीं:
विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया सहित बड़ी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे. अभिमन्यु पूनिया ने कहा कि "परीक्षाएं रद्द करवाने की मांग को लेकर 2 महीने से एनएसयूआई का पूरे प्रदेश में आंदोलन चल रहा था. जिसके बाद सरकार ने छात्र हित में बड़ा फैसला लेते हुए छात्रों को प्रमोट करने का फैसला लिया, लेकिन केंद्र सरकार और यूजीसी को छात्रों के स्वास्थ्य से कोई लेना देना नहीं है. वर्तमान दौर में कोरोना का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है, ऐसे में यूजीसी द्वारा परीक्षाओं के आयोजन को लेकर लिया गया फैसला छात्र हित में नहीं है. अगर यूजीसी अपने इस फैसले को नहीं बदलती है तो एनएसयूआई की ओर से पूरे देश में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा. 

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जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Rajasthan Board Result 2020) का पहला नतीजा जारी हो गया है. यह रिजल्ट 12वी विज्ञान वर्ग का है. शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बोर्ड दफ्तर में रिजल्ट जारी किया है. इस बार 2,18,232 अभ्यर्थी उत्तीर्ण रहे. इसमें 1,47,171 छात्र और 71,061 छात्राएं उत्तीर्ण हुई है. ऐसे में इस बार परीक्षा परिणाम 91.96 प्रतिशत रहा. बोर्ड की 12वीं विज्ञान में 2 लाख 39 हजार 800 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड हुए थे. उनमें से 2,37,305 छात्रों ने परीक्षा दी थी. छात्रों परीक्षा का परिणाम बोर्ड की वेबसाइट http://www.rajeduboard.rajasthan.gov.in/ पर देखा जा सकता है. 

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18-19 जून को हुई परीक्षा पूरी:
12वीं विज्ञान वर्ग की परीक्षाएं 5 मार्च 2020 से शुरू हुई थी, लेकिन बीच में कोरोना संक्रमण के चलते परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं. इसके बाद बोर्ड ने 12वीं विज्ञान वर्ग की शेष परीक्षाओं का आयोजन 18 और 19 जून को किया. करीब एक पखवाड़े में बोर्ड यह परिणाम घोषित करने जा रहा है. 

बोर्ड पहले केवल 12वीं साइंस का रिजल्ट जारी किया: 
पिछले 3-4 बरसों से राजस्थान बोर्ड की परंपरा रही है कि 12वीं साइंस और कॉमर्स का परिणाम एक साथ आता रहा है. लेकिन इस बार दोनों को अलग-अलग कर दिया गया है. इस बार बोर्ड पहले केवल 12वीं साइंस का रिजल्ट जारी किया है. इसके बाद 12वीं कॉमर्स का परिणाम घोषित होगा. फिर 12वीं कला संकाय का परिणाम आयेगा. सबसे अंत में 10वीं का परिणाम जारी होगा. जुलाई के अंत तक सभी परिणाम जारी होने की संभावना है.

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पिछले साल 92.88 फीसदी रहा था परिणाम: 
साल 2019 की 12वीं विज्ञान की परीक्षा में कुल 2 लाख 60 हजार 582 विद्यार्थी पंजीकृत थे. इनमें से 78 हजार 542 छात्राएं थी तो 1 लाख 82 हजार 40 छात्र थे. परिणाम प्रतिशत की बात करें तो कुल परिणाम 92.88 फीसदी था, जबकि छात्राओं का पास प्रतिशत इससे कहीं ज्यादा 95.86 था, वहीं छात्रों का 91.59 फीसदी था. 

CBSE का बड़ा ऐलान, अगले साल 9वीं-12वीं के लिए 30 प्रतिशत कम होगा सिलेबस

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नई दिल्ली: सीबीएसई ने अगले वर्ष के लिए अपने सिलेबस में 30 प्रतिशत कटौती का ऐलान कर दिया है. मंगलवार शाम बोर्ड ने ट्विटर पर इस संबंध में एक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. इसके तहत नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) से पढ़ाई करवाने वाले 22 राज्यों में 2020-21 एकेडमिक सत्र के लिए 9वीं से 12वीं के कोर्स में एक-तिहाई कमी कर दी है. वहीं 8वीं कक्षा तक के लिए स्कूल फैसला 
खुद ले सकेंगे. 

रमेश पोखरियाल ने ट्वीट कर दी जानकारी:
मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को मौजूदा हालात को देखते हुए कोर्स कटौती को लेकर बोर्ड को दी गई सलाह के बारे में ट्वीट किया. इसके कुछ देर बाद CBSE की ओर से कटौती का सर्कुलर जारी कर दिया गया.

RBSE Result 2020: 12वीं विज्ञान संकाय का परीक्षा परिणाम आएगा कल,​ शाम 4 बजे होगा जारी

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जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं कक्षा के विज्ञान संकाय का परीक्षा परिणाम बुधवार को जारी होगा. ये परिणाम बुधवार शाम 4 बजे जारी होगा. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा परिणाम जारी करेंगे. 

आपको बता दें कि शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट कर लिखा, बुधवार शाम 4 बजे 12वीं विज्ञान कला का परिणाम जारी होगा. विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है. जिन छात्रों ने बोर्ड की परीक्षा दी है वे छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduofficial. पर लॉगइन कर अपना रिजल्ट देख सकते हैं.

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कल से शुरू होगी एलडीसी की काउंसलिंग, विभाग ने सभी तैयारियां की पूर्ण

कल से शुरू होगी एलडीसी की काउंसलिंग, विभाग ने सभी तैयारियां की पूर्ण

जैसलमेर: जिले में शिक्षा विभाग द्वारा कनिष्ठ सहायक के पद पर 2018 की सीधी भर्ती में चयन के बाद जिला आवंटन होने पर आगामी 8 से 10 जुलाई तक काउंसलिंग आयोजित कर चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग दी जाएगी. राबाउमावि जैसलमेर में 8 से 10 जुलाई तक आयोजित काउंसलिंग में 133 चयनित अभ्यर्थी भाग लेंगे. यह पहला मौका होगा जब शिक्षा विभाग में कनिष्ठ लिपिकों के सभी पद भर जाएंगे. इन चयनित अभ्यर्थियों को शिक्षा विभाग के कार्यालयों तथा विद्यालयों में ज्वाइनिंग दी जाएगी. 

विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर: अभी राज्य सरकार का प्रयास, ना बदले प्रमोट का निर्णय- भंवर सिंह भाटी 

8 से 10 जुलाई तक काउंसलिंग का आयोजन किया जाएगा: 
जैसलमेर में 133 चयनित अभ्यर्थियों के लिए 8 से 10 जुलाई तक काउंसलिंग का आयोजन किया जाएगा. काउंसलिंग में सुबह 8 से 10 बजे तक रजिस्ट्रेशन तथा उसके बाद अभ्यर्थी की काउंसलिंग होगी. 8 जुलाई को वरियता क्रमांक 1 से 45 तक में दिव्यांग, एकल महिला, पति-पत्नि पूर्व से राज्य सेवा, 9 जुलाई को वरियता क्रमांक 46 से 90 तक तथा 10 जुलाई को वरियता क्रमांक 91 से 133 तक की काउंसलिंग आयोजित की जाएगी. अगर 8 से शुरू हो रही काउंसलिंग में सभी चयनित अभ्यर्थी भाग लेते तो ऐसा पहली बार होगा जब शिक्षा विभाग में एलडीसी के सभी पद भर जाएंगे.

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शिक्षा विभाग में कनिष्ठ लिपिकों के 133 पद रिक्त:
इससे पहले शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के पद खाली थे. जैसलमेर के शिक्षा विभाग में कनिष्ठ लिपिकों के 133 पद रिक्त है. जिसे अब काउंसलिंग के माध्यम से भरा जाएगा. प्रदेश के अलग अलग जिलों से 133 अभ्यर्थी जैसलमेर में काउंसलिंग करवाने आएंगे. इसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा काउंसलिंग के आधार पर अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग दी जाएगी. 

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बीकानेर: विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को लेकर प्रदेश के स्टूडेंट्स असमंजस की स्थिति में है. परीक्षा होगी या नहीं अभी इस पर स्थिति साफ नहीं हो रही है. इसी बीच उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना के मद्देनजर परीक्षा नहीं कराने का फैसला लिया है. विद्यार्थियों का जीवन हमारे लिए अमूल्य है. ऐसे में अभी राज्य सरकार का प्रयास यह है कि प्रमोट का निर्णय ना बदले. साथ ही मंत्री भाटी ने कहा कि इसको लेकर हम UGC को भी कन्वींस करें. यह पूरा मामला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी ध्यान में है. 

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यूजीसी ने जारी की एग्जाम को लेकर नई गाइडलाइन: 
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने विश्वविद्यालयों की फाइनल ईयर/सेमेस्टर की परीक्षाओं और शैक्षणिक कैलेंडर को लेकर सोमवार को नई गाइडलाइन जारी की. मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट के जरिये एकेडमिक गाइडलाइन जारी की. नये दिशानिर्देश के मुताबिक टर्मिनल सेमेस्टर के छात्रों का मूल्यांकन जो जुलाई के महीने में परीक्षाओं के माध्यम से किया जाना था, अब उनकी परीक्षाएं सितंबर -2020 के अंत तक आयोजित की जाएंगी.

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फाइल ईयर की परीक्षाओं का आयोजन होगा:
बता दें, यूजीसी ने पहले निर्णय लिया था कि विश्वविद्यालयों की फाइल ईयर की परीक्षाओं का आयोजन होना चाहिए. वहीं फर्स्ट ईयर के छात्रों को सेकंड ईयर में प्रमोट कर दिया जाएगा. उन्हें नंबर इंटरनल असेसमेंट के आधार पर दिए जाएंगे. 

 

...फर्स्ट इंडिया के लिए लक्ष्मण राघव की रिपोर्ट


 

MHRD की गाइडलाइन को फॉलो करेगा उच्च शिक्षा विभाग, फाइनल ईयर की फिर से होंगी परीक्षाएं !

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जयपुर: राजधानी जयपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. उच्च शिक्षा विभाग MHRD की गाइडलाइन को फॉलो करेगा. सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार फाइनल ईयर की परीक्षाएं फिर से होगी. हालांकि परीक्षाएं कब होगी इसको लेकर फिलहाल मंथन चल रहा है. इससे पहले कल देर रात MHRD ने निर्देश जारी किए थे. 

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