नारद मामला: बंगाल के दो मंत्रियों, तृणमूल विधायक को पूछताछ के लिए ले गई सीबीआई; ममता पहुंचीं जांच एजेंसी के दफ्तर

नारद मामला: बंगाल के दो मंत्रियों, तृणमूल विधायक को पूछताछ के लिए ले गई सीबीआई; ममता पहुंचीं जांच एजेंसी के दफ्तर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West bengal) के मंत्री फरहाद हाकिम (firhad hakim) और सुब्रत मुखर्जी (Subrata Mukherjee) को नारद स्टिंग ऑपरेशन (Narada Scam) से जुड़े मामले में सोमवार को कोलकाता में सीबीआई (CBI) कार्यालय ले जाया गया. अधिकारियों ने इस बारे में बताया. इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सीबीआई दफ्तर पहुंच गई हैं. इस बीच सीबीआई के अफसर ममता के मंत्रियों और विधायक से पूछताछ कर रहे हैं. 

उन्होंने बताया कि जांच के तहत तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक मदन मित्रा और पूर्व मंत्री शोभन चटर्जी को भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के निजाम पैलेस स्थित कार्यालय ले जाया गया. अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय बलों के साथ सीबीआई की एक टीम सोमवार सुबह हाकिम के चेतला आवास पर पहुंची और उन्हें जांच एजेंसी के कार्यालय ले गयी.

राज्य के परिवहन और आवास मंत्री हाकिम ने दावा किया कि सीबीआई ने नारद मामले में मुझे गिरफ्तार किया है. हम अदालत में इस मामले को ले जाएंगे. राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने हाल में हाकिम, मित्रा और मुखर्जी समेत तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दे दी थी.

नारदा घोटाला क्या है?
बता दें कि बंगाल में साल 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले नारदा स्टिंग टेप सार्वजनिक हुए थे. इन स्टिंग्स में टीएमसी के मंत्री, सांसद और विधायक की तरह दिखने वाले व्यक्तियों को कंपनी के प्रतिनिधियों से रुपए लेते दिखाया गया था. स्टिंग ऑपरेशन कथित तौर पर नारदा न्यूज पोर्टल के मैथ्यू सैमुअल ने किया था.
 

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