इस विधानसभा चुनाव में झालरापाटन, सरदारपुरा और टोंक सीटें सबसे हॉट !

Abhishek Shrivastava Published Date 2018/11/17 11:13

जयपुर। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा के बाद झालरापाटन, सरदारपुरा और टोंक सीटें सबसे हॉट हो गई हैं। इन तीन सीटों पर प्रदेश के तीन बड़े नेता चुनाव लड़ रहे हैं। इनके सामने विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार भी पूरे जोश के साथ ताल ठोक रहे हैं। खास रिपोर्ट-

इस चुनाव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एक बार फिर झालरापाटन सीट से चुनाव लड़ रही हैं। इस सीट वे तीन बार विधायक रह चुकी हैं। उनके सामने कांग्रेस ने भाजपा के कद्दावर नेता और केन्द्रीय मंत्री रहे जसवंत सिंह के बेटे मानवेन्द्र सिंह को उतारा है। जसोल परिवार से आने वाले मानवेन्द्र सिंह का क्षेत्रीय राजपूत राजनीति में खासा दखल है। उधर प्रदेश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर जोधपुर की सरदारपुरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर उनके सामने भाजपा ने एक बार फिर शंभू सिंह खेतासर को उतारा है। शंभू सिंह खेतासर ने इसी सीट से पिछला चुनाव भी लड़ा था और 59 हजार से अधिक वोट लेने के बावजूद 18 हजार से अधिक वोटों से हार गए थे। तीसरी हॉट सीट है टोंक। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट टोंक से भाग्य आजमा रहे हैं। उनके सामने भाजपा के मौजूदा विधायक अजीत सिंह मेहता है। पिछली चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले में मेहता करीब 60 हजार वोटों से जीते थे। 

आपको बताते हैं कि इन तीनों हॉट सीटों पर लड़े रहे प्रत्याशियों की राजनीति पृष्ठभूमि क्या रही हैं-

सीट-झालरापाटन

भाजपा प्रत्याशी- वसुंधरा राजे

वसुंधरा राजे का राजनीतिक करियर 
-वर्ष 1984 में नवगठित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बतौर सदस्य शामिल होकर अपना राजनीतिक कैरियर शुरू किया
-राजस्थान से उनका जुड़ाव वर्ष 1985 में हुआ, जब वे प्रदेश युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष बनी
-वर्ष 1985 में ही उन्होंने पहला चुनाव लड़ा और वे धौलपुर से विधायक बनीं
-इसके बाद वर्ष 1989 से लगातार चार बार झालावाड़ से सांसद रहीं
-केन्द्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में विदेश राज्य मंत्री रही
-इसके बाद कई विभागों का बतौर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रहा
-14 नवम्बर 2002 को राजे को राजस्थान भाजपा का अध्यक्ष बनाकर प्रदेश की कमान सौंपी गई
-राजे ने पूरे प्रदेश में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ परिवर्तन यात्रा निकाली
-8 दिसम्बर 2003 को वे प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी
-2 जनवरी 2009 से 25 फरवरी 2010 और 9 मार्च 2011 से 20 फरवरी 2013 तक राजे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रही
-13 दिसम्बर 2013 को एक बार फिर वसुंधरा राजे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

कांग्रेस प्रत्याशी-मानवेन्द्र सिंह

मानवेन्द्र सिंह का राजनीतिक करियर 
-मानवेन्द्र सिंह भाजपा के शीर्ष कद्दावर भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री रहे जसवंत सिंह के बेटे हैं
-मानवेन्द्र सिंह सेना में अधिकारी थे, इसके अलावा वे पत्रकार में भी रहे
-वर्ष 1999 में पहली बार बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए
-वर्ष 2004 में मानवेन्द्र सिंह ने इसी सीट से लोकसभा चुनाव जीता
-दिसम्बर 2013 में वे शिव बाड़मेर से विधायक चुने गए 
-वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज जसवंत सिंह ने बाड़मेर-जैसलमेर से निर्दलीय चुनाव लड़ा
-इस चुनाव में अपने पिता का प्रचार करने के कारण मानवेन्द्र सिंह को भाजपा ने निलम्बित कर दिया
-इस अक्टूबर में मानवेन्द्र सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए 

सीट-सरदारपुरा

कांग्रेस प्रत्याशी-अशोक गहलोत

अशोक गहलोत का राजनीतिक करियर 
-वर्ष 1974 में अशोक गहलोत राजस्थान एनएसयूआई के अध्यक्ष बने
-वर्ष 1979 में गहलोत जोधपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने
-वर्ष 1980 में अशोक गहलोत पहली बार जोधपुर लोकसभा सीट से सांसद बने
-गहलोत जोधपुर से पांच बार सांसद रहे
-वर्ष 1982 में पहली बार केन्द्रीय पर्यटन उप मंत्री बने
-इसी कांग्रेस सरकार में पर्यटन व नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री बना गया
-अशोक गहलोत वर्ष 1985 में पहली बार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे
-इसके बाद गहलोत दो बार और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे
--वर्ष 1989 में प्रदेश की कांग्रेस सरकार में गहलोत ने बतौर कैबिनेट मंत्री गृह व जलदाय विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले
-वर्ष 1991 में गहलोत केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री बनाए गए
-दिसम्बर 1998 में गहलोत पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने
-इसके बाद वर्ष 2008 में दूसरी बार गहलोत ने बतौर मुख्यमंत्री राजस्थान की सत्ता संभाली 

भाजपा प्रत्याशी- शंभू सिंह खेतासर

शंभू सिंह खेतासर का राजनीतिक करियर 
-नवम्बर 2016 में राजस्थान स्टेट सीड कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष मनोनीत किया गया
-इस अक्टूबर में अजमेर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी की रैली आयोजित हुई थी
-रैली में वापस लौटते हुए खुले में पेशाब करने के कारण वे सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हुए
-वर्ष 2013 में भी खेतासर ने सरदारपुरा सीट से भाजपा के टिकट पर अशोक गहलोत के खिलाफ चुनाव लड़ा था

सीट-टोंक

कांग्रेस प्रत्याशी-सचिन पायलट

सचिन पायलट का राजनीतिक करियर 
-वर्ष 2004 में  पायलट अजमेर लोकसभा सीट से जीतकर सबसे युवा सांसद बने
-वर्ष 2009 में अजमेर सीट से पायलट दुबारा सांसद बने
-केन्द्र की दूसरी यूपीए सरकार में पायलट संचार व सूचना तकनीक राज्य मंत्री बनाए गए
-बाद में इसी सरकार में कॉर्पोरेट मामलात मंत्रालय के राज्य मंत्री बनाए गए
-वर्ष 2014 में पायलट राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए

भाजपा प्रत्याशी-अजीत मेहता

अजीत मेहता का राजनीतिक करियर 
-वर्ष 2013 में पहली बार टोंक सीट से विधायक चुने गए 
-इससे पहले मेहता टोंक भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और मंडल अध्यक्ष के पदों पर रहे

इन तीन सीटों पर भले ही प्रदेश के बड़े नेता चुनाव लड़ रहे हो, लेकिन इनके सामने ताल ठोक रहे विपक्षी दल के उम्मीदवार पूरा दमखम दिखा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इन तीनों में से एक सीट प्रदेश को अगला मुख्यमंत्री दे सकती है। लेकिन यह भी कहा जाता है कि राजनीति और क्रिकेट अनिश्चित्ताओं और कई संभावना से भरी है।

योगेश शर्मा, नरेश शर्मा, भारत दीक्षित के साथ अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट 
 

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