पाकिस्तान के 'नापाक' मंसूबे लगातार जारी, आतंकियों की घुसपैठ के लिए PoK को बनाया लॉन्‍च पैड'

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/24 03:01

रावलकोट : आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए दुनियाभर में पाकिस्तान की किरकिरी के बावजूद वो अपना रास्ता बदलने को तैयार नहीं है. पाकिस्‍तान कश्मीर में किस तरह आतंकियों को प्रोत्‍साहन देता है, यह कोई छिपी बात नहीं है भारत कई मौकों पर इसके लिए आगाह कर चुका है तो अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन सहित कई अन्‍य देशों से भी आतंकवाद के मुद्दे पर उसे नसीहत मिलती रही है, पर उसकी नीतियों में कोई बदलाव आता नजर नहीं आ रहा है. आतंकवाद के मुद्दे पर पर्याप्‍त कार्रवाई नहीं करने के कारण FATF के एशिया पैसिफ‍िक ग्रुप (APG) ने जहां उसे ब्‍लैक लिस्‍ट कर दिया है, वहीं अब पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर (PoK) के एक कार्यकर्ता ने भी कहा है कि जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्‍तान का हाथ है और आतंकियों को प्रोत्‍साहन देकर वहां हिंसा व अस्थिरता फैला रहा है.माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यहां से घुसपैठ की और ज्यादा कोशिश हो सकती है. जिसके चलते बीएसएफ हाई अलर्ट पर है

जम्‍मू-कश्‍मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के नेता सरदार सागिर ने पाकिस्‍तान पर कश्‍मीर में आतंकी घटनाओं के लिए सीधे तौर पर पाकिस्‍तान को जिम्‍मेदार ठहराते हुए कहा कि उसकी धरती पर सक्रिय लश्‍कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्‍मद जैसे आतंकी संगठनों ने कश्‍मीर में हिंसा फैलाई. उन्‍होंने साफ कहा कि जैश बड़ी संख्‍या में आतंकियों को भारत में घुसपैठ के लिए प्रशिक्षण देता है, जो कश्‍मीर में अस्थिरता फैलाते हैं. उन्‍होंने जोर देकर कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकियों की घुसपैठ के लिए पाकिस्‍तान पीओके का इस्‍तेमाल 'लॉन्‍च पैड' के तौर पर करता है
जेकेएलएफ नेता ने यह भी कहा कि 1990 के दशक में कश्‍मीर में भड़की आतंकी हिंसा के लिए सीधे तौर पर पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसियां जिम्‍मेदार हैं, जिनकी शह पर हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों की अगुवाई में लश्‍कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा और जैश-ए-मोहम्‍मद ने कश्‍मीर में अस्थिरता फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर आतंकियों को प्रशिक्षण दिया. उन्‍होंने यह भी कहा कि आज भी पाकिस्‍तान कश्‍मीर में अशांति फैलाने के लिए आतंकियों को प्रश्रय व प्रोत्‍साहन दे रहा है और 'नॉन स्‍टेट एक्‍टर्स' उन्‍हें प्रशिक्षित कर रहे हैं

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