Live News »

आज़ादी विशेष : महिलाओं के लिए एयर फोर्स, आर्मी व नेवी में करियर के अवसर, जानें क्या है पद, योग्यता और चयन प्रक्रिया

आज़ादी विशेष : महिलाओं के लिए एयर फोर्स, आर्मी व नेवी में करियर के अवसर, जानें क्या है पद, योग्यता और चयन प्रक्रिया

नई दिल्ली: बचपन से चाहे लड़का हो या लड़की, सभी अपने देश की सेवा करने के स्वप्न के साथ बड़े होते हैं और इसके लिए भारतीय सशस्त्र बल में शामिल होने से बेहतर विकल्प क्या हो सकता है? यह एक सुखद संयोग ही है कि कल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और भाई-बहन के अटूट रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन एक साथ मनाया जाएगा, जो महिलाओं के लिए एक तोहफा भी है.घर-परिवार को मजबूती देने के साथ-साथ आज के दौर की महिलाएं देश की सेवा करने में भी बिल्कुल पीछे नहीं हैं. इन क्षेत्रों में इनके लिए अवसर भी पहले से अधिक बढ़े हैं.केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए हालिया कदमों के बाद महिला सैन्य पुलिस समेत कई नए क्षेत्रों में महिलाओं के लिए करियर के नए विकल्प खुल गए हैं.
भारतीय रक्षा बल में पुरूष उम्मीदवारों के लिए नौकरी अवसरों की उपलब्धता हेतु काफी जागरूकता देखने को मिलती है पर महिला उम्मीदवारों के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है. हालाँकि अब आम धारणा के विपरीत, भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंग अर्थात सेना, नौसेना और वायु सेना सहित  देश के अन्य रक्षा संगठनों ने भी महिलाओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए है. अब महिलाएं भी इन क्षेत्रों में अपने करियर बना सकती है.

हम भारतीय सशस्त्र बल में महिला उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध पदों तथा क्षेत्रों का विवरण आगे प्रस्तुत कर रहें हैं ताकि इस विषय में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर महिला प्रत्याशी भी इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने को प्राथमिकता दें सकें.

सरकार द्वारा सेना में महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिए जाने से महिला सेना पुलिस समेत साइबर, मैपिंग, ट्रांसलेशन और सिग्नल जैसे कई नए क्षेत्रों में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशंड ऑफिसर बनने का अवसर बढ़ गया है। हाल ही में रक्षा मंत्रालय द्वारा भी यह घोषणा की गई कि महिला अधिकारियों को भारतीय सेना की उन सभी दस ब्रांचेज में स्थायी कमीशन दिया जाएगा, जहां पहले उन्हें शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) में शामिल किया जाता था। आइए जानते हैं कि सेना के किन-किन क्षेत्रों में महिलाओं के लिए करियर के नए मौके सामने आए हैं।

बढ़ते जा रहे विकल्प: भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों यानी थलसेना, नौसेना और वायु सेना सहित देश के अन्य रक्षा संगठनों ने अब महिलाओं के लिए करियर के कई नए विकल्प खोल दिए हैं। आइए जानते हैं भारतीय सशस्त्र बल में महिला उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध पदों तथा क्षेत्रों के बारे में-

कमीशंड अफसर के रूप में: सेना में अभी महिला अफसरों की भर्ती शॉर्ट सर्विस कमिशन (एसएससी) के माध्यम से होती है। एसएससी के अंतर्गत थलसेना में भर्ती के लिए संघ लोक सेवा आयोग वर्ष में दो बार कंबाइंड डिफेंस सर्विसेस एग्जामिनेशन (सीडीएसई) परीक्षा का आयोजन करता है। इनमें महिलाओं को सिर्फ ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में प्रवेश मिलता है, जो इस प्रकार है-

वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में
ऐसी महिला स्नातक उम्मीदवार, जिन्होंने 10+2 फिजिक्स और मैथ्स से किया है, इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकती हैं। इस परीक्षा के माध्यम से फ्लाइंग ब्रांच, टेक्निकल ब्रांच-एयरोनॉटिकल इंजीनियर, ग्राउंड ड्यूटी ब्रांचेज- एडमिनिस्ट्रेशन ऐंड लॉजिस्टिक्स, एजुकेशन, एकाउंट्स जैसे पदों के लिए भर्ती की जाती है.वायुसेना में अब युद्धक मोर्चे पर भी महिलाओं को एंट्री दी जाने लगी है। इंडियन एयरफोर्स में पहली बार महिला फाइटर पायलट के रूप में अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ तथा मोहना सिंह के शामिल होने के बाद देश की बाकी लड़कियों को भी प्रेरणा मिली है। वायुसेना में टोही विमान पायलट के रूप में ज्वाइन करने के लिए एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (एफ्कैट) भारतीय वायुसेना वर्ष में दो बार आयोजित करती है

एसएससी-नॉन-टेक्निकल एंट्री: 19 से 25 वर्ष की आयु सीमा तथा स्नातक की डिग्री रखने वाली अविवाहित युवतियां इसके लिए आवेदन कर सकती हैं

एसएससी-टेक्निकल एंट्री: संबंधित स्ट्रीम में बीई/बीटेक की डिग्री रखने वाली युवतियां जिनकी उम्र 19 से 25 वर्ष के बीच है, वे इसके लिए पात्र हैं

एसएससी (एनसीसी स्पेशल एंट्री): 19 से 25 वर्ष आयु वर्ग तथा 50 फीसदी अंकों से स्नातक एनसीसी कैडेट महिलाएं इस एंट्री एग्जाम के लिए योग्य हैं

एसएससी (जेएजी एंट्री): इसके माध्यम से सिर्फ लॉ में ग्रेजुएट महिलाओं को सेना में प्रवेश मिलता है. ’सेना चिकित्सा कोर: महिलाएं एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने के बाद डॉक्टर के रूप में भी सेना में शामिल हो सकती हैं इसके अलावा, नर्सिंग में डिग्री कोर्स करके भी महिलाएं सेना चिकित्सा कोर में प्रवेश पा सकती हैं

और पढ़ें

Most Related Stories

औरंगाबाद जिला परिषद ने निकाली बंपर सीधी भर्ती, योग्य उम्मीदवार साक्षात्कार के माध्यम से पाये नौकरी

औरंगाबाद जिला परिषद ने निकाली बंपर सीधी भर्ती, योग्य उम्मीदवार साक्षात्कार के माध्यम से पाये नौकरी

नई दिल्ली: कोरोना के कोहराम के बीच औरंगाबाद जिला परिषद ने सीधी भर्ती निकाली है. आप साक्षात्कार  के माध्यम से चयन हो सकेंगे. औरंगाबाद जिला परिषद में मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स और सैनिटरी वर्कर के पद पर 500 से ज्यादा भर्ती निकाली है. इन सभी पदों पर साक्षात्कार के आधार पर सीधी भर्ती होगी. अगर आप भी सरकारी नौकरी के इच्छुक और योग्य है, तो आप साक्षात्कार में पास होने के बाद नौकरी पा सकते है. उम्मीदवार केवल 7 अप्रैल तक साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं. ये साक्षात्कार 7 अप्रैल तक रोजाना  सुबह 11:00 बजे से शाम 03:00 बजे तक लिया जाएगा. इसकी प्रक्रिया चल रही है. योग्य उम्मीदवार अपने योग्यता के दस्तावेजों और उनकी फोटो कॉपी के साथ औरंगाबाद जिला परिषद के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर के कार्यालय में साक्षात्कार दे सकते हैं. 

Corona Update: पीएम मोदी ने की खेल जगत के साथ चर्चा, सचिन-सौरव-विराट समेत देश के 40 खिलाड़ियों से बात

इन पदों पर होगी भर्ती
चलो अब बात करते है औरंगाबाद जिला परिषद ने किन-किन पदों पर भर्ती निकाली है. इसमें स्टाफ नर्स के  110 पदों पर भर्ती होगी. वहीं आरोग्य सेवक (महिला) के 187 पदों पर भर्ती होगी. आरोग्य सेवक (पुरुष) के  60 पद है. तो मेडिकल ऑफिसर के 30 पद है. मेडिकल ऑफिसर (एनेस्थेसिया) के 20 पदों पर भर्ती होगी. वहीं मेडिकल ऑफिसर के 120 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. अगर आप भी है योग्य तो आप भी पा सकते है साक्षात्कार के माध्यम से सरकारी नौकरी. 

Rajasthan Corona Update: पिछले 12 घंटे में 21 नए पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि, 154 हुई मरीजों की संख्या

अगर आप भर्ती से संबंधित ज्यादा जानकारी पाना चाहते है तो आप इस लिंक पर क्लिक कीजिए

कोरोना वायरस को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत का बड़ा फैसला, सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं स्थगित

कोरोना वायरस को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत का बड़ा फैसला, सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं स्थगित

जयपुर: कोरोना वायरस को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने CMO में हुई बैठक में  बड़ा फैसला लिया है. सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं स्थगित की गई है. इसके साथ ही बोर्ड की परीक्षाएं भी स्थगित करने के आदेश दिए गए है. साथ ही होम आइसोलेशन में रखे गए नागरिकों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी नजर रखी जाएगी. ऐसे लोगों को बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी. वहीं किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने पर कड़ी रोक रहेगी. 

अदालतों के कम्प्लीट शटडाउन से मुख्य न्यायाधीश का इंकार, हाइकोर्ट बार ने न्यायिक कार्य नही करने का किया ऐलान 

प्रदेश में 31 मार्च तक धारा 144 लागू:  
इससे पहले बुधवार को कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों का जीवन बचाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश भर में 31 मार्च तक धारा 144 लागू करने के आदेश दिए थे. बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में अहम मीटिंग के बाद यह फैसला लिया गया. CM ने अपील की है कि मंदिर, मस्जिद सहित अन्य धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर लोग एकत्रित न हो. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूरी तरह गंभीर: 
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूरी तरह गंभीर है और वे लगातार चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ले रहे हैं बुधवार को भी मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़ी मीटिंग हुई जिसमें कई अहम फैसले लिए गए. 

VIDEO- Coronavirus Updates: झुंझुनूं के प्रशासन के भरोसे मत रहिए! कर्फ्यू वाले एरिया में लगा रहा जमघट 

- स्कूलों में 31 मार्च तक पीटीएम पर रोक
- सार्वजनिक एवं सरकारी पुस्तकालयों बन्द रहेंगे
- झुंझुनूं में पॉजिटिव मरीजों के घर के एक किमी दायरे में कर्फ्यू
- अजमेर, कोटा, भरतपुर, झुंझुनूं सहित अन्य स्थानों पर भी जांच सुविधा विकसित होगी
- जयपुर में जांच क्षमता दोगुनी करने के निर्देश 
- विदेश से आने वाले यात्रियों की होगी स्क्रीनिंग
- एयरपोर्ट से सीधे होटलों में ठहराकर होगी स्क्रीनिंग
- एयरपोर्ट के पास तीन होटल चिन्हित किए गए 
- एयरपोर्ट पर उन व्यक्तियों के हाथ पर मुहर लगेगी
- घर के बाहर भी इस संबंध में सूचना चस्पा की जायेगी
- आस-पड़ोस के लोग उनसे नहीं मिले


 

राजस्थान विश्वविद्यालय की यूजी और पीजी की परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित

राजस्थान विश्वविद्यालय की यूजी और पीजी की परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित

जयपुर: कोरोना वायरस के खौफ के चलते राजस्थान विश्वविद्यालय की परीक्षाएं भी स्थगित हो गई है. सरकार के निर्देश के बाद यूजी और पीजी की परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला लिया गया है. ऐसे में अब 31 मार्च तक आयोजित होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित हो गई है. इससे पहले फर्स्ट इंडिया न्यूज ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था. 

प्रदेश में 3 नए कोरोना पॉजिटिव, गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश में धारा 144 लागू

तुरंत प्रभाव से सभी परीक्षाओं को स्थगित:  
परीक्षा स्थगित होने पर राजस्थान विश्वविद्यालय कुलपति आरके कोठारी ने कहा कि सरकार ने सभी परीक्षाएं स्थगित करने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद तुरंत प्रभाव से सभी परीक्षाओं को स्थगित किया जा रहा है. हालांकि आज सुबह 7 से 10 बजे का पेपर आयोजित हो रहा है. आज हो रही परीक्षा को लेकर कुलपति ने कहा कि अगर इस परीक्षा में उपस्थिति कम रहेगी तो इस परीक्षा को दोबारा कराया जाएगा. 

 VIDEO: बिछ गई राज्यसभा चुनाव की चौसर, 3 सीटों पर कुछ इस तरह रहेगा गणित 

कुलपति ने कल दिया था महाराष्ट्र का उदाहरण:
इससे पहले कर देर रात विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को लेकर कुलपति ने कहा था कि राज्य सरकार से अभी तक नहीं मिले कोई निर्देश नहीं मिले है ऐसे में आरयू की परीक्षाएं यथावत रहेगी. साथ ही कुलपति कोठारी ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां भी धारा 144 है लेकिन परीक्षाएं यथावत रहेगी. लेकिन जब अब सरकार के निर्देश मिल गए है तो 31 मार्च तक आयोजित होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित किया गया है. 

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा आज से शुरू, नकल पर अंकुश लगाने के लिए उड़न दस्ते तैनात

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा आज से शुरू,  नकल पर अंकुश लगाने के लिए उड़न दस्ते तैनात

जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा आज से शुरू हो गई है, परीक्षा 24 मार्च तक चलेगी. यह परीक्षा राज्य के 5685 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हो रही है. आज पहला पेपर अंग्रेजी का चल रहा है. वहीं पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, बीकानेर की ओर से 8 वीं की परीक्षाएं भी आज से शुरू होंगी. 

कोरोनावायरस विश्वव्यापी महामारी घोषित, भारत में 15 अप्रैल तक सभी देशों के टूरिस्ट वीजा निलंबित 

परीक्षा के लिए 11 लाख 85 हजार 708 विद्यार्थी पंजीकृत: 
प्रदेश में दसवीं की परीक्षा के लिए 11 लाख 85 हजार 708 विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं. इनमे में 11 लाख 75 हजार 538 विद्यार्थी नियमित और 3 हजार 198 परीक्षार्थी स्वयंपाठी है.  इनमें 6 लाख 52 हजार 236 छात्र और 5 लाख 26 हजार 500 छात्राएं है. प्रवेशिका परीक्षा के लिए 6972 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं. 

नकल और अनुचित साधनों पर अंकुश लगाने के लिए उड़न दस्ते तैनात:
परीक्षाओं के दौरान नकल और अनुचित साधनों पर अंकुश लगाने के लिये माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, संयुक्त निदेशक शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारियों के स्तर पर उडन दस्ते तैनात किये गये है. परीक्षा के दौरान किसी भी परीक्षार्थी अथवा परीक्षा कार्य से जुड़े वीक्षक, अतिरिक्त केन्द्राधीक्षक, माइक्रो ऑब्र्जवर, पेपर कॉर्डिनेटर अथवा शाला के अन्य किसी भी कार्मिक के पास मोबाइल अथवा कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं रहेगा. 

राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य को समय न देने के सवाल पर कहा- सिंधिया कभी भी मेरे घर आ सकते थे

8 वीं की परीक्षा में विद्यार्थी अल्फाबेट के आधार पर बैठेंगे:
8 वीं कक्षा की परीक्षा जयपुर जिले में 620 परीक्षा केन्द्रों पर होगी. यह परीक्षा दोपहर 2 से शाम 4.30 बजे तक होगी. परीक्षा में जयपुर जिले में 1 लाख 18 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं. इस बार आठवीं की परीक्षा में एक नवाचार किया गया है, इससे नकल के प्रकरणों पर भी रोक लगेगी. अब 8 वीं की परीक्षा में विद्यार्थी अल्फाबेट के आधार पर बैठेंगे. एक ही स्कूल के विद्यार्थी एक साथ नहीं बैठ सकेंगे. 

12 मार्च से शुरू होगी आठवीं बोर्ड परीक्षा, नकल पर लगाई जाएगी लगाम

12 मार्च से शुरू होगी आठवीं बोर्ड परीक्षा, नकल पर लगाई जाएगी लगाम

कोटा: कोटा जिले में प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र आठवीं बोर्ड परीक्षा 135 परीक्षा केंद्रों पर 12 मार्च से शुरू होगी. 23 मार्च तक चलने वाली इस परीक्षा के सफल आयोजन की जिम्मेदारी निभा रहे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कोटा डाइट और प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को मल्टीपरपज स्कूल से आठवीं बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्रों का वितरण किया गया.

मंत्री मेघवाल ने कहा-गिरदावरी से पहले प्रभावित किसानों को दी जाएगी तत्काल सहायता

परीक्षा के सभी प्रश्न पत्रों को केंद्र अधीक्षक के नेतृत्व में संबंधित थानों में रखवाए गए है. परीक्षा प्रभारी मंजुला द्विवेदी के मुताबिक कोटा जिले में इस परीक्षा के लिए 28371 परीक्षार्थी नामांकित है. नकल पर लगाम कसने के लिए चार फ्लाइंग स्क्वायर टीमें गठित की गई है. ब्लॉक एक एक टीम का भी गठन किया गया है.

कोरोना वायरस को लेकर उदयपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर, कलेक्टर ने ली बैठक

BSF के जवान सीमाओं की रक्षा के साथ कर रहे देश के भविष्य का निर्माण, सरहदी गांवों के बच्चों को दे रहे कम्प्यूटर का ज्ञान

BSF के जवान सीमाओं की रक्षा के साथ कर रहे देश के भविष्य का निर्माण, सरहदी गांवों के बच्चों को दे रहे कम्प्यूटर का ज्ञान

जैसलमेर: देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान जिनके हाथों में हमेशा बंदूकें होती है. लेकिन ये क्या जैसलमेर से सटी पाक सीमा पर संगीनों के साथ जितनी मुस्तैदी से सीमाओं की रक्षा कर रहे ये जवान अपने खाली समय में माउस और कंप्यूटर के साथ शिक्षा की अलख भी जगा रहे हैं. जी हां ये कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि जैसलमेर से लगती पाक सीमा पर बीएसएफ की हकीकत है जो जवानों के लिये यहां के लोगों के दिलों में सम्मान और अपनापन पैदा करती है और इसी अपनेपन से खिंचे जवान जैसलमेर के सीमावर्ती गावों के बच्चों को अपने खाली समय में डिजिटल शिक्षा देने का काम कर रहे हैं. 

VIDEO: कोरोना वायरस के खौफ के बीच कपड़ा मंडी भीलवाड़ा के लिए सऊदी अरब से आ रहे शुभ संदेश 

बॉर्डर पर रहने वाले लोगों को आगे बढ़ाने में भी जुटे हुए:
भारत पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की सीमाओं की रक्षा में जुटे जवान सर्दी एवं गर्मी का डटकर सामना करने वाले अपने देश रक्षा के कर्त्तव्य के साथ साथ बॉर्डर पर रहने वाले लोगों को आगे बढ़ाने में भी जुटे हुए है. समय समय पर सामाजिक सरोकार के कार्यों में अग्रणी रहकर सीमा के वाशिंदों को हर संभव मदद को तैयार रहते हैं. सीमा पर बसे गांव में रहने वाले बच्चों को आधुनिक युग से जोड़ने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने पहले 2019 में गांव पोछिणा में बीएसएफ बिल्डिंग को कम्प्यूटर सेंटर तैयार कर के दिया. उसके बाद 2020 में सम गांव में कम्प्यूटर सेंटर स्थापित किया है. पिछले लम्बे समय से युद्धों से दूर यहां सीमाओं की रक्षा कर रही बीएसएफ अब यहां के जीवन का हिस्सा बन गई है और ये बात बीएसएफ और स्थानीय लोग भलीभांति समझने भी लगे हैं...और आपसी सौहार्द और अपनेपन का ही नतीजा है कि बीएसएफ इन इलाकों में रहने वाले लोगों को अपना परिवार ही समझते हैं और इसी भावना से फलीभूत होकर बीएसएफ ने सीमावर्ती गांवों में शिक्षा देने का मन बनाया है. जैसलमेर के सीमावर्ती बच्चो जिन्होंने केवल कंप्यूटर का नाम सूना है लेकिन देखा नहीं उन बच्चो को कम्प्यूटर शिक्षा दे रहे हैं. जवानों का कहना है की देश की रक्षा के साथ सामाजिक सरोकार करना बेहद ख़ुशी होती है. 

VIDEO: जयपुर एयरपोर्ट पर मिले 2 कोरोना संदिग्ध! दुबई से पहुंचे थे जयपुर 

सीमाओं की रक्षा के साथ भविष्य की रक्षा:
सीमावर्ती गांवों के बच्चों को शिक्षा देने वाले जवानों का भी मानना है कि वे देश की सेवा दोनों ही लहजों में कर रहे हैं एक तो देश की सीमाओं की रक्षा कर और दूसरा देश के भविष्य की रक्षा कर... ऐसे में जो संतुष्टिभाव उन्हें प्राप्त हो रहा है वो उन्हें अपने परिवार और आसपास जैसा माहौल प्रदान करने वाला है और खाली समय के अपने सही उपयोग की संतुष्टि प्रदान करने वाला है. आसपास ढाणियों के बच्चे यहां पढ़ने आ जाते हैं. बच्चो को पढ़ते देख उनके परिजन बहुत खुश होते हैं. वो कहते है की हमने कभी स्कूल नहीं देखी आज BSF के कारण हमारे बच्चो को शिक्षा मिल रही है. जिससे हमे बहुत ख़ुशी मिल रही है.   

गांव से आए गणमान्य लोगों एवं बच्चों की हौसला अफजाई की:
सीमांत मुख्यालय के महानिरीक्षक अमित लोढ़ा ने 56वीं वाहिनी का निरीक्षण किया और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सेक्टर साउथ की कई बीएसएफ चौकियों का निरीक्षण कर वहां सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं वहां जवानों से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीएसएफ 56वीं वाहिनी की ओर से सम में स्थापित किए एक वातानुकूलित कम्प्यूटर सेंटर का उद्घाटन किया. गांव से आए गणमान्य लोगों एवं बच्चों की हौसला अफजाई की. महानिरीक्षक अमित लोढा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि कम्प्यूटर प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य सीमावर्ती गांव के विद्यार्थियों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर प्रगति के पथ पर ले जाना है. उन्होंने कहा कि बीएसएफ के प्रयासों से सरहदी गांव के बच्चें भी कम्प्यूटर की बुनियादी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे एवं बच्चों में तकनीकी अभिरूचि का भी विकास होगा.  

कम्प्यूटर शिक्षा के लिए शहर तक का सफर नहीं करना पड़ेगा:
इस नवाचार से आस पास की सीमावर्ती आबादी वाले इस गांव के छात्र छात्राएं लाभान्वित होंगे. अब उन्हें कम्प्यूटर शिक्षा के लिए शहर तक का सफर नहीं करना पड़ेगा. भव्य शुभारंभ समारोह में सीमा सुरक्षा बल के आईजी सैकड़ों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों की उपस्थिति में इस सेंटर को आमजन को समर्पित किया. अब सीमावर्ती गांवों के बच्चे कंप्यूटर सीख रहे हैं. 56वीं बटालियन ने यहां बच्चों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र के साथसाथ भर्ती सहायता केंद्र भी खोला है. इसमें युवाओं को बीएसएफ में भर्ती के लिए प्रेरित किया जाता है. कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र में सीमावर्ती गांवों के बच्चों का पंजीयन किया गया है. इन बच्चों को बीएसएफ के जवानों की ओर से कंप्यूटर सिखाया जा रहा है. बच्चों का कहना है की कभी ज़िंदगी में कम्प्यूटर देखा नहीं आज देखकर बेहद खुश है. अब हम सीमा सुक्षा बल दवरा कम्प्यूटर सीख पाएंगे. ताकि हमारी शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत हो पाए. अब बच्चे खुश है सीमा सुरक्षा बल के जवानो का आभार व्यक्त कर रहे हैं. 

VIDEO: होली पर घर आना हुआ मुश्किल ! एयरलाइंस ने जयपुर आने के लिए बढ़ाया हवाई किराया, ट्रेनों में लम्बी वेटिंग 

बच्चों को पढ़ते देख उनके परिजन बहुत खुश:
इसमें पहले दिन 30 छात्र व छात्राओं का एडमिशन हुआ. इस दौरान गांव के सरपंच सलीम खान, स्कूल के प्रधानाध्यापक खेताराम, प्रधानाचार्य साजन खान एवं क्षेत्रीय मुख्यालय दक्षिण के उपमहानिरीक्षक राजेश कुमार और 56 वीं वाहिनी के कमांडेंट हरेंद्रसिंह टोलिया, द्वितीय कमान अधिकारी आरवी किरो, अनिल कुमार, उपसमादेष्टा राजेश कुमार, एके शर्मा सहित अधिकारियों और अधीनस्थ अधिकारियों एवं बहादुर जवानों ने स्वागत किया. सीमावर्ती गांवों के बच्चों को शिक्षा देने वाले जवानों का भी मानना है कि वे देश की सेवा दोनो ही लहजों में कर रहे हैं एक तो देश की सीमाओं की रक्षा कर और दूसरा देश के भविष्य की रक्षा कर... ऐसे में जो संतुष्टिभाव उन्हें प्राप्त हो रहा है वो उन्हें अपने परिवार और आसपास जैसा माहौल प्रदान करने वाला है और खाली समय के अपने सही उपयोग की संतुष्टि प्रदान करने वाला है. आसपास ढाणियों के बच्चे यहां पढ़ने आ जाते हैं. बच्चों को पढ़ते देख उनके परिजन बहुत खुश होते है. 

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं आज से शुरू, अभ्यर्थियों को सघन जांच-पड़ताल के बाद दिया प्रवेश

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं आज से शुरू, अभ्यर्थियों को सघन जांच-पड़ताल के बाद दिया प्रवेश

बीकानेर: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आज से शुरू हुई. आज 12 वीं कक्षा का अनिवार्य अंग्रेजी का पेपर है. बीकानेर जिले में 167 परीक्षा केंद्रों पर 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का आयोजन हो रहा है. परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को सघन जांच-पड़ताल के बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया. बीकानेर जिले में बारहवीं कक्षा बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 28 हजार 439 परीक्षार्थी पंजीकृत है.

राजस्थान हाईकोर्ट को मिले 6 नए जज, फिर भी हाईकोर्ट में स्वीकृत 50 पदों पर 27 जज ही होंगे कार्यरत 

जांच के लिए पांच फ्लाइंग भी बनाए गए:
परीक्षा में नकल रोकने और परीक्षा केंद्रों की समय-समय पर जांच के लिए पांच फ्लाइंग भी बनाए गए हैं. डीईओ स्तर पर ओर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में कंट्रोल रूम भी बनाए गए है. माध्यमिक शिक्षा डीईओ उमाशंकर किराडू ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया. डीईओ उमाशंकर किराडू ने बताया कि परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है. साथ ही अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. उन्होंने बताया कि वरिष्ठ उपाध्याय की परीक्षा भी आज से शुरू हुई है. 

कोरोनावायरस से इटली में मरने वालों का आंकड़ा 100 के पार, तबाही बनकर उभरा 

सदन में उठा बेरोजगारी भत्ते का सवाल, 50 हजार पात्र बेरोजगारों को नहीं मिल रहा भत्ता

सदन में उठा बेरोजगारी भत्ते का सवाल, 50 हजार पात्र बेरोजगारों को नहीं मिल रहा भत्ता

जयपुर: प्रदेश में बेरोजगारी भत्ते के लिए 2 लाख 10 हजार 321 को पात्र माना गया है  लेकिन 1 लाख 59 हजार 728 बेरोजगारों को भत्ता दिया जा रहा है और 50000 पात्र युवा वंचित है. विधान सभा में प्रश्नकाल में एक सवाल के जवाब में यह तथ्य उभरकर सामने आए.

VIDEO: जयपुर एयरपोर्ट पर कोरोना स्क्रीनिंग के लिए विशेष सतर्कता, अब तक 26 हजार से ज्यादा यात्रियों की हुई स्क्रीनिंग 

अनिता भदेल ने बेरोजगारी भत्ते से जुड़ा सवाल उठाया:
प्रश्नकाल में दिए गए एक सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने माना कि एक सीमा निर्धारित किए जाने के चलते ऐसा हो रहा है. वहीं सरकार की ओर से पेश जवाब में यह भी कहा गया कि फिलहाल स्नातक योग्यता नहीं रखने वाले युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को 3 हजार और 3500 रुपए भत्ता देने का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है. भाजपा विधायक अनिता भदेल ने बेरोजगारी भत्ते से जुड़ा सवाल उठाया. सवाल का जवाब देते हुए मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि -

- योजना के तहत 3 लाख 17 हजार 293 बेरोजगारों के आवेदन आए हैं
- जांच के बाद इनमें से 2 लाख 10 हजार 321 को पात्र माना गया है
- इस समय 1 लाख 59 हजार 728 बेरोजगारों को भत्ता दिया जा रहा है
- पिछली सरकार ने एक लाख बेरोजगारों को भत्ते की सीमा निर्धारित की थी
- अब इस सीमा को बढाकर 1 लाख 60 हजार किया गया है
- पिछली सरकार के 5 साल में 1.56 लाख बेरोजगारों को ही भत्ता मिला।
- जबकि पिछले 1 साल में ही 1.42 लाख को भत्ता दिया गया
- पिछली सरकार के 5 साल में 121.60 करोड़ की राशि भत्ते के रुप में दी गई
- जबकि अब पिछले 1 साल में ही 287 करोड़ रुपए दिए जा चुके

विधानसभा में हुई उत्पादी बंदरों को लेकर रोचक चर्चा, जताई चिंता 

मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने ऐतराज जताते हुए पूछा कि आखिर पात्रता होने के बावजूद 50 हजार युवा बेरोजगारी भत्ते से वंचित क्यों है. क्या जन घोषणा पत्र में यह बिन्दू शामिल करते वक्त कोई सीमा निर्धारित की गई थी. इस पर मंत्री अशोक चांदना ने विपक्ष पर ही पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने ही एक लाख की सीमा निर्धारित की थी जिसे बढ़ाकर अब एक लाख 60 हजार किया गया है. जहां तक जन घोषणा पत्र का सवाल है तो उसमें कहा गया था कि शिक्षित और जरुरतमंदों को भत्ते का प्रावधान होगा. मंत्री ने कहा कि सूची से जैसे-जैसे लोग बाहर होते जाएंगे वैसे-वैसे उसमें पात्रताधारी दूसरे बेरोजगारों को शामिल कर लिया जाएगा. वहीं चांदना ने यह भी कहा कि फिलहाल स्नातक योग्यता नहीं रखने वाले बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने का कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है. 

कोरोना वायरस को लेकर भारत में अलर्ट, स्वास्थ्य मंत्री बोले- विदेश से आने वाले हर व्यक्ति की जांच की जाएगी 

सरकार ने प्रदेश में बेरोजगारों से जुड़े आंकड़े भी सदन में पेश किए:
सवाल के जवाब में सरकार ने प्रदेश में बेरोजगारों से जुड़े आंकड़े भी सदन में पेश किए जिसके मुताबिक विभाग में 12 लाख 91 हजार से ज्यादा बेरोजगार पंजीकृत हैं. पंजीकृत बेरोजगारों में से 9 लाख 30 हजार से ज्यादा स्नातक और करीब साढे 85 हजार अधिस्नातक हैं. दसवीं पास से कम योग्यता रखने वाले केवल करीब साढ़े 74 हजार बेरोजगार विभाग में पंजीकृत हैं. 

....नरेश शर्मा, योगेश शर्मा, ऐश्वर्य प्रधान के साथ ऋतुराज शर्मा फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जयपुर

Open Covid-19