नई दिल्ली PM मोदी बोले, कोरोना की दूसरी लहर से लड़ने में पूरी दुनिया से संसाधन जुटाए गए

PM मोदी बोले, कोरोना की दूसरी लहर से लड़ने में पूरी दुनिया से संसाधन जुटाए गए

PM मोदी बोले, कोरोना की दूसरी लहर से लड़ने में पूरी दुनिया से संसाधन जुटाए गए

नई दिल्ली: कोविड संकट के बीच सोमवार शाम पांच बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान ताजा स्थिति को लेकर चर्चा की. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर से देश की लड़ाई जारी है, दुनिया के कई देशों की तरह भारत भी बहुत बड़ी पीड़ा से गुजरा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, ऐसे सभी परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं.

देश ने कई मोर्चों पर एक साथ लड़ाई लड़ी:

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसी महामारी 100 साल में नहीं आई, देश ने कई मोर्चों पर एक साथ लड़ाई लड़ी है. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में हेल्थकेयर स्ट्रक्चर को बढ़ाया गया. मेडिकल ऑक्सीजन की इतनी कमी कभी नहीं हुई, सेना की तीनों टुकड़ियों को लगाया गया और दुनिया के हर कोने से जो कुछ लाया जा सकता था, वो किया गया.  

बीते 100 वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी:

बीते 100 वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है. ऐसी महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी और न अनुभव की थी. इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है.कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी. भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई.

वैक्सीन हमारे लिए सुरक्षा कवच की तरह:
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी. भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई.वैक्सीन हमारे लिए सुरक्षा कवच की तरह है. आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं. कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता?

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