Oxygen आपूर्ति में भेदभाव के आरोप को लेकर MLA शंकर सिंह रावत बैठे भूख हड़ताल पर 

 Oxygen आपूर्ति में भेदभाव के आरोप को लेकर MLA शंकर सिंह रावत बैठे भूख हड़ताल पर 

जयपुर: देश में कोरोना ने अपना कहर जमकर बरपा रखा है. ऐसे में देश में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी भी खल रही है. केंद्र सरकार (Central Government) और राज्य सरकारें अपने स्तर पर ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए लगातार प्रयासरत है. राजस्थान प्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर आरोप प्रत्यारोप आम बात हो गई है, लेकिन ऑक्सीजन आपूर्ति में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए ब्यावार विधायक शंकरसिंह रावत (Bewar MLA Shankar Singh Rawat) ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है. ब्यावर उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे रावत ने कहा कि ब्यावर में ऑक्सीजन की कमी से लोग मर रहे हैं, इस संबंध में प्रशासन को तीन दिन पहले अल्टीमेटम भी दिया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ.

ऑक्सीजन की कमी से जनता को मरता हुए नहीं देख सकता:
विधायक रावत ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से जनता का मरना बर्दाश्त नहीं कर सकते. ऐसे में मजबूरन भूख हड़ताल (Hunger Strike) पर बैठना पड़ा है. उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, भूख हड़ताल जारी रखेंगे. अब यहां से उनकी लाश तो उठ सकती है, लेकिन वे नहीं. उन्होंने कहा कि ब्यावर में 140 मरीज भर्ती हैं. ऐसे में रोजाना 300 सिलेंडर मिलें और वेंटिलेटर (Ventilator) को चालू किया जाए, ताकि भविष्य में लोगों की मौत नहीं हो. इस दौरान मौके पर कुछ समर्थक व पार्टी कार्यकर्ता तथा पुलिस भी मौजूद रही.

लगातार तीसरी बार विधायक बने है रावत: 
दोपहर 1 बजे करीब उपखंड अधिकारी रामप्रकाश भी मौके पर पहुंचे और विधायक को भरोसा दिलाया कि सिलेंडर की संख्या बढ़ाई जा रही है और धीरे धीरे बढ़ा दी जाएगी. लेकिन रावत नहीं माने और भूख हड़ताल जारी रखी है. गौरतलब है कि शंकर सिंह रावत BJP से विधायक हैं. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है. रावत लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं. रावत ने अपने पहले कार्यकाल में जल और जिले की मांग को लेकर जयपुर तक की पैदल यात्रा भी की थी. अजमेर जिले के केकड़ी से विधायक डॉ. रघु शर्मा (Dr. Raghu Sharma) वर्तमान सरकार में चिकित्सा मंत्री (Medical Minister) है.
 
ये है विधायक की मांगें:
अजमेर में 1 मरीज पर 4 सिलेंडर मिल रहे हैं, जबकि ब्यावर में एक भी नहीं है. अजमेर में कम नहीं करने हैं, लेकिन ब्यावर में सुधार किया जाए. ब्यावर में वेंटिलेटर का उपयोग नहीं किया जा रहा है, इस कारण मौत हो रही. इनका उपयोग किया जाए, ताकि मरीजों की जान बच सके. अमृतकौर चिकित्सालय ब्यावर में काफी समय से डॉक्टर्स (Dactors) को लगाने की मांग की जाती रही है, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही. मरीजों को मरने के लिए छोड़ दिया है. 

मरीज और परिजन दर दर भटक रहे हैं. कांग्रेस सरकार का चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management) फेल साबित हो रहा है. ऐसा अन्याय ब्यावर की जनता और वे खुद भी बर्दाश्त नहीं करेंगे. ऐसा करने वाले अधिकारी समझ ले कि सरकार पांच साल के लिए होती है और समय सबका आता है. बीमारी में भेदभाव करना किसी भी सूरत में उचित नहीं.

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