भाषा को लेकर योगी सरकार की नई पहल, अब 'संस्कृत' में जारी होंगे प्रेस नोट

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/18 03:17

लखनऊ: उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने भाषा को लेकर नई पहल की है. यूपी के सूचना विभाग ने अब संस्कृत भाषा में प्रेस नोट जारी करने की पहल की है. विभाग ने सीएम योगी की नीति आयोग के साथ हुई बैठक का प्रेस नोट संस्कृत भाषा में जारी किया. बतादें, सूचना विभाग में अभी तक हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में ही प्रेस नोट जारी किए जाते थे.

संस्कृत भारत का डीएनए
इससे पहले हुए एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि संस्कृत भारत का डीएनए है. मालूम हो, संस्कृत भारती के जरिए आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा था, 'संस्कृत अब केवल धार्मिक मंत्र और रीति रिवाज तक ही सीमित होकर रह गई है. हमें इस बात को समझना चाहिए कि जहां विज्ञान का अंत होता है वहीं से संस्कृत शुरू होती है. हमने दिन प्रतिदिन के जीवन में इसका उपयोग न करके संस्कृत को कमजोर कर दिया है.'

योगी ने संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जारी किया फंड
गौरतलब है कि योगी सरकार ने बजट में संस्कृत शिक्षा पर जोर देने की बात कही थी और राशि का आवंटन किया था. सरकार ने संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 314.51 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. सरकार ने संस्कृत पाठशाला को आर्थिक सहायता के लिए 242 करोड़ रुपए दिए. वहीं संस्कृत स्कूल और डिग्री कॉलेज के लिए भी सरकार ने 30 करोड़ रुपए जारी किए.
 

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