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‘पड़ोस प्रथम' दो दिन के भूटान दौरे पर पीएम मोदी

 ‘पड़ोस प्रथम' दो दिन के भूटान दौरे पर पीएम मोदी

नई दिल्ली :भारत की ‘पड़ोस प्रथम' का धर्म और नीति को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को भूटान के दो दिवसीय दौरे पर भूटान पहुँच गए है भूटान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, 'भूटान में, वहां के नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिग्ये वांगचुक और प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं. यह यात्रा दोनों शों के बीच समय की कसौटी पर खरी उतरने वाली मित्रता को और बढ़ावा देगी और एक समृद्ध भविष्य के लिए इसे मजबूत करेगी.मैं भूटान के प्रतिष्ठित रॉयल यूनिवर्सिटी में युवा भूटानी छात्रों को संबोधित करने के लिए भी उत्सुक हूं
प्रधानमंत्री वहां 17 से 18 अगस्त तक समय बिताएंगे. इस यात्रा के दौरान दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों सहित आपसी हितों से जुड़े विविध विषयों पर व्यापक चर्चा करेंगे. वे भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोटे शेरिंग के साथ बैठक करेंगे. इसके अलावा पीएम मोदी भूटान में भारत की पानी बिजली कंपनी एनएचपीसी के सहयोग से मध्य भूटान के ट्रोंगसा डोंग्खग जिले के मंगदेछु नदी में 720 हजार मेगावाट की क्षमता वाली बिजली परियोजना का उद्घाटन करेंगे. कहा जा रहा है कि इस परियोजना की कुल लागत 1 बिलियन डॉलर है.

प्रधानमंत्री डॉ.लोटे शेरिंग का आमंत्रण
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोटे शेरिंग के आमंत्रण पर वहां जा रहे हैं.' विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा दर्शाती है कि भारत सरकार अपने भरोसेमंद मित्र भूटान के साथ संबंधों को कितना महत्व देता है.

आपसी संबंधो को मजबूत करने पर जोर
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत और भूटान समय की कसौटी पर खरे और विशेष संबंधों को साझा करते हैं और दोनों देश साझी सांस्कृतिक धरोहर और लोगों के बीच सम्पर्क के साथ आपसी समझ और सम्मान का भाव रखते हैं. मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों सहित आपसी हितों से जुड़े विविध विषयों पर व्यापक चर्चा करेंगे और अपने पहले से मजबूत संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर जोर देंगे. दोनों देश आर्थिक और विकास सहयोग सहित द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे. इसमें पनबिजली क्षेत्र में सहयोग सहित दोनों देशों के लोगों के बीच सम्पर्क को बढ़ाने का विषय भी शामिल हो सकता है.
 

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नई दिल्ली: फ्रांस से उड़ान भरने के बाद पांच राफेल लड़ाकू विमान भारतीय जमीन पर पहुंच गए हैं. राफैल की लैंडिग के साथ ही भारतीय वायु सेना की शक्ति में बढ़ोतरी हुई है. हरियाणा के अंबाला एयरबेस में बुधवार को राफेल विमान लैंड होने के साथ ही सैल्यूट करने के साथ ही उनका स्वागत किया गया. इस दौरान वायुसेना चीफ RKS भदौरिया भी मौजूद रहे. फ्रांस से मिलने वाली राफेल विमानों की ये पहली खेप है. मंगलवार को फ्रांस से उड़ान भरने के बाद ये विमान UAE में रुके और बुधवार दोपहर को अंबाला पहुंचे.

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हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता: 
राफेल विमान में ईंधन क्षमता 17 हजार किलोग्राम है. यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है. इसे हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता. भारतीय वायुसेना ने लंबे टेस्ट के बाद राफेल को चुना है. दरअसल, राफेल विमान भारत सरकार के लिए एकमात्र विकल्प नहीं था. 

राजनीति के केंद्र में रहा है राफेल:
पिछले कई वर्षों से राफेल लड़ाकू विमान भारतीय राजनीति के केंद्र में रहा. लोकसभा चुनावों में यह विपक्षी दलों का मुद्दा भी था. हालांकि केंद्र सरकार आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है. सरकार का दावा है कि वायुसेना को मजबूत बनाने के लिए इस सौदे को जल्दी पूरा करना जरूरी था. अब थोड़ी ही देर में ये विमान भारतीय धरती पर लैंड करने वाले हैं. 

राजभवन और राज्य सरकार के बीच और बढ़े टकराव के हालात! राजभवन ने एक बार फिर लौटाया राज्य सरकार का प्रस्ताव 

एक मिनट में भर सकता है 60 हजार फुट ऊंची उड़ान:
राफेल एक मिनट में करीब 60 हजार फुट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. इससे भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण को गति मिलेगी. राफेल अधिकतम भार उठाकर इसके उड़ने की क्षमता 24500 किलोग्राम है. यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है. 

अमेरिका के अलास्का में आया भूकंप, 7.8 आंकी गई तीव्रता, सुनामी की चेतावनी जारी

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नई दिल्ली: अमेरिका के अलास्‍का राज्‍य में बुधवार को भूकंप झटके महसूस किए गए. जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. रिक्‍टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 7.8 आंकी गई है. यह भूकंप बहुत शक्तिशाली बताया जा रहा है. हालांकि जान माल हानि की कोई खबर नहीं मिली है. 

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तटीय इलाके में मची अफरा-तफरी:
इस भूकंप के झटके 500 मील दूर तक महसूस किए गए. सुनामी की चेतावनी के बाद तटीय इलाके में अफरातफरी मच गई है और लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्‍थानों पर चले गए हैं.मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक भूकंप का केंद्र जमीन से 6 मील गहराई में स्थित था. भूकंप के केंद्र से 200 मील के इलाके में सुनामी की चेतावनी दी गई है. ऐसा बताया जा रहा है कि सुनामी के कारण से समुद्र में विशाल लहरें उठ सकती हैं. 

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नई दिल्ली: अफगानिस्तान को लेकर भारत ने बड़ा फैसला किया है. प्रताड़ित सिखों-हिंदुओं को वापस भारत लाया जाएगा. पाकिस्तानी समर्थित आतंकियों की ओर से इन्हें निशाना बनाया जा रहा था. सूत्रों के अनुसार करीब 700 सिखों और हिंदुओं को दिल्ली आने की इजाजत मिलेगी. भारत सरकार जल्द ही सभी के दिल्ली आने की व्यवस्था करेगी. जिसके बाद सभी को लंबे वक्त के लिए वीजा दिया जा सकता है. 

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पाकिस्तानी समर्थित आतंकी संगठन के लोग बना रहे निशाना: 
आपको बता दें कि पिछले कुछ समय से सिख नेताओं और हिंदू मूल के नेताओं को अफगानिस्तान में निशाना बनाया जा रहा है. यहां एक अफगानी सिख नेता को अगवा कर लिया गया था, जिसके बाद से ही सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थीं. अफगानिस्तान में भारत के कई लोग काम के सिलसिले में रहते हैं. ऐसे में पाकिस्तानी समर्थित आतंकी संगठन के लोग उनको निशाना बनाते रहते हैं. इसको लेकर कई बार ऐसे मामले भी सामने आ चुके हैं. 

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नागरिकता संशोधन एक्ट में हुआ था बदलाव:
गौरतलब है कि भारत सरकार ने कुछ समय पहले ही नागरिकता संशोधन एक्ट में बदलाव किया था. जिसके बाद पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रह रहे हिन्दू, सिख, जैन, पारसी, ईसाई और बौद्ध मूल के लोगों को भारत में शरण दी जा सकती है. इस एक्ट में बदलाव का देश में काफी विरोध भी हुआ था, हालांकि सरकार अपने फैसले पर कायम रही. 

 

ट्विटर्स पर हैकर्स का सबसे बड़ा हमला, ओबामा, बिल गेट्स, जेफ बेजोस समेत कई बड़ी हस्तियों अकाउंट हुआ हैक

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नई दिल्ली: ट्विटर के लिए बुधवार की रात पूरी तरह से भयावह रही जब नामी गिरामी लोगों ने इसमे सेंध लगने की शिकायत की. बराक ओबामा, एमेजन सीईओ जेफ बेजोस, वारेन बफेट, बिल गेट्स और एलन मस्क समेत दुनिया के कई दिग्गजों के ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिया गया, जिसके बाद कई घंटों तक ट्विटर ने ब्लू टिक वाले सभी अकाउंट को बंद कर दिया. ट्विटर के इतिहास में ये अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा में सेंध मानी जा रही है.

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ट्वीट कर बिटक्वाइन के रूप में पैसा मांगा जा रहा था:
अकाउंट हैक करने के बाद सभी अकाउंट्स से ट्वीट कर बिटक्वाइन के रूप में पैसा मांगा जा रहा था, हालांकि अभी फौरी तौर पर इस मुश्किल को दूर कर लिया गया है. हालांकि ट्विटर ने कहा है कि यह उसके लिए एक कठिन दिन है और वह इस समस्या को जल्द ही सुधारने के लिए काम कर रही है.

आप मुझे एक हज़ार डॉलर भेजिए मैं आपको दो हज़ार डॉलर वापस भेजूंगा:
बिल गेट्स के अकाउंट से किए गए ट्वीट में कहा गया कि हर कोई मुझसे समाज को वापस लौटाने के लिए कहता रहा है, अब वो समय आ गया है. आप मुझे एक हज़ार डॉलर भेजिए मैं आपको दो हज़ार डॉलर वापस भेजूंगा. कई अन्य लोगों ने भी इसी से मिलती जुलती शिकायत की.

कुछ ही मिनट बाद डिलीट हो गए:
इन मशहूर हस्तियों के अकाउंट से पोस्ट किए गए यह ट्वीट कुछ ही मिनट बाद डिलीट हो गए. परंतु इसके बाद तो जैसे एक लहर सी चल पड़ी और कई अन्य प्रमुख लोगों के अकाउंट धड़ाधड़ हैक होने लगे. 

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बिटक्वाइन क्या है?
आपको बता दें कि रुपये और डॉलर बिटक्वाइन एक डिजिटल करेंसी है, जिसे डिजिटिल बैंक में ही रखा जा सकता है. अभी इसे कुछ ही देशों में लागू किया गया है और हर जगह एक बिटक्वाइन की कीमत काफी अधिक है. इन्वेस्टमेंट के हिसाब से लोगों को ये काफी लुभावना लगता है.
 

भारत में नकली अयोध्या बताकर घर में ही घिरे पीएम केपी ओली

भारत में नकली अयोध्या बताकर घर में ही घिरे पीएम केपी ओली

काठमांडू: नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने दावा किया कि भारत ने सांस्कृतिक अतिक्रमण के लिए नकली अयोध्या का निर्माण किया है. जबकि, असली अयोध्या नेपाल में है. ओली ने सवाल किया कि उस समय आधुनिक परिवहन के साधन और मोबाइल फोन (संचार) नहीं था तो राम जनकपुर तक कैसे आए? उन्होंने दावा किया कि लेकिन, हमने भारत में स्थित अयोध्या के राजकुमार को सीता नहीं दी. बल्कि नेपाल के अयोध्या के राजकुमार को दी थी. अयोध्या एक गांव हैं जो बीरगंज के थोड़ा पश्चिम में स्थित है. भारत में बनाया गया अयोध्या वास्तविक नहीं है. 

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बेतुकी टिप्पणी पर वे अब घर में घिरते नजर आ रहे:  
वहीं ओपी की इस बेतुकी टिप्पणी पर वे अब घर में घिरते नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर ओली के इस बयान का मजाक किया जा रहा है, इसके साथ नेपाल के कई बड़े नेता भी इस टिप्पणी को लेकर आपत्ति जाहिर कर रहे हैं. इससे पहले भी नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) पहले ही ओली को भारत विरोधी बयानों के लिए चेतावनी दे चुकी है. 

धर्म राजनीति और कूटनीति से ऊपर: 
नेपाली लेखक और पूर्व विदेश मंत्री रमेश नाथ पांडे ने ट्वीट किया है कि धर्म राजनीति और कूटनीति से ऊपर है. यह एक बड़ा भावनात्मक विषय है. अबूझ भाव और ऐसी बयानबाज़ी से आप केवल शर्मिंदगी महसूस करते हैं. और अगर असली अयोध्या बीरगंज के पास है तो फिर सरयू नदी कहाँ है?

आदि-कवि ओली द्वारा रचित कल युग की नई रामायण सुनिए:
वहीं नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बाबू राम भट्टाराई ने ओली के बयान पर व्यंग्य करते हुए लिखा है कि आदि-कवि ओली द्वारा रचित कल युग की नई रामायण सुनिए, सीधे बैकुंठ धाम का यात्रा करिए.

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इस तरह के निराधार, अप्रमाणित बयानों से बचना चाहिए:
राष्ट्रीय प्रजातांत्री पार्टी के सह-अध्यक्ष कमल थापा ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री के लिए इस तरह के निराधार, अप्रमाणित बयानों से बचना चाहिए. थापा ने ट्वीट किया कि  ऐसा लग रहा है कि पीएम तनावों को हल करने के बजाय नेपाल-भारत संबंधों को और खराब करना चाहते हैं. सिर्फ कमल ही नहीं नेपाल राष्ट्रीय योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष स्वर्णिम वागले ने चेतावनी दी कि भारतीय मीडिया पीएम के ऐसे बयान से विवादास्पद सुर्खियां बटोर सकता है और बना सकता है. 

नेपाल में भारी बारिश ने मचाई तबाही, कई जगह हुआ भूस्खलन, 10 लोगों की मौत 

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नई दिल्ली: नेपाल में भारी बारिश ने कहर बरपाया है, जिसकी वजह से नदी और नाले उफान पर है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो रहा है. अब तक बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो गई है. जबकि कई लोग लापता हो गए है. जिनकी तलाश जारी है.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन:
इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. आपको बता दें कि  नेपाल में बीते 7 जुलाई से 9 जुलाई के बीच हुई बारिश के चलते मायागड़ी, जाजरकोट और सिंधुपालचोक जिलों में भारी भूस्खलन हुआ है. 

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यहां पर हुआ भारी भूस्खलन:
एक अधिकारी ने बताया कि ​7 जुलाई से 9 जुलाई के बीच सिंधुपालचोक इलाके में तेज बारिश हुई है. बारिश के पानी की वजह से कई घर बह गए हैं. गत 24 घंटों में नेपाल के कई जिलों में मानसून की तेज बारिश के चलते हुए बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं. बारिश के चलते मायागड़ी, जाजरकोट और सिंधुपालचोक जिलों में भारी भूस्खलन हुआ है. 

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जैसलमेर: पाकिस्तान के रास्ते भारत आया टिड्डी दल फसलों को काफी नुकसान पहुंचा रहा है. खासतौर पर राजस्थान के कई जिलों में इनका असर सबसे ज्यादा है. कई किलोमीटर लंबे टिड्डी दल राजस्थान के आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में बार-बार हमला कर रहे हैं. टिड्डी दल के हमले से अब पाकिस्तान बॉर्डर से लगे राजस्थान के जिलों में किसानों पर आफत आ गई है. अब अगस्त में एक बार फिर पाकिस्तान के रास्ते कारोड़ों टिड्डियों का दल भारत में आ सकता है. राजस्थान कृषि विभाग के अनुसार जुलाई और अगस्त में टिड्डी दल के हमलों में बढ़ोतरी हो सकती है. मानसून का सीजन शुरू हो चुका है, और बारिश में टिड्डियां ज्यादा अंडे देती हैं. 

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अब तक 2 लाख हैक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी:  
टिड्डी दलों के हमले से अब तक 2 लाख हैक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है. राजस्थान के कृषि विशेषज्ञों की मानें तो अब हमले ज्यादा बड़े और लगातार होंगे. इन हमलों से यदि प्रदेश की 10 प्रतिशत फसल भी बर्बाद हुई तो नुकसान का आंकड़ा लगभग 4 हजार करोड़ तक पहुंच सकता है. कृषि विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की आशंका और अब तक हुए हमलों को ध्यान में रखते हुए टिड्डियों पर नियंत्रण के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं. केंद्र सरकार ने हेलीकॉप्टर से कीटनाशक स्प्रे कराने का प्रबंध किया है. वहीं राज्य सरकार जमीनी स्तर पर कीटनाशक का स्प्रे कराने के साथ ही अन्य आवश्यक कदम उठा रही है. फायर ब्रिगेड, ड्रोन व ट्रेक्टर का सहारा लेकर इन पर नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है. 

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टिड्डी नष्ट करने के लिये हेलिकॉप्टर की मदद ली गई:
जैसलमेर में टिड्डी नियंत्रण अधिकारी राजेश कुमार व कृषि उपनिदेशक राधेश्याम नारवाल ने बताया कि जैसलमेर जिले में आज  टिड्डी नष्ट करने के लिये हेलिकॉप्टर की मदद ली गई. जैसलमेर जिले के धनाना क्षेत्र में 140 आर.डी क्षेत्र में हेलिकॉप्टर से कीटनाशक का स्प्रे कर 50 से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण किया गया. इसके साथ ही जिले में रविवार को कुल 351 हेक्टेयर क्षेत्र मे टिड्डी नियंत्रण किया गया जिनमें पोकरण, डेलासर, एकां, अमीरों की बस्ती प्रमुख रूप से शामिल है. उन्होंने बताया कि जैसलमेर में 908 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण की कार्यवाही की गई. जिले के मुल्ताना, फतेहगढ़, बांधा, ओला, सोढ़ाकर पोकरण, दूधिया आदि क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर, ड्रोन, व्हीकल माउंटेन स्प्रेयर के जरिए टिड्डी नियंत्रण किया गया. 

LAC विवाद पर भारत-चीन में समझौता, गलवान घाटी से पीछे हटे चीनी सैनिक

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नई दिल्ली: भारत-चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की. विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग ने सीमावर्ती क्षेत्रों में हालिया घटनाक्रमों पर खुलकर बातचीत हुई और व्यापक तौर पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया. जानकारी के मुताबिक शांति बहाल करने को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत हुई. गलवान जैसी झड़प भविष्य में नहीं होने पर बातचीत हुई.  

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चीनी सैनिकों ने पीछे हटना किया शुरू:
डोभाल और वांग यी के बीच बातचीत ऐसे समय में हुई है जब चीन की सेना गलवान घाटी के कुछ हिस्सों से तंबू हटाते और पीछे हटती नजर आई. सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी. क्षेत्र में सैनिकों के पीछे हटने का यह पहला संकेत है.खबरों के मुताबिक दोनों पक्षों के कोर कमांडरों के बीच हुए समझौते के तहत चीनी सैनिकों ने पीछे हटना शुरू किया है. 

गलवान घाटी में 15 जून को हुई थी हिंसक झड़प:
उन्होंने कहा कि चीनी सेना गश्त बिंदु 14 पर लगाए गए तंबू एवं अन्य ढांचे हटाते हुए देखी गई है. गौरतलब है कि गलवान घाटी में 15 जून को हिंसक झड़प हुई. जिसके बाद तनाव बढ़ गया था, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. चीन के सैनिक भी इस झड़प में हताहत हुए थे लेकिन उसने अब तक इसके ब्योरे उपलब्ध नहीं कराए हैं.

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