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महंगा होगा पेट्रोल, तेल की कीमत में सर्वाधिक उछाल की सम्भावना

महंगा होगा पेट्रोल, तेल की कीमत में सर्वाधिक उछाल की सम्भावना

नई दिल्ली  :सऊदी अरब में तेल प्लांट पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ने टेंशन बढ़ा दी है सोमवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत में 19 फीसदी तक तेजी आई.सऊदी अरब के तेल के खदानों पर ड्रोन से हमला हुआ है. शनिवार की सुबह दो धमाके हुए जिसके कारण सऊदी अरब में तेल का उत्पादन घट गया है. दुनिया में हर दिन तेल का जितना उत्पादन होता है उसका पांच प्रतिशत उत्पादन घट गया है. अबक़ैक में दुनिया का सबसे बड़ा तेल संशोधन कारखाना है. ख़ुरैस तेल के खदान पर भी हमला हुआ है. ये दोनों ही सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के हैं. इस हमले के कारण तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं. सोमवार को ही कच्चे तेल की कीमत 20 प्रतिशत बढ़ गई. 60 डॉलर प्रति बैरल से 72 डॉलर प्रति बैरल हो गया. 1980 के बाद पहली बार एक दिन में इतना उछाल आया है तेल की कीमतों में.

5-6 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं दाम  
अगले 15 दिनों में भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में 5 से 6 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो सकता है. ऐसा विशेषज्ञों का अनुमान है. कोटक की हालिया एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उछाल आने के कारण भारत की ऑइल मार्केटिंग कंपनियां अगामी पखवाड़े में डीजल और गैसोलीन के दाम में 5 रुपये से 6 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर सकती हैं.

विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अधिक समय तक कीमतें अधिक रहीं तो यह भारत के आर्थिक विकास पर बुरा असर डालेगा क्योंकि यह अपनी जरूरत का 83% आयात करता है.इससे करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ने के साथ जीडीपी ग्रोथ पर दबाव बनेगा और करंसी में भी कमजोरी बढ़ेगी.1991 के खाड़ी युद्ध के बाद यह एक दिन में आया सर्वाधिक उछाल है इससे भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ी है और आर्थिक विकास को दोबारा गति देने के प्रयास में जुटी सरकार की चुनौतियों में इजाफा होगा

सऊदी के तेल उद्योग के केंद्र में ड्रोन हमले के बाद पहली बार खुले बाजार में ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 19 फीसदी महंगा होकर 72 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. हालांकि, बाद में यह 67 डॉलर पर बंद हुआ। ड्रोन अटैक के कारण सऊदी अरब में ऑइल प्रॉडक्शन का आधा हिस्सा ठप पड़ गया है, जोकि डेली ग्लोबल सप्लाई का 6% है

दशकों में सबसे बड़ा संकट
इंटरनैशनल एनर्जी एजेंसी के मुताबिक, सऊदी संकट ने कुवैत और इराक के तेल उत्पादन को अगस्त 1990 में हुए नुकसान के स्तर को भी पार कर लिया है, जब सद्दाम हुसैन ने अपने पड़ोसी पर आक्रमण कर दिया था. यह 1979 में इस्लामिक क्रांति के दौरान ईरानी तेल उत्पादन के घाटे को भी पार कर गया है. हालांकि, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के महासचिव मोहम्मद बरकिंडो ने कहा है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है.

 

 

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राजेश नांबियार होगें कॉग्निजेंट के नये सीएमडी, अगले महिने से संभालेगें पदभार

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नई दिल्ली:  प्रमुख आईटी कंपनी कॉग्निजेंट ने हाल ही में एक बड़ी घोषणा की है. खबर है कि राजेश नांबियार को अपने भारतीय परिचालन का अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक (सीएमडी) और विशेष कार्यकारी समिति का सदस्य बनाया जा रहा है.  उनकी नियुक्ति नौ नवंबर से प्रभावी होगी. कंपनी ने एक बयान में बताया कि नांबियार नेटवर्किंग, सिस्टम और सॉफ्टवेयर कंपनी सिएना से कॉग्निजेंस में शामिल होंगे.  वह फिलहाल सिएना इंडिया के अध्यक्ष हैं.

कॉग्निजेंस के सीईओ ब्रायन हम्फ्रीज ने बताया कि भारतीय परिचालन के सीएमडी की भूमिका में नांबियार कंपनी के ब्रांड को मजबूत करने, सरकारी एजेंसियों, उद्योग संघों, विश्वविद्यालयों और मीडिया के साथ संबंधों को मजबूत बनाने के लिए काम काम करेंगे.  इस घोषणा के बाद उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी नीतियों और अच्छी मैनेजमेंट स्किल्स से कंपनी को बुलंदियों पर ले जाएंगे, साथ ही कंपनी नये कीर्तिमान स्थापित करेगी. (सोर्स-भाषा)

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सेंसेक्स 377 अंक उछला, कोटक बैंक के शेयर में 12 प्रतिशत की तेजी

सेंसेक्स 377 अंक उछला, कोटक बैंक के शेयर में 12 प्रतिशत की तेजी

मुंबई: वैश्विक स्तर पर गिरावट के बावजूद घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स 377 अंक मजबूत हुआ. कोटक महिंद्रा बैंक के बेहतर तिमाही परिणाम के बाद उसके शेयर में जोरदार लिवाली का बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा. 

भारतीय शेयरों में एफआईआई का प्रवाह बढ़ने की उम्मीदः
कारोबारियों के अनुसार एमएससीआई (मॉर्गन स्टेनले कैपिटल इंटरनेशनल) के बयान से निवेशकों की धारणा पर सकारात्मक असर पड़ा. उसने कहा है कि वह अपने वैश्विक सूचकांकों में बदलाव करेगा जिससे शेयरों के लिये देश की विदेशी मालिकाना हक की सीमा में बदलाव प्रतिबिंबित हो. इससे भारतीय शेयरों में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 376.60 अंक यानी 0.94 प्रतिशत की बढ़त के साथ 40,522.10 अंक पर बंद हुआ. इसी प्रकार, नेश्नल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 121.65 अंक या 1.03 प्रतिशत मजबूत होकर 11,889.40 अंक पर पहुंच गया.

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सेंसेक्स के शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक में जोरदार तेजीः
सेंसेक्स के शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक में जोरदार तेजी आयी. बैंक का जुलाई-सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 22 प्रतिशत उछलकर 2,947 करोड़ रुपये रहने के बाद उसका शेयर करीब 12 प्रतिशत उछला. बैंक ने इंडसइंड बैंक के विलय को लेकर अटकलों को खारिज नहीं किया है. निजी क्षेत्र के बैंक ने कहा कि हाल में जुटाए गए 7,000 करोड़ रुपये का उपयोग अधिग्रहण समेत अन्य कार्यों में सोच-समझकर किया जाएगा. लाभ में रहने वाले अन्य प्रमुख शेयरों में नेस्ले इंडिया, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, एलएंडटी, एक्सिस बैंक और बजाज ऑटो शामिल हैं.दूसरी तरफ जिन प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी, उनमें टीसीएस, ओएनजीसी, इन्फोसिस, एचडीएफसी और एसबीआई शामिल हैं. इनमें 2.09 प्रतिशत तक की गिरावट आयी.

वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख के बावजूद घरेलू बाजार का अच्छा प्रदर्शनः
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि एमएससीआई रिपोर्ट के आधार पर निवेश सीमा बढ़ाकर भारत में एफआईआई प्रवाह बढ़ने के अनुमान से वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख के बावजूद घरेलू बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहा. पश्चिमी देशों में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने को लेकर चिंता को देखते हुए तेजी की प्रवृत्ति बने रहने की संभावना कम है. कोरोना वायरस फैलने और उसे रोकने के लिये कुछ पश्चिमी देशों में ‘लॉकडाउन’ से वैश्विक बाजारों पर नकारात्मक असर पड़ा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनाों में भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका है. इसका कारण अमेरिका में चुनाव की तारीख नजदीक आना है. इसके अलावा कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण आर्थिक पाबंदियां लगाया जाना है.

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया में 13 पैसे की बढ़तः 
एशिया के अन्य बाजारों में ज्यादातर में गिरावट दर्ज की गयी. इसका मुख्य कारण सोमवार को वॉलस्ट्रीट में आयी गिरावट है. हांगकांग, सियोल और तोक्यो बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. हालांकि चीन के शंघाई में तेजी रही. यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा. इसका प्रमुख कारण कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण स्पेन और इटली जैसे देशों में आर्थिक गतिविधियों पर फिर से पाबंदी लगाया जाना है. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.76 प्रतिशत बढ़त के साथ 41.12 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे बढ़त के साथ 73.71 पर बंद हुआ.
सोर्स भाषा

ई-कॉमर्स कंपनियों ने त्योहारी सेल के पहले सात दिन में बेचा 4.1 अरब डॉलर का सामान : रिपोर्ट

ई-कॉमर्स कंपनियों ने त्योहारी सेल के पहले सात दिन में बेचा 4.1 अरब डॉलर का सामान : रिपोर्ट

नयी दिल्ली: ई-कॉमर्स कंपनियों ने 15 से 21 अक्टूबर के बीच अपनी त्योहारी सेल के पहले हफ्ते में 4.1 अरब डॉलर यानी करीब 29,000 करोड़ रुपये का सामान बेचा है. यह पिछले साल के मुकाबले 55 प्रतिशत अधिक है. बाजार आंकड़े जुटाने वाली कंपनी रेडसीर ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी. पिछले साल कंपनियों ने अपनी त्योहारी सेल के दौरान पहले हफ्ते में 2.7 अरब डॉलर का सामान बेचा था. रेडसीर ने इस साल त्योहार से पहले वाली सेल में ई-कॉमर्स कंपनियों के चार अरब डॉलर का सामान बेचने का अनुमान जताया था.

सबसे ज्यादा 47 प्रतिशत रही स्मार्टफोन की बिक्री
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियों की कुल त्योहारी बिक्री में स्मार्टफोन की हिस्सेदारी सबसे अधिक यानी 47 प्रतिशत रही. इसकी वजह ज्यादा से ज्यादा नए मॉडलों या सस्ते स्मार्टफोन को बाजार में उतारना रहा. फ्लिपकार्ट, अमेजन, स्नैपडील इत्यादि समेत विभिन्न ई-वाणिज्य मंचों पर सेल के पहले हफ्ते में हर मिनट करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के स्मार्टफोन की बिक्री हई.

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फ्लिपकार्ट और अमेजन की कुल 90 प्रतिशत रही भागीदारीः
रेडसीर ने कहा कि त्योहारी बिक्री में फ्लिपकार्ट और अमेजन की कुल भागीदारी 90 प्रतिशत रही और इसमें वालमॉर्ट समूह की फ्लिपकार्ट ने बाजी मारी. दोनों की कुल बिक्री में से 68 प्रतिशत हिस्सेदारी फ्लिपकार्ट के पास रही. रेडसीर कंसल्टिंग के निदेशक मृगांक गुटगुटिया ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों ने हमारे कुछ हफ्ते पहले के अनुमान से अधिक बिक्री की. यह देश में ग्राहकों की खरीद धारणा में फिर से सुधार को दिखाता है. क्षेत्र के आधार पर दूसरे दर्जे के शहरों की हिस्सेदारी सेल के दौरान अधिक रही और उम्मीद से ज्यादा ग्राहक इन शहरों से मिले. रिपोर्ट के मुताबिक इस साल त्योहारी सेल के दौरान खरीदारी करने वाले ग्राहकों की संख्या 5.2 करोड़ तक पहुंच गयी जो पिछले साल की 2.8 करोड़ के मुकाबले 85 प्रतिशत अधिक है. इसमें से करीब 55 प्रतिशत ग्राहक आसनसोल, लुधियाना, धनबाद, राजकोट, जैसे दूसरे दर्जे के शहरों से मिले.
सोर्स भाषा

VIDEO: कोरोना काल में एविएशन का टूरिज्म ठप ! जयपुर के अलावा प्रदेश के दूसरे एयरपोर्ट्स पर बुरे हाल

जयपुर: लॉक डाउन के बाद हवाई सेवाओं का संचालन शुरू हुए 5 माह बीत चुके हैं. रविवार से लागू हुए फ्लाइट्स के विंटर शेड्यूल में उम्मीद की जा रही थी कि प्रदेश में एविएशन सेक्टर की हालत में सुधार होगा, लेकिन जयपुर एयरपोर्ट को छोड़ दें तो प्रदेश के अन्य एयरपोर्ट्स पर हवाई सेवाओं की स्थिति बहुत ज्यादा बेहतर नहीं हो सकी है. किस तरह के बदलाव हो रहे हैं एयरपोर्ट्स पर, देखिए फर्स्ट इंडिया न्यूज की ये खास रिपोर्ट...

उदयपुर एयरपोर्ट जयपुर के बाद प्रदेश का दूसरा प्रमुख एयरपोर्ट:
पिछले कुछ वर्षों में उदयपुर एयरपोर्ट में एविएशन का पॉजिटिव ग्राफ देखने को मिल रहा था. पिछले वर्ष सर्दियों के सीजन में यहां से रोज औसतन 18 फ्लाइट संचालित हो रही थीं. उदयपुर एयरपोर्ट जयपुर के बाद प्रदेश का दूसरा प्रमुख एयरपोर्ट है. चूंकि पर्यटन के लिहाज से उदयपुर काफी महत्वपूर्ण है, ऐसे में यहां से हवाई सेवाओं का संचालन भी बेहतर हो रहा था. लेकिन इस बार पर्यटन सीजन शुरू होने के बावजूद फ्लाइट संचालन के हालात खराब हैं. उदयपुर एयरपोर्ट से फिलहाल 6 फ्लाइट्स का शेड्यूल है. इनमें से भी रोज 1 या 2 फ्लाइट रद्द हो जाती हैं. ऐसे में रोज औसतन 4 या 5 फ्लाइट ही चल पा रही हैं. इस बारे में उदयपुर एयरपोर्ट की निदेशक नंदिता भट्ट ने बताया कि कोविड-19 के चलते अभी कम संख्या में फ्लाइट संचालित हो रही हैं. यात्रीभार कम होने पर कई बार ऐनवक्त पर भी फ्लाइट रद्द करनी पड़ जाती हैं. जोधपुर एयरपोर्ट पर भी कमोबेश यही हाल हैं. रविवार से यहां फ्लाइट्स का विंटर शेड्यूल लागू हुआ है, लेकिन अभी भी यहां से रोज औसतन 3 या 4 फ्लाइट ही चलेंगी. जबकि पिछले वर्षों में यहां से एयर कनेक्टिविटी काफी बेहतर हुई थी. जोधपुर से पिछले साल इंदौर, सूरत, अहमदाबाद सहित 7 शहरों के लिए फ्लाइट चल रही थीं, लेकिन अब केवल दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई और बेंगलूरु के लिए फ्लाइट चलेंगी. जैसलमेर एयरपोर्ट से जयपुर और सूरत की एयर कनेक्टिविटी भी बंद हो गई है. आइए अब आपको बताते हैं कि किस एयरपोर्ट से कितनी फ्लाइट हो रही हैं संचालित...

किस एयरपोर्ट से कितना फ्लाइट संचालन:
- उदयपुर एयरपोर्ट से विंटर शेड्यूल में चलेंगी 6 फ्लाइट
- इंडिगो की दिल्ली, मुम्बई और बेंगलूरु के लिए फ्लाइट
- विस्तारा की दिल्ली व मुम्बई की फ्लाइट
- एयर इंडिया की दिल्ली की 1 फ्लाइट संचालित
- जोधपुर एयरपोर्ट से 5 फ्लाइट्स का होगा संचालन
- इंडिगो की चेन्नई, मुम्बई और बेंगलूरु की 3 फ्लाइट चलेंगी,
- विस्तारा की दिल्ली के लिए फ्लाइट संचालित होगी 3 दिन

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- एयर इंडिया की दिल्ली की फ्लाइट चलेगी 3 दिन
- जैसलमेर एयरपोर्ट से 4 फ्लाइट
- ट्रूजेट की अहमदाबाद के लिए 1 फ्लाइट
- स्पासइजेट की मुम्बई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए एक-एक फ्लाइट

- किशनगढ़ एयरपोर्ट से रोज 4 फ्लाइट
- स्पाइसजेट की 3 फ्लाइट उपलब्ध, अहमदाबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू हुई्
- स्पाइसजेट की हैदराबाद व दिल्ली की फ्लाइट पहले से उपलब्ध
- स्टार एयर की इंदौर के लिए 3 दिन, अहमदाबाद के लिए 4 दिन फ्लाइट उपलब्ध

किशनगढ़ एयरपोर्ट से अपेक्षाकृत अधिक फ्लाइट संचालित:
जोधपुर, जैसलमेर और उदयपुर जैसे बड़े एयरपोर्ट्स की तुलना में किशनगढ़ एयरपोर्ट से अपेक्षाकृत अधिक फ्लाइट संचालित हो रही हैं. किशनगढ़ एयरपोर्ट पर 10 नवंबर से अहमदाबाद के लिए स्टार एयर की एक नई फ्लाइट भी शुरू होने जा रही है. किशनगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक अशोक कपूर ने बताया कि हमारे एयरपोर्ट से विंटर शेड्यूल में अहमदाबाद की फ्लाइट रिज्यूम हुई है, जो कि पहले बंद हो गई थी. वहीं बीकानेर एयरपोर्ट पर एयर कनेक्टिविटी कम हुई है. बीकानेर एयरपोर्ट से कोरोना से पहले दिल्ली और जयपुर के लिए 2 फ्लाइट संचालित हो रही थीं, लेकिन अब दिल्ली की मात्र 1 फ्लाइट संचालित होगी. बीकानेर से जयपुर के लिए संचालित एयर इंडिया की फ्लाइट बंद हो गई है. कुलमिलाकर कोरोना के चलते एविएशन सेक्टर के हालातों में सुधार नहीं हो पा रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि कोरोना का असर कम होने पर ही फ्लाइट संचालन बढ़ सकेगा.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर
 

Maruti Suzuki ने बेची 8 लाख बलेनो, कायम किया रिकॉर्ड

Maruti Suzuki ने बेची 8 लाख बलेनो, कायम किया रिकॉर्ड

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने  कहा कि उसकी प्रीमियम हैचबैक कार बलेनो की आठ लाख इकाइयां बिक चुकी हैं जो की बेहद ही प्रशंसनीय है. आपको बता दे की इसे कंपनी ने 2015 में भारतीय बाजार में उतारा था. कंपनी ने एक बयान में कहा कि 59 महीनों की रिकॉर्ड अवधि में आठ लाख की बिक्री का आंकड़ा पार करना एक कीर्तिमान है. 

मारुति सुजुकी के विपणन और बिक्री कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि पांच वर्ष की छोटी अवधि में आठ लाख ग्राहकों का आंकड़ा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह बलेनो को पेश करने की हमारी ग्राहक उन्मुखी धारणा को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि बलेनो ने कंपनी को प्रीमियम हैचबैक श्रेणी में स्थापित करने में मदद की है. साथ ही कंपनी की ‘नेक्सा’ बिक्री केंद्र श्रृंखला को पहचान दी है. (सोर्स-भाषा)

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मर्सिडीज बेंज ने नवरात्रि, दशहरा के दौरान 550 कारों की डिलिवरी की

मर्सिडीज बेंज ने नवरात्रि, दशहरा के दौरान 550 कारों की डिलिवरी की

नयी दिल्ली: लक्जरी कार बनाने बनाने वाली जर्मनी की कंपनी मर्सिडीज-बेंज ने नवरात्रि और दशहरा के दौरान 550 कारों की डिलिवरी की. यह बिक्री त्यौहारी मौसम में तेज मांग को दिखाता है. कंपनी ने यह आपूर्ति मुंबई, गुजरात, दिल्ली-एनसीआर और अन्य उत्तर भारतीय बाजारों में की है.

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175 कारों की आपूर्ति अकेले दिल्ली-एनसीआर मेंः
मर्सिडीज-बेंज ने एक बयान में कहा कि इनमें से 175 कारों की आपूर्ति अकेले दिल्ली-एनसीआर में की गयी. आने वाले दिनों में धनतेरस और दिवाली के दौरान मांग में और वृद्धि होने की उम्मीद है. इस बारे में कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्टिन श्वेंक ने कहा कि इस साल त्यौहारी मौसम की शुरुआत अच्छी रही है. ग्राहकों की सकारात्मक खरीद धारणा देखकर हम खुश रहे हैं. उन्होंने कहा कि इतनी कारों की डिलिवरी ने हमें त्यौहारों में अच्छी बिक्री का भरोसा दिया है.
सोर्स भाषा

खाने में चिकन तंदूरी की जगह लेगा तयीर सादम, मेरे बाद एचडीएफसी बैंक में आएगा बस इतना फर्क: पुरी 

खाने में चिकन तंदूरी की जगह लेगा तयीर सादम, मेरे बाद एचडीएफसी बैंक में आएगा बस इतना फर्क: पुरी 

मुंबईः देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक ‘एचडीएफसी बैंक’ के नेतृत्व में 25 साल बाद बदलाव हो गया है. सोमवार से शशिधर जगदीशन बैंक का नेतृत्व करेंगे. पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) आदित्य पुरी का कहना है कि उनके जाने से बैंक की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं आने वाला है. उन्होंने कहा कि सोमवार से सिर्फ इतना बदलाव आयेगा कि चिकन तंदूरी की जगह तयीर सादम (कर्ड-राइस) ले लेगा. चिकन तंदूरी पंजाबियों का पसंदीदा भोजन माना जाता है और आदित्य पुरी पंजाबी हैं. अब उनकी जगह लेने जा रहे जगदीशन तमिल हैं और तयीर सादम तमिल लोगों का पसंदीदा डिश है.

सफलता पूरी टीम ने सतत काम कर की हासिलः
करीब 25 साल की पारी में एचडीएफसी बैंक को देश का सबसे बड़ा निजी बैंक बनाने वाले पुरी ने कहा कि यह सफलता पूरी टीम ने सतत काम कर हासिल की है. उनका कहना है कि आईसीआईसीआई बैंक को पीछे छोड़ने का राज काम पर ध्यान बनाये रखना और किसी प्रयास को बड़ा बनाने से पहले छोटे स्तर पर प्रयोग करना है. उन्होंने कहा कि दोस्ती से काम को प्रभावित नहीं होने देने के नियम ने बैंक को अभी तक किसी भी धोखाधड़ी से बचाया है.

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बैंक के काम में यारबाजी नहीं चलतीः
उल्लेखनीय है कि पुरी को एचडीएफसी के दीपक पारेख ने 1990 की शुरुआत में तब बुलाया था, जब भारत में उदारीकरण की शुरुआत हो रही थी. पुरी तब मलेशिया में एक विदेशी बैंक का परिचालन संभाल रहे थे. बैंकों में धोखाधड़ी के खतरे के बारे में पुरी ने कहा कि बैंक के काम में यारबाजी नहीं चलती.
सोर्स भाषा

टाटा मोटर्स को यात्री वाहन कारोबार के लिए भागीदार की तलाश

टाटा मोटर्स को यात्री वाहन कारोबार के लिए भागीदार की तलाश

नई दिल्ली: टाटा मोटर्स अपने यात्री वाहन कारोबार के लिए भागीदार की तलाश कर रही है. टाटा मोटर्स के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कंपनी अगले दशक की वृद्धि के लिए तैयारी कर रही है. इस दौरान नई प्रौद्योगिकियों, नियमनों में भारी निवेश देखने को मिलेगा. कंपनी द्वारा अपने यात्री वाहन कारोबार के लिए एक अलग इकाई बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. साथ ही वह सक्रिय तरीके से भागीदार की तलाश में जुटी है.

इससे पहले टाटा मोटर्स के निदेशक मंडल ने इसी साल एक अलग इकाई बनाने की मंजूरी दी थी. कंपनी यह इकाई अपने यात्री वाहन कारोबार और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए बना रही है. इस इकाई में कंपनी अपने संबद्ध कारोबार की संपत्तियां, बौद्धिक संपदा तथा कर्मचारियों को स्थानांतरित करेगी जिससे एकल आधार पर इसका संचालन किया जा सके. टाटा मोटर्स के अध्यक्ष यात्री वाहन कारोबार इकाई (पीवीबीयू) शैलेश चंद्रा ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा कि इस प्रक्रिया का पूरा उद्देश्य सक्रिय तरीके से भागीदार की तलाश करना है. वास्तविकता यह है कि सहयोग से हम अगले दशक के लिए क्षमता का बेहतर तरीके से दोहन कर सकते हैं. अगले दशक के दौरान नई प्रौद्योगिकियों और नियमनों में भारी निवेश होगा.

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उन्होंने कहा कि भागीदार के जरिये उत्पाद के जीवनचक्र को कम करने और नए उत्पादों को तेजी से पेश करने में मदद मिलेगी. चंद्रा ने कहा कि इन सब के लिए भारी निवेश की जरूरत होगी. साथ ही तत्परता भी महत्वपूर्ण होगी. ऐसे में हम सक्रिय तरीके से भागीदार की तलाश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नई इकाई बनाने की प्रक्रिया चल रही है. साथ ही कंपनी एक भागीदार की तलाश भी कर रही है. इससे हम संपत्तियों और क्षमता का सृजन कर पाएंगे, जिससे दोनों को फायदा होगा. दोनों के लिए समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर चंद्रा ने कहा कि इसके लिए कोई विशेष समयसीमा तय नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि कारोबार को एक अलग वैध इकाई में बदलने के काम को हम एक साल में तेज करना चाहेंगे. जहां तक भागीदार का सवाल है, हम इस पर लगातार काम करते रहेंगे. (भाषा)