ड्राइवर, नौकर समेत स्‍वरोजगार करने वालो को PF के दायरे में लाने की मोदी सरकार की तैयारी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/28 02:30

नई दिल्ली: ड्राइवर, नौकर समेत स्‍वरोजगार (Self Employment) करने वाले लोगों के लिए अच्‍छी खबर है.सरकार सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है. पीएफ यानी प्रोविडेंट फंड अब आपके घरों में काम करने वाले कामगारों को मिले सकता है. केंद्र सरकार ने सोशल सिक्‍योरिटी नेट में विस्‍तार करने करने के लिए कई योजनाएं बना रही है. सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना शुरु की है.इसी योजना को विस्‍तार देते हुए अब ड्राइवर और घर में काम करने वाली बाई और ड्राइवर जैसे अन्‍य कामगारों के लिए भी पीएफ का इंतजाम किया जा सकता है.इसके तहत जल्द ही घरों में काम करने वाली बाई  रसोइयों और ड्राइवर जैसे अन्य कामगारों को भी प्रोविडेंट फंड (पीएफ) का बेनिफिट मिल सकता है. श्रम मंत्रालय ने 'इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड एंड मिसलेनियस प्रोविडेंट एक्ट' में बदलाव की योजना बनाई है. सरकार ने इसके पहले असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना शुरू की है. इसके बाद सरकार यह नया कदम उठाने की तैयारी में है. इसमें ड्राइवर और डोमेस्टिक हेल्प जैसे श्रमिकों के लिए भी पीएफ का इंतजाम किया जा सकता है. ईटी को सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, नए प्रावधान के तहत श्रम मंत्रालय की कर्मचारियों के कुछ वर्गों को पीएफ में 12 फीसदी के अनिवार्य योगदान से कम कॉन्ट्रिब्यूशन की अनुमति देने की योजना है. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर रोजगार देने वालों को किसी भी तरह की जवाबदेही से भी छुटकारा दिया जा सकता है.

इस बदलाव के बाद ड्राइवर, सिक्‍योरिटी गार्ड की जॉब करने वाले लोगों को फायदा होगा. उन्‍हें PF के दायरे में लाया जा सकेगा. साथ ही सरकार उनकी सैलरी के हिसाब से PF कटौती का रेट तय कर पाएगी

इम्‍प्‍लॉयर को भी मिल सकती है राहत
एक्‍ट में इम्‍प्‍लॉयर को भी अपना कांट्रिब्‍यूशन कम करने या नहीं करने की छूट दी जा सकती है. एक्‍ट में रिवीजन के मसौदे के मुताबिक पड़ताल के बाद मोदी सरकार एक नोटिफिकेशन की मदद से किसी भी तरह के पेशेवर के लिए अंशदान की दरों और उसके टाइम की जानकारी दे सकती है.

EPS से एकमुश्त पैसा निकालने को मिली मंजूरी
इससे पहले EPFO ने 6.3 लाख पेंशनर्स को राहत दी थी. बीते हफ्ते हैदराबाद में एक बैठक में EPFO ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन की रकम में कुछ हिस्सा एक मुश्त लेने की व्यवस्था (कम्युटेशन) फिर से बहाल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी.

इस कदम से उन पेंशनर्स को लाभ पहुंचेगा, जिन्होंने कम्युटेशन व्यवस्था का विकल्प चुना और 2009 से पहले रिटायरमेंट पर एक मुश्त रकम पाई. EPFO ने 2009 में इस प्रावधान को वापस ले लिया.

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