भारत ने रचा इतिहास, पहली बार स्वदेशी तकनीक से स्नाइपर राइफल का मॉडल तैयार, सेना करेगी इस्तेमाल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/10/14 10:10

नई दिल्ली:भारत को एक प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए केंद्र सरकार जोर दे रही है.कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित एक फर्म ने देश की पहली स्वदेशी स्नाइपर राइफल प्रोटोटाइप विकसित किया है.स्वदेशी तकनीक से दो स्नाइपर राइफलें बनाकर एक भारतीय कंपनी ने इतिहास रच दिया है. फिलहाल इनका प्रोटॉटाइप रेडी है. इन दोनों बंदूकों को एसएसएस डिफेंस नाम की कंपनी ने बनाया है. इसकी फैक्ट्री बेंगलुरु से 28 किलोमीटर दूर जिगानी में स्थित है.

स्वदेशी स्नाइपर राइफल को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग किया जाएगा. SSS डिफेंस ने इन दो स्नाइपर राइफलों को बनाया है। कंपनी भारत को हथियार निर्माण और निर्यात हब बनने के रास्ते का नेतृत्व करना चाहती है.इन राइफलों के नाम वाइपर और साबेर है.इसमें वाइपर में .308/7.62x51एमएम की गोली और साबेर में .338 की गोली लगती है. इसमें वाइपर की रेंज 1 हजार मीटर, वहीं साबेर की रेंज 1500 मीटर बताई गई है. कंपनी के डायरेक्टर सतीश बताते हैं कि दोनों ही राइफल सेना और सरकारी एजेंसियों को बीच मशहूर हैं.

फिलहाल कंपनी का लक्ष्य अपनी राइफल को टेस्ट में पास कराना है. यदि एसएसएस डिफेंस की राइफल टेस्ट में पास हो गई तो उसके बाद कंपनी अपनी कई और योजनाओं पर काम करेगी. फिलहाल कंपनी की फैक्ट्री 80 हजार स्कॉयर फीट से संचालित की जा रही है. सूत्रों के अनुसार कंपनी हथियारों के क्षेत्र में 20 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है.SSS डिफेंस के प्रबंध निदेशक ने सतीश आर मचानी ने रविवार को कहा, 'हमने रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' के आने के बाद इन राइफलों को डिजाइन और विकसित करना शुरू कर दिया.

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